IIT Bombay: IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत पर बवाल, पिता की चेतावनी के बीच प्रोफेसर डूला पर कार्रवाई
IIT Bombay, IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। 18 सितंबर को कैंपस में साहिल की मौत के बाद से ही छात्र संगठन, परिवार और संस्थान के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।
IIT Bombay : साहिल के पिता का अल्टीमेटम, भूख हड़ताल की चेतावनी; डूला छुट्टी पर
IIT Bombay, IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। 18 सितंबर को कैंपस में साहिल की मौत के बाद से ही छात्र संगठन, परिवार और संस्थान के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। अब साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा है कि अगर मामले में नामजद IIT अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह 23 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। मुंबई पहुंचे रविंद्र ने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से भी मुलाकात की और जांच को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं।
पिता ने गिरफ्तारी की मांग उठाई
रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को संस्थान में जातिगत टिप्पणियों और कथित मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। परिवार का कहना है कि साहिल ने अपनी परेशानियों के बारे में उन्हें बताया था। माता-पिता ने यह भी कहा कि उन्होंने उस समय बेटे को ऐसी बातों को नजरअंदाज कर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी, जिसका अब उन्हें अफसोस है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच अभी जारी है और किसी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साबित नहीं हुई है।
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला छुट्टी पर
मामले में IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने उन्हें जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने को कहा है। इससे पहले IIT बॉम्बे ने उन्हें डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स की जिम्मेदारी से भी हटा दिया था। अब बोर्ड की ओर से उच्चस्तरीय समिति गठित किए जाने के बाद डूला को छुट्टी पर भेजने का फैसला सामने आया है। प्रोफेसर डूला पर साहिल के परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दूसरी तरफ IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने डूला का समर्थन करते हुए कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए। इससे साफ है कि इस पूरे मामले में संस्थान के भीतर भी अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
10 सदस्यीय समिति करेगी जांच
IIT बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने साहिल की मौत से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता IIT पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। समिति में छात्रों को भी शामिल किया गया है और उसे अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सौंपने को कहा गया है। इस जांच का उद्देश्य साहिल की मौत से पहले सामने आए घटनाक्रम और संस्थान की प्रक्रियाओं से जुड़े पहलुओं को समझना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाओं की पूरी कड़ी क्या थी और किन परिस्थितियों में साहिल ने यह कदम उठाया।
परीक्षा के दौरान क्या हुआ था?
साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले वह एक परीक्षा में शामिल हुआ था। संस्थान की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन पाए जाने का मामला सामने आया था और उस पर अनुचित साधन इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। बाद में सामने आए CCTV फुटेज की रिपोर्टों में साहिल को परीक्षा के दौरान अपनी जेब की ओर देखते हुए और फिर एक प्रोफेसर द्वारा उससे बातचीत करते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है। इस पूरे घटनाक्रम की अब क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। हालांकि, परीक्षा में कथित अनुचित साधन के इस्तेमाल और साहिल की मौत के बीच क्या संबंध था, इसे लेकर अभी जांच जारी है। किसी भी घटनाक्रम को अंतिम कारण के तौर पर पेश करना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
साहिल की मौत के बाद उसके परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, FIR में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं। परिवार ने प्रोफेसर डूला और संस्थान से जुड़े अन्य लोगों पर कथित जातिगत उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। पुलिस और जांच एजेंसियां परिवार के आरोपों के अलावा परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।
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IIT बॉम्बे ने पहले दिए बयान पर जताया खेद
मामला बढ़ने के बाद IIT बॉम्बे ने साहिल की मौत से संबंधित अपने पहले के संचार पर भी खेद जताया। संस्थान ने कहा कि मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले कुछ विवरण सार्वजनिक करना उचित नहीं था। छात्रों ने भी संस्थान की शुरुआती प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए थे। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि IIT बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष बी. केदारे ने इस्तीफा नहीं दिया है। इससे पहले उनके इस्तीफे की खबरें सामने आई थीं, जिन्हें संस्थान ने खारिज कर दिया।
कैंपस में छात्रों का विरोध जारी
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों की मांगों में संस्थागत सुधार, छात्र कल्याण व्यवस्था को मजबूत करना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े समर्थन को बेहतर करना शामिल है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत भी हुई और 18 सूत्रीय मांगों पर चर्चा हुई। वहीं, कई IIT के फैकल्टी संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और उचित प्रक्रिया की मांग की है। दूसरी ओर कुछ छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध किसी परीक्षा नियम के उल्लंघन के समर्थन में नहीं, बल्कि छात्र कल्याण और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
फिलहाल साहिल वाकोडे मामले में परिवार की मांग, पुलिस जांच, IIT बॉम्बे की आंतरिक समिति और फैकल्टी के अलग-अलग पक्ष सामने हैं। साहिल के पिता ने गिरफ्तारी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है, जबकि संस्थान ने 10 सदस्यीय समिति के जरिए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। प्रोफेसर डूला को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद अब समिति की रिपोर्ट और क्राइम ब्रांच की जांच पर सबकी नजर है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आरोपों और घटनाक्रम की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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