Detergent Side Effects: बर्तन-कपड़े धोते समय हाथों को पहुंच सकता है नुकसान, इन आसान टिप्स से करें बचाव
Detergent Side Effects, घर की सफाई और रोजमर्रा के कामों में साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल लगभग हर दिन होता है। बर्तन धोने से लेकर कपड़े साफ करने तक इनके बिना काम करना मुश्किल लग सकता है।
Detergent Side Effects : बर्तन धोने के बाद हाथ हो जाते हैं ड्राई? साबुन के इस्तेमाल में इन गलतियों से बचें
Detergent Side Effects, घर की सफाई और रोजमर्रा के कामों में साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल लगभग हर दिन होता है। बर्तन धोने से लेकर कपड़े साफ करने तक इनके बिना काम करना मुश्किल लग सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बर्तन या कपड़े धोने वाले साबुन का गलत तरीके से इस्तेमाल त्वचा और हाथों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है? खासकर जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील या रूखी है, उन्हें डिटर्जेंट और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स के संपर्क में आने के बाद खुजली, लालिमा, रूखापन और जलन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।दरअसल, बर्तन और कपड़े साफ करने वाले उत्पादों को गंदगी, तेल और दाग हटाने के लिए तैयार किया जाता है। इनमें मौजूद कुछ क्लीनिंग एजेंट त्वचा की प्राकृतिक नमी और सुरक्षात्मक परत को प्रभावित कर सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को इन उत्पादों से नुकसान होगा, लेकिन लंबे समय तक या बार-बार सीधे संपर्क में रहने से त्वचा में परेशानी का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।
बर्तन धोने वाले साबुन से हाथों को क्यों हो सकती है परेशानी?
बर्तन धोने वाले लिक्विड या साबुन में ऐसे पदार्थ होते हैं जो तेल और चिकनाई को हटाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि बर्तनों पर जमा ग्रीस आसानी से साफ हो जाता है। लेकिन बार-बार इन्हीं क्लीनिंग एजेंट्स के संपर्क में आने से कुछ लोगों के हाथों की त्वचा बहुत रूखी हो सकती है।अगर रोजाना लंबे समय तक बिना किसी सुरक्षा के बर्तन धोए जाएं तो त्वचा में खिंचाव, सूखापन, लालिमा या जलन महसूस हो सकती है। जिन लोगों को पहले से एक्जिमा या संवेदनशील त्वचा की समस्या है, उनमें परेशानी ज्यादा हो सकती है।
कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट से कैसे प्रभावित हो सकती है त्वचा?
कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट में दाग और गंदगी हटाने के लिए कई तरह के क्लीनिंग एजेंट इस्तेमाल किए जाते हैं। कपड़े धोने के दौरान हाथों का इन पदार्थों से सीधा संपर्क होने पर कुछ लोगों को त्वचा में जलन हो सकती है। वहीं, अगर कपड़ों में डिटर्जेंट अच्छी तरह से न निकले और वह कपड़े त्वचा के संपर्क में लंबे समय तक रहें, तो संवेदनशील लोगों को खुजली या इरिटेशन महसूस हो सकता है।इसलिए कपड़े धोने के बाद उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह रिंस करना जरूरी है। खासकर बच्चों के कपड़े, अंडरगारमेंट्स और ऐसे कपड़े जो लंबे समय तक त्वचा के सीधे संपर्क में रहते हैं, उन्हें अच्छी तरह धोना चाहिए।
बर्तन और कपड़े धोते समय पहनें ग्लव्स
क्लीनिंग प्रोडक्ट्स से हाथों को बचाने का सबसे आसान तरीका रबर या नाइट्राइल ग्लव्स पहनना है। बर्तन धोते समय ग्लव्स हाथों और साबुन के बीच एक सुरक्षा परत का काम कर सकते हैं। अगर आपको किसी खास सामग्री के ग्लव्स से एलर्जी होती है तो दूसरे उपयुक्त विकल्प का इस्तेमाल करें।ग्लव्स पहनने के बाद भी हाथों में पसीना जमा हो सकता है। इसलिए काम पूरा होने के बाद ग्लव्स निकालकर हाथों को साफ पानी से धोएं और अच्छी तरह सुखाएं। ग्लव्स के अंदर और बाहर भी समय-समय पर सफाई करें।
साबुन और डिटर्जेंट को सीधे त्वचा पर न लगाएं
कई लोग सफाई के दौरान डिटर्जेंट या बर्तन धोने वाले साबुन को सीधे हाथों पर लगाकर काम करने लगते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। क्लीनिंग प्रोडक्ट को जिस काम के लिए बनाया गया है, उसी के अनुसार इस्तेमाल करें और पैकेजिंग पर दिए निर्देशों को पढ़ें।अगर किसी उत्पाद का इस्तेमाल करने के बाद हाथों में तेज जलन, खुजली या लालिमा होने लगे तो उसका इस्तेमाल रोक दें और त्वचा को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
काम के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं
बर्तन या कपड़े धोने के बाद हाथों की त्वचा रूखी महसूस हो तो हाथों पर मॉइस्चराइजर या फ्रेगरेंस-फ्री हैंड क्रीम लगाई जा सकती है। हाथ धोने के बाद त्वचा को अच्छी तरह सुखाने के बाद क्रीम लगाना नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है।अगर हाथ बहुत ज्यादा रूखे रहते हैं तो रात में सोने से पहले थोड़ा गाढ़ा मॉइस्चराइजर लगाना उपयोगी हो सकता है। बार-बार साबुन से हाथ धोने की जरूरत हो तो भी त्वचा के अनुरूप हल्के हैंडवॉश का विकल्प चुना जा सकता है।
कपड़ों को अच्छी तरह रिंस करें
कपड़े धोते समय केवल डिटर्जेंट की मात्रा ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कपड़ों को अच्छी तरह रिंस करना भी जरूरी है। बहुत अधिक डिटर्जेंट डालने से कपड़े जरूरी नहीं कि ज्यादा साफ हों। उल्टा, अतिरिक्त डिटर्जेंट के अवशेष कपड़ों में रह सकते हैं।इसलिए मशीन या हाथ से कपड़े धोते समय डिटर्जेंट की उतनी ही मात्रा इस्तेमाल करें जितनी निर्माता ने बताई है। जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालने से बचें और कपड़ों को पर्याप्त पानी से धोएं।
सफाई के प्रोडक्ट्स को मिलाकर इस्तेमाल न करें
घर की सफाई करते समय अलग-अलग क्लीनिंग प्रोडक्ट्स को मिलाना खतरनाक हो सकता है। खासकर ब्लीच को दूसरे क्लीनिंग एजेंट्स के साथ मिलाने से जहरीली गैसें बन सकती हैं। इसलिए किसी भी दो सफाई वाले उत्पादों को आपस में मिलाकर इस्तेमाल न करें, जब तक निर्माता ने स्पष्ट रूप से ऐसा करने की अनुमति न दी हो।साथ ही डिटर्जेंट और साबुन को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। इन्हें हमेशा मूल पैकेजिंग में और निर्देशों के अनुसार स्टोर करना बेहतर है।
हाथों पर ये लक्षण दिखें तो सावधान
अगर क्लीनिंग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने के बाद बार-बार हाथों में लाल चकत्ते, सूजन, फफोले, तेज खुजली, दर्द या जलन हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें। लगातार समस्या रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। किसी व्यक्ति को किसी खास डिटर्जेंट या साबुन में मौजूद सुगंध, प्रिजर्वेटिव या अन्य सामग्री से संवेदनशीलता हो सकती है।बर्तन और कपड़े धोने वाले साबुन या डिटर्जेंट को पूरी तरह छोड़ना हर किसी के लिए संभव नहीं है, लेकिन इनके इस्तेमाल का सही तरीका अपनाकर त्वचा पर होने वाली परेशानी का जोखिम कम किया जा सकता है। ग्लव्स पहनना, उत्पादों को सीधे त्वचा पर न लगाना, सही मात्रा में डिटर्जेंट इस्तेमाल करना, कपड़ों को अच्छी तरह रिंस करना और काम के बाद हाथों को मॉइस्चराइज करना आसान सावधानियां हैं। अगर किसी क्लीनिंग प्रोडक्ट के इस्तेमाल से लगातार या गंभीर त्वचा प्रतिक्रिया हो रही है, तो उसका इस्तेमाल रोककर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे उचित कदम है।
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