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Delhi cab driver: दिल्ली में 3 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, कैब ड्राइवर के मोबाइल ने बढ़ाई पुलिस की जांच

Delhi cab driver, आज, 31 अगस्त 2026, दिल्ली के बवाना इलाके से तीन साल की बच्ची के कथित यौन शोषण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक निजी स्कूल में काम करने वाले कैब/स्कूल बस ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

Delhi cab driver : कैब ड्राइवर पर 3 साल की बच्ची के यौन शोषण का आरोप, मोबाइल में बच्चों के VIDEO मिलने से मचा हड़कंप

Delhi cab driver, आज, 31 अगस्त 2026, दिल्ली के बवाना इलाके से तीन साल की बच्ची के कथित यौन शोषण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक निजी स्कूल में काम करने वाले कैब/स्कूल बस ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर उसके साथ कथित तौर पर कई बार गलत हरकत की। जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जिसमें छोटे बच्चों को चॉकलेट खिलाते हुए कई वीडियो मिले हैं। पुलिस अब इन वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

बवाना के निजी स्कूल का है मामला

यह मामला उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बवाना इलाके में स्थित एक निजी स्कूल से जुड़ा है। आरोपी करीब आठ महीने से स्कूल में कैब/बस ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची से नजदीकी बढ़ाने के लिए उसे चॉकलेट दी और इसके बाद उसे सुनसान जगह ले जाकर यौन शोषण किया। अधिकारियों के अनुसार, बच्ची के साथ ऐसी घटना एक से अधिक बार होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्ची के स्कूल परिसर में घूमने के दौरान उसके आसपास रहता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि वह बच्ची को चॉकलेट देने के बहाने उसके पीछे जाता था। पुलिस अब स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने किसी अन्य बच्चे को भी निशाना बनाया था या नहीं।

मां ने बच्ची के व्यवहार में किया बदलाव महसूस

मामला तब सामने आया जब बच्ची की मां ने उसके व्यवहार में बदलाव देखा। परिजनों के मुताबिक, बच्ची ने पूछताछ के दौरान स्कूल में मौजूद एक व्यक्ति के बारे में बताया, जिसे वह नाम से नहीं पहचानती थी। उसने उसे ऐसे व्यक्ति के रूप में बताया जो उसे चॉकलेट देता था। बच्ची की बात सुनकर परिवार को शक हुआ और उन्होंने स्कूल प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने बच्ची को स्कूल के कर्मचारियों की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज दिखाए। 24 अगस्त को बच्ची ने कथित तौर पर आरोपी ड्राइवर की पहचान की। इसके बाद स्कूल की ओर से पुलिस को सूचना दी गई और मामले में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को स्कूल परिसर से गिरफ्तार कर लिया।

चॉकलेट देकर बच्ची को ले जाने का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच दिया और उसके पीछे-पीछे बाथरूम की तरफ गया। आरोप है कि इसके बाद उसने बच्ची को सीढ़ियों के नीचे की जगह पर ले जाकर उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने स्कूल परिसर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ले ली है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती जांच में बच्ची के साथ कथित तौर पर कई बार यौन शोषण की बात सामने आई है। हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर पुलिस की विस्तृत जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट होगी। आरोपी पर POCSO यानी Protection of Children from Sexual Offences Act की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

आरोपी के मोबाइल में मिले कई VIDEO

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया। फोन की जांच में पुलिस को कई ऐसे वीडियो मिले, जिनमें आरोपी छोटे बच्चों को चॉकलेट खिलाता हुआ दिखाई दे रहा है। इन वीडियो के सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे कौन हैं और क्या इनका इस मामले से कोई संबंध है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल इन वीडियो को लेकर जांच जारी है और केवल वीडियो में बच्चों के दिखाई देने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला गया है कि उनके साथ कोई अपराध हुआ है। अधिकारियों का फोकस बच्चों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग कराने पर है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

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CCTV फुटेज भी पुलिस के कब्जे में

पुलिस ने स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी स्कूल में बच्चों के साथ किस तरह संपर्क करता था और क्या उसने किसी अन्य बच्चे को भी चॉकलेट या किसी दूसरी चीज का लालच दिया था। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों को जांच में अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। पुलिस परिवार के बयान, स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की डिजिटल जांच को एक साथ जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने स्कूलों और बच्चों के लिए उपलब्ध परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में ड्राइवर, अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन, बैकग्राउंड चेक और नियमित निगरानी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।विशेषज्ञों के अनुसार, अभिभावकों को भी बच्चों के व्यवहार में अचानक होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। बच्चे अगर किसी व्यक्ति से डरने लगें, स्कूल जाने से बचें या अपने व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाएं, तो उनसे शांत तरीके से बात करना जरूरी है। हालांकि, ऐसे मामलों में बच्चे से बार-बार घटना के बारे में पूछताछ करने के बजाय प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मदद लेना बेहतर होता है।

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