Pregnancy test: अब Pregnancy से Delivery तक नहीं होगी पैसों की टेंशन! Shanghai की नई Policy में 42 दिनों की देखभाल भी शामिल
Pregnancy test, चीन के शंघाई शहर ने जन्मदर बढ़ाने और परिवारों पर गर्भावस्था का आर्थिक बोझ कम करने के लिए नई Maternity Policy की घोषणा की है।
गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ा फैसला, Pregnancy Test से डिलीवरी तक का खर्च उठाएगी सरकार
Pregnancy test, चीन के शंघाई शहर ने जन्मदर बढ़ाने और परिवारों पर गर्भावस्था का आर्थिक बोझ कम करने के लिए नई Maternity Policy की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के तहत गर्भावस्था के दौरान होने वाली निर्धारित मेडिकल जांच से लेकर डिलीवरी और प्रसव के बाद 42 दिनों तक की तय मेडिकल देखभाल को बीमा के दायरे में लाने का फैसला किया गया है। सबसे खास बात यह है कि पात्र महिलाओं के लिए इन नीतिगत दायरों में आने वाले खर्च पर व्यक्तिगत जेब से भुगतान यानी “zero out-of-pocket” का लक्ष्य रखा गया है। यह नई नीति 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।

Shanghai की नई Maternity Policy क्या है?
शंघाई सरकार ने 8 सितंबर 2026 को प्रजनन चिकित्सा खर्च से जुड़ी नई व्यवस्था जारी की। इसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसव से जुड़े आर्थिक खर्च को कम करना और परिवारों को बच्चे की योजना बनाने के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा देना है। नई नीति में प्रीनेटल चेकअप, अस्पताल में डिलीवरी, प्रसव के बाद 42 दिनों तक की रिकवरी जांच और कुछ परिस्थितियों में दूसरे शहर में जाकर कराए गए इलाज को भी कवर करने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, इसे इस तरह समझना सही नहीं होगा कि Shanghai में हर महिला का गर्भावस्था से जुड़ा हर मेडिकल खर्च सरकार बिना किसी सीमा के उठा रही है। योजना में निर्धारित “मेडिकल हेल्थकेयर सर्विस पैकेज” और नीति के तहत आने वाले अस्पताल खर्च को कवर किया जाएगा। अन्य मेडिकल सेवाओं पर सामान्य मेडिकल इंश्योरेंस के नियम लागू होंगे।
Pregnancy Test और Prenatal Checkup भी पैकेज में
नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गर्भावस्था के दौरान होने वाली जांच से जुड़ा है। Shanghai के कर्मचारी मेडिकल इंश्योरेंस और मैटरनिटी इंश्योरेंस का लाभ लेने वाली पात्र महिलाओं के लिए गर्भावस्था का रिकॉर्ड यानी “बिग कार्ड” बनने के बाद से लेकर डिलीवरी के बाद 42वें दिन होने वाली जांच तक 42 तरह की प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर स्वास्थ्य सेवाओं को सर्विस पैकेज में शामिल किया गया है। इन सेवाओं में नियमित प्रसवपूर्व जांच के अलावा कई महत्वपूर्ण टेस्ट और स्क्रीनिंग शामिल हैं। इनमें भ्रूण की निगरानी, NT स्क्रीनिंग, विस्तृत अल्ट्रासाउंड, ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट, थायरॉयड फंक्शन और ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस जैसी जांचें शामिल बताई गई हैं। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में जरूरी मेडिकल मॉनिटरिंग को ज्यादा सुलभ बनाना है।
₹4500 की शुरुआती मेडिकल सहायता
नई व्यवस्था में प्रत्येक पात्र महिला के लिए 4,500 चीनी युआन की मैटरनिटी मेडिकल सब्सिडी तय की गई है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब ₹50 हजार के आसपास बैठती है, हालांकि वास्तविक विनिमय दर के अनुसार रकम बदल सकती है। यह राशि सर्विस पैकेज के अंतर्गत आने वाली मेडिकल सेवाओं पर पहले इस्तेमाल की जाएगी। लेकिन इस नीति की खास बात सिर्फ 4,500 युआन की सीमा नहीं है। अगर सर्विस पैकेज में शामिल मेडिकल खर्च इस शुरुआती राशि से ज्यादा हो जाता है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार बाकी खर्च भी Shanghai की मैटरनिटी इंश्योरेंस व्यवस्था से पूरा किया जाएगा। यानी पात्र महिला के लिए सर्विस पैकेज के दायरे में आने वाली सेवाओं पर व्यक्तिगत भुगतान शून्य रखने की व्यवस्था की गई है।
Delivery का खर्च भी होगा कवर
नई नीति में अस्पताल में होने वाली डिलीवरी के खर्च को भी बड़ा कवरेज दिया गया है। Shanghai के निर्धारित अस्पतालों में नीति के तहत आने वाला इन-पेशेंट डिलीवरी मेडिकल खर्च मैटरनिटी इंश्योरेंस द्वारा पूरा किया जाएगा। इसके लिए भी शर्त यह है कि खर्च संबंधित पॉलिसी और निर्धारित मेडिकल दायरे में आता हो। नीति के अनुसार सामान्य स्थिति में पात्र महिला के लिए डिलीवरी से जुड़े नीति-अनुमोदित अस्पताल खर्च पर व्यक्तिगत भुगतान नहीं होगा। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है जिन्हें प्रसव के समय अस्पताल का खर्च एक बड़ी आर्थिक चिंता लगता है।
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Delivery के बाद 42 दिनों तक देखभाल
इस नीति की एक खास विशेषता प्रसव के बाद की मेडिकल केयर है। गर्भावस्था से जुड़े सर्विस पैकेज में डिलीवरी के बाद 42वें दिन तक की रिकवरी जांच को भी शामिल किया गया है। यानी व्यवस्था सिर्फ बच्चे के जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि मां के प्रसवोत्तर स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया है। प्रसव के बाद महिला के शरीर को रिकवर होने में समय लगता है। इस दौरान होने वाली मेडिकल जांच के जरिए डॉक्टर मां के स्वास्थ्य और रिकवरी की स्थिति का आकलन कर सकते हैं। नई व्यवस्था में इस 42-दिन की अवधि को भी मैटरनिटी हेल्थ सर्विस पैकेज का हिस्सा बनाया गया है।
दूसरे शहर में Delivery होने पर भी फायदा
Shanghai की नई नीति की एक और अहम बात यह है कि पात्र महिलाएं अगर किसी कारण से दूसरे शहर के निर्धारित मेडिकल संस्थान में गर्भावस्था या डिलीवरी से जुड़ी सेवाएं लेती हैं, तो भी कुछ शर्तों के तहत उन्हें मैटरनिटी इंश्योरेंस का लाभ मिल सकता है। ऐसे मामलों में सर्विस पैकेज और नीति के तहत आने वाली अस्पताल डिलीवरी लागत को Shanghai की मैटरनिटी इंश्योरेंस व्यवस्था से भुगतान किया जा सकता है। इससे उन महिलाओं को सुविधा मिल सकती है जिन्हें गर्भावस्था के दौरान अस्थायी रूप से दूसरे शहर में रहना पड़े या किसी विशेष कारण से वहां इलाज कराना पड़े।
बेरोजगार पत्नी के लिए भी प्रावधान
नई नीति सिर्फ नौकरी करने वाली महिलाओं तक सीमित नहीं है। Shanghai के मैटरनिटी इंश्योरेंस में शामिल पुरुष कर्मचारी की ऐसी पत्नी जो नौकरी नहीं करती और Shanghai के रेजिडेंट मेडिकल इंश्योरेंस का लाभ लेती है, उसे भी निर्धारित शर्तों के तहत महिला कर्मचारी के समान मैटरनिटी मेडिकल कवरेज दिया जाएगा। यह प्रावधान परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि इससे नौकरी न करने वाली गर्भवती महिलाओं को भी कुछ निर्धारित मेडिकल खर्चों के लिए सुरक्षा मिलती है।
बच्चों की मेडिकल लागत को लेकर भी नया कदम
Shanghai सरकार ने सिर्फ मां की मेडिकल देखभाल पर ही ध्यान नहीं दिया है। नई नीति में 0 से 6 साल तक के बच्चों की मेडिकल लागत को भविष्य में मैटरनिटी इंश्योरेंस से कवर करने की दिशा में भी व्यवस्था की गई है। नियमों के तहत जिन खर्चों का भुगतान सामान्य रेजिडेंट मेडिकल इंश्योरेंस से होना है, उन्हें मैटरनिटी इंश्योरेंस द्वारा वहन करने की व्यवस्था की जा रही है। यह कदम लंबे समय में छोटे बच्चों वाले परिवारों के मेडिकल खर्च को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
क्यों लाई गई ऐसी Policy?
चीन में जन्मदर बढ़ाना सरकार के लिए एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है। बढ़ती जीवन-यापन लागत, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च तथा परिवारों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच कई युवा दंपती बच्चे पैदा करने में आर्थिक चिंताओं का सामना करते हैं। ऐसे में Shanghai की नई नीति का उद्देश्य गर्भावस्था और डिलीवरी से जुड़े प्रत्यक्ष मेडिकल खर्च को कम करके परिवारों को प्रोत्साहित करना है।नई व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होकर 30 सितंबर 2031 तक प्रभावी रहने वाली है।
भारत के लिए भी चर्चा का विषय
Shanghai की यह नीति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दुनिया के कई देशों में कम होती जन्मदर एक बड़ी चिंता बन रही है। सरकारें अब केवल टैक्स छूट या कैश इंसेंटिव देने के बजाय मातृत्व स्वास्थ्य, चाइल्डकेयर और मेडिकल खर्च जैसे क्षेत्रों में सहायता देने पर ध्यान दे रही हैं। Shanghai का मॉडल इसी दिशा में एक उदाहरण है, जहां गर्भावस्था की शुरुआती जांच से लेकर डिलीवरी और प्रसव के बाद की देखभाल तक मेडिकल खर्च को ज्यादा व्यापक सुरक्षा देने की कोशिश की गई है।कुल मिलाकर, Shanghai की नई Maternity Policy का सबसे बड़ा संदेश यही है कि पात्र महिलाओं के लिए नीति के दायरे में आने वाले प्रेग्नेंसी चेकअप, डिलीवरी और 42 दिनों तक की पोस्टपार्टम मेडिकल केयर पर अपनी जेब से खर्च को खत्म करने की कोशिश की गई है। हालांकि इसे “हर गर्भवती महिला का हर खर्च सरकार उठाएगी” कहना सही नहीं होगा, क्योंकि लाभ निर्धारित बीमा पात्रता, अस्पताल, मेडिकल सेवाओं और नीति की शर्तों के अनुसार मिलेगा।
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