Easy indoor plant: सिर्फ एक पत्ती से तैयार होगा नया पौधा! घर पर उगाएं ये 5 Indoor Plants
Easy indoor plant, घर में पौधे लगाना किसे पसंद नहीं होता? हरे-भरे पौधे न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि बालकनी, खिड़की या कमरे के किसी कोने को भी जीवंत बना देते हैं।
Easy indoor plant : घर पर पौधे उगाने का आसान तरीका, बीज-कटिंग नहीं सिर्फ 1 पत्ती चाहिए
Easy indoor plant, घर में पौधे लगाना किसे पसंद नहीं होता? हरे-भरे पौधे न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि बालकनी, खिड़की या कमरे के किसी कोने को भी जीवंत बना देते हैं। आमतौर पर नया पौधा लगाने के लिए बीज या स्टेम कटिंग की जरूरत होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ पौधों को सिर्फ एक पत्ती से भी उगाया जा सकता है? सही परिस्थितियां मिलने पर इन पौधों की पत्ती से जड़ें और फिर नया पौधा विकसित हो सकता है।हालांकि, हर पौधे की पत्ती से नया पौधा नहीं बनता। कुछ प्रजातियों में पत्ती के साथ पेटिओल या पत्ती का छोटा हिस्सा जरूरी होता है, जबकि कुछ में पत्ती का एक हिस्सा भी नई ग्रोथ के लिए पर्याप्त हो सकता है। अगर आप घर पर गार्डनिंग का शौक रखते हैं तो इन पौधों को पत्ती से उगाने की कोशिश कर सकते हैं।

1. स्नेक प्लांट
स्नेक प्लांट घर के लिए लोकप्रिय इंडोर प्लांट है और इसे पत्ती की कटिंग से आसानी से propagate किया जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ और मजबूत पत्ती चुनें। पत्ती को छोटे-छोटे हिस्सों में काटकर मिट्टी में लगाने की विधि अपनाई जाती है।पत्ती के टुकड़े को मिट्टी में लगाते समय यह ध्यान रखें कि उसका सही हिस्सा नीचे की तरफ रहे। मिट्टी बहुत ज्यादा गीली नहीं होनी चाहिए, क्योंकि अधिक पानी से पत्ती सड़ सकती है। इसे ऐसी जगह रखें जहां तेज सीधी धूप के बजाय पर्याप्त indirect light मिले। कुछ समय बाद जड़ें विकसित होने के साथ नई ग्रोथ दिखाई दे सकती है।
2. जेड प्लांट
जेड प्लांट को भी एक स्वस्थ पत्ती से उगाने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए पौधे से एक स्वस्थ और बिना नुकसान वाली पत्ती को सावधानी से अलग करें। इसे तुरंत गीली मिट्टी में दबाने के बजाय कुछ समय सूखी जगह पर रखा जा सकता है, ताकि कटे हुए हिस्से पर हल्की callus layer बनने का मौका मिले।इसके बाद पत्ती को अच्छी drainage वाली मिट्टी के ऊपर रखें। इसे पूरी तरह मिट्टी में दबाने की जरूरत नहीं होती। समय के साथ पत्ती के किनारे से छोटी जड़ें और नई ग्रोथ निकल सकती है। जेड प्लांट में पानी की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए मिट्टी को लगातार गीला रखने से बचें।
3. बेगोनिया
बेगोनिया की कई किस्मों में पत्ती से propagation किया जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ पत्ती चुनें और उसे साफ सतह पर रखें। कुछ किस्मों में पत्ती को मिट्टी के ऊपर रखकर उसके veins के पास छोटे कट लगाए जाते हैं, जिससे वहां से नई growth शुरू हो सके।मिट्टी हल्की और अच्छी drainage वाली होनी चाहिए। नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन पानी जमा नहीं होना चाहिए। पत्ती को indirect light वाली जगह पर रखें और उसे बार-बार हिलाने या निकालकर देखने से बचें। सही वातावरण मिलने पर पत्ती से धीरे-धीरे नई जड़ें और पौधे विकसित हो सकते हैं।
4. अफ्रीकन वायलेट
अफ्रीकन वायलेट को भी पत्ती की मदद से propagate किया जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ पत्ती को उसके petiole यानी डंठल के छोटे हिस्से के साथ पौधे से अलग करें। अब इसे हल्की और अच्छी drainage वाली potting mix में लगाया जा सकता है।पत्ती के डंठल का निचला हिस्सा मिट्टी में होना चाहिए और पत्ती को बहुत गहराई तक नहीं दबाना चाहिए। गमले को ऐसी जगह रखें जहां bright लेकिन indirect light मिले। मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें। समय के साथ पत्ती के आधार से छोटे पौधे निकल सकते हैं।
5. पेपरोमिया
पेपरोमिया की कई किस्मों को पत्ती या पत्ती के डंठल से propagate किया जा सकता है। इसके लिए हमेशा स्वस्थ पत्ती चुनें। पत्ती को मिट्टी में लगाने से पहले उसके कटे हुए हिस्से को थोड़ा सूखने देना कुछ किस्मों में उपयोगी हो सकता है।इसके बाद इसे हल्की, हवा-पानी पास करने वाली मिट्टी में लगाया जा सकता है। मिट्टी में पानी जमा न होने दें और पौधे को तेज सीधी धूप से बचाएं। सही नमी और रोशनी मिलने पर कुछ समय बाद जड़ें विकसित हो सकती हैं।
पत्ती से पौधा उगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
पत्ती से पौधा तैयार करने के लिए सबसे पहले स्वस्थ और रोग-मुक्त पत्ती चुनना जरूरी है। पीली, सड़ी या कीटों से प्रभावित पत्ती से propagation की सफलता कम हो सकती है। इस्तेमाल किए जाने वाले गमले और औजार भी साफ होने चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे।मिट्टी का चुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसी potting mix चुनें जिसमें पानी आसानी से निकल सके। बहुत ज्यादा पानी देना पत्ती से propagation के दौरान सबसे आम गलतियों में से एक है। नमी और पानी में अंतर समझना जरूरी है। मिट्टी हल्की नम रह सकती है, लेकिन उसमें पानी जमा नहीं होना चाहिए।रोशनी के मामले में ज्यादातर ऐसे पौधों के लिए तेज लेकिन indirect light उपयोगी हो सकती है। नई जड़ें बनने में समय लग सकता है, इसलिए बार-बार पत्ती को मिट्टी से निकालकर जांचने से बचें।यह भी ध्यान रखें कि एक पत्ती से नया पौधा बनने में समय पौधे की प्रजाति, तापमान, नमी, प्रकाश और propagation की विधि के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। हर पत्ती सफलतापूर्वक नया पौधा बनाए, यह जरूरी नहीं है।
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