Punjab News: पंजाब में 27 नवंबर को होगा ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, सायरन सुनते ही क्या करना होगा? जानें पूरी डिटेल
Punjab News, पंजाब में एक बार फिर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होने जा रही है। राज्य सरकार ने 16 सितंबर 2026 को घोषणा की है कि 27 नवंबर 2026 को रात 8 बजे पंजाब के सभी जिलों में Civil Defence Air Raid और Blackout Mock Exercise आयोजित की जाएगी।
Punjab News : पंजाब में क्यों बंद होंगी लाइट्स? ब्लैकआउट ड्रिल को लेकर आया बड़ा अपडेट, जानें क्या है पूरा मामला
Punjab News, पंजाब में एक बार फिर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होने जा रही है। राज्य सरकार ने 16 सितंबर 2026 को घोषणा की है कि 27 नवंबर 2026 को रात 8 बजे पंजाब के सभी जिलों में Civil Defence Air Raid और Blackout Mock Exercise आयोजित की जाएगी। इस दौरान तय किए गए इलाकों में सायरन बजने के बाद लोगों को गैर-जरूरी लाइटें बंद करनी होंगी। हालांकि, यह किसी वास्तविक खतरे या बिजली संकट के कारण होने वाला ब्लैकआउट नहीं है, बल्कि आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया जाने वाला अभ्यास है।

27 नवंबर को क्यों होगा ब्लैकआउट?
पंजाब सरकार के मुताबिक इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य राज्य की Civil Defence preparedness को जांचना और मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान यह देखा जाएगा कि अगर कभी एयर रेड या किसी अन्य आपात स्थिति जैसी परिस्थिति सामने आती है तो प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और आम नागरिक कितनी तेजी और समन्वय के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इसके तहत फायर रिस्पॉन्स, सर्च एंड रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, मेडिकल सहायता, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और ट्रैफिक एवं भीड़ नियंत्रण जैसी गतिविधियों का भी अभ्यास किया जाएगा।यानी लोगों को यह समझना जरूरी है कि 27 नवंबर का ब्लैकआउट सामान्य बिजली कटौती नहीं होगा। यह एक निर्धारित समय पर किया जाने वाला सिमुलेशन होगा, जिसका मकसद आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की क्षमता को जांचना है।
सायरन बजते ही क्या करना होगा?
अधिकारियों के अनुसार मॉक एक्सरसाइज की शुरुआत दो मिनट के एयर-रेड वार्निंग सायरन से होगी। इस सायरन में हाई-लो पिच का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद उन इलाकों में सिम्युलेटेड ब्लैकआउट लागू किया जाएगा जिन्हें संबंधित डिप्टी कमिश्नर-कम-कंट्रोलर, सिविल डिफेंस द्वारा चिन्हित करेंगे।इन चिन्हित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद करनी होंगी। इसका उद्देश्य यह अभ्यास करना है कि किसी आपात स्थिति में रात के समय रोशनी को नियंत्रित करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।हालांकि, सभी सेवाएं बंद नहीं होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी। इसलिए अस्पताल, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी आपात सेवाओं के संचालन पर इस अभ्यास का असर नहीं पड़ेगा।
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कब खत्म होगा ब्लैकआउट?
मॉक ड्रिल के पूरा होने के बाद लोगों को सामान्य स्थिति का संकेत देने के लिए दो मिनट का लगातार हाई-पिच सायरन बजाया जाएगा। इसे ‘All Clear’ सिग्नल कहा जाएगा। यह संकेत मिलने के बाद अभ्यास समाप्त माना जाएगा और लोग सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकेंगे।इस तरह लोगों को दो अलग-अलग सायरन के बीच अंतर समझने का भी अभ्यास कराया जाएगा। पहला हाई-लो सायरन चेतावनी का संकेत होगा, जबकि लगातार हाई-पिच सायरन अभ्यास खत्म होने का संकेत देगा।
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मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा?
यह अभ्यास केवल लाइटें बंद करने तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों के अनुसार इसमें फायर रिस्पॉन्स ऑपरेशन, सर्च एंड रेस्क्यू, फर्स्ट एड, मेडिकल असिस्टेंस और इवैक्यूएशन जैसी गतिविधियों का भी सिमुलेशन किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारियों को भी परखा जाएगा।इसका मकसद अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल को जांचना है। किसी बड़ी आपदा या आपात स्थिति में केवल एक विभाग के भरोसे प्रतिक्रिया नहीं दी जा सकती। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर सर्विस, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन को एक साथ काम करना पड़ता है। मॉक ड्रिल के जरिए इसी समन्वय की तैयारी की जाती है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी ब्लैकआउट ड्रिल
पंजाब में इस तरह की सिविल डिफेंस और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल पहले भी आयोजित की जा चुकी हैं। अप्रैल 2026 में भी राज्य के कई हिस्सों में एयर-रेड और ब्लैकआउट अभ्यास कराया गया था। उस समय निर्धारित इलाकों में लोगों को लाइट बंद करने के निर्देश दिए गए थे और सायरन के जरिए अभ्यास शुरू और खत्म होने का संकेत दिया गया था।लुधियाना के कुछ इलाकों में अप्रैल में 15 मिनट की ब्लैकआउट ड्रिल हुई थी। वहां सायरन बजने के बाद बिजली आपूर्ति बंद की गई थी और लोगों से जनरेटर, इन्वर्टर, टॉर्च तथा मोमबत्ती जैसी वैकल्पिक रोशनी का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया था, ताकि वास्तविक आपात स्थिति जैसी परिस्थितियों का अभ्यास किया जा सके।
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लोगों से की गई है घबराने की अपील न करने की अपील
27 नवंबर की प्रस्तावित ड्रिल को लेकर प्रशासन ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है। यह एक नियमित तैयारी अभ्यास है, जिसका उद्देश्य किसी वास्तविक हमले या खतरे की सूचना देना नहीं है। सरकार ने लोगों से शांत रहने, अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और मॉक एक्सरसाइज में सहयोग करने की अपील की है।इसलिए अगर 27 नवंबर की रात पंजाब के किसी चिन्हित इलाके में अचानक एयर-रेड जैसा सायरन सुनाई दे और उसके बाद लाइटें बंद करने के निर्देश मिलें, तो लोगों को इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं होगी। यह पहले से निर्धारित Civil Defence Mock Exercise का हिस्सा होगा।
ध्यान रखें ये जरूरी बातें
27 नवंबर को होने वाली इस ड्रिल के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिर्फ चिन्हित क्षेत्रों में लागू निर्देशों का पालन करना होगा। सायरन को चेतावनी संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा और उसके बाद गैर-जरूरी रोशनी बंद करने को कहा जाएगा। जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी और अभ्यास समाप्त होने पर लगातार हाई-पिच ‘All Clear’ सायरन सुनाई देगा। कुल मिलाकर, पंजाब में 27 नवंबर को होने वाली यह ब्लैकआउट ड्रिल किसी नए बिजली संकट का संकेत नहीं है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में प्रशासन और आम लोगों की तैयारी को परखना है। राज्य सरकार इस अभ्यास के जरिए यह देखना चाहती है कि किसी संभावित संकट के समय चेतावनी, ब्लैकआउट, बचाव, मेडिकल सहायता और प्रशासनिक प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी तरीके से संचालित की जा सकती है।
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