Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा केस में बढ़ी कानूनी हलचल, चंपत राय समेत पांच के खिलाफ FIR को लेकर कोर्ट पहुंची बार
Ram Mandir,अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं का मामला एक बार फिर चर्चा में है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत कुछ अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है
Ram Mandir : चंपत राय समेत पांच पर FIR की मांग, अदालत पहुंचा मामला
Ram Mandir,अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं का मामला एक बार फिर चर्चा में है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत कुछ अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। बार एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिस के स्तर पर उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायालय का रुख किया। अब इस मामले में अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट ने पुलिस से मांगी आख्या
ताजा जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस से मामले में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। रिपोर्ट के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है। अदालत के इस कदम के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस बार एसोसिएशन की शिकायत और उसके आधार पर लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या जानकारी कोर्ट के सामने रखती है।
चंपत राय समेत किन लोगों के खिलाफ FIR की मांग?
बार एसोसिएशन पहले भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुकी है। जुलाई में अधिवक्ताओं ने राम जन्मभूमि थाने में शिकायत देकर चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत ट्रस्ट से जुड़े लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। अलग-अलग रिपोर्टों में शिकायत में चार ट्रस्ट पदाधिकारियों का जिक्र भी सामने आया था। अब ताजा न्यायिक कार्रवाई में कुल पांच लोगों के खिलाफ FIR की मांग का मामला सामने आया है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FIR की मांग या किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किसी की कानूनी जिम्मेदारी तय हो सकती है।
पहले पुलिस थाने भी पहुंचे थे वकील
फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने इस मामले को लेकर पहले पुलिस प्रशासन के सामने भी अपनी शिकायत रखी थी। अधिवक्ताओं का कहना था कि कथित चढ़ावा चोरी के मामले में जिन लोगों के खिलाफ वे शिकायत कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। जुलाई में वकीलों ने पुलिस को शिकायत दी थी और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में अदालत जाने की बात कही थी। इसके बाद बार एसोसिएशन की ओर से पुलिस को बयान दर्ज करने और शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए समय भी दिया गया था। अब मामला अदालत तक पहुंच चुका है, जिससे इस विवाद का कानूनी पक्ष और महत्वपूर्ण हो गया है।
मामले में पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक अलग जांच के तहत पहले ही आठ आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार, दानपात्रों से चढ़ावे की रकम कथित तौर पर निकालने के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद हुई थी। यानी मौजूदा विवाद उस मूल FIR से अलग एक शिकायत को लेकर है, जिसमें बार एसोसिएशन ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका की जांच और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहा है।
SIT कर रही है पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। यह टीम कथित चढ़ावा चोरी और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। SIT की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। जांच में CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और दूसरे साक्ष्यों को शामिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में हाल की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है और SIT 25 सितंबर तक अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर सकती है। इससे मामले की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है।
CCTV में सामने आईं 105 कथित घटनाएं
SIT की जांच को लेकर सामने आई जानकारी में कहा गया है कि मंदिर परिसर के CCTV कैमरों में रुपये को कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से हटाए जाने के 105 मामले दर्ज हुए हैं। यह आंकड़ा जांच में सामने आए CCTV फुटेज के विश्लेषण से जुड़ा है। इससे पहले शुरुआती जांच में घटनाओं की संख्या कम बताई गई थी। हालांकि, CCTV में किसी गतिविधि का रिकॉर्ड मिलना और किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी साबित होना अलग-अलग कानूनी प्रश्न हैं। जांच एजेंसियों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक आरोपी की भूमिका तय करनी होगी।
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चांदी की ईंटों को लेकर भी SIT की रिपोर्ट
इसी मामले की जांच के दौरान राम मंदिर निर्माण के लिए दान में मिली चांदी की ईंटों को लेकर भी सवाल उठे थे। हाल की रिपोर्ट के अनुसार SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दान में मिली चांदी की ईंटें सुरक्षित हैं और उनका हिसाब मौजूद है। इससे मामले के इस हिस्से को लेकर उठी आशंकाओं पर जांच एजेंसी की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है।
अब 26 सितंबर पर रहेगी नजर
फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा मामले में दो स्तरों पर घटनाक्रम आगे बढ़ रहा है। एक ओर SIT अपनी जांच पूरी करके चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर बार एसोसिएशन की ओर से चंपत राय समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR की मांग को लेकर अदालत में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने पुलिस से 26 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस की रिपोर्ट और SIT की चार्जशीट दोनों इस मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
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