AAP leaders: MCD में नाव लेकर पहुंचे AAP पार्षद, दिल्ली के जलभराव पर किया जोरदार प्रदर्शन
AAP leaders, दिल्ली में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या ने एक बार फिर राजधानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AAP leaders : दिल्ली में जलभराव पर सियासत तेज, AAP पार्षदों ने नाव लेकर किया अनोखा विरोध
AAP leaders, दिल्ली में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या ने एक बार फिर राजधानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के निगम पार्षदों ने दिल्ली नगर निगम (MCD) की बैठक में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पार्षद नाव लेकर सिविक सेंटर पहुंचे और सदन के भीतर जलभराव तथा सफाई व्यवस्था को लेकर जमकर नारेबाजी की।

नाव लेकर MCD सदन पहुंचे AAP पार्षद
सोमवार को MCD सदन की बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब AAP के पार्षद नाव लेकर सदन में पहुंच गए। पार्षदों ने प्रतीकात्मक तौर पर नाव का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया कि बारिश के बाद दिल्ली की सड़कों पर पैदा हुई स्थिति ऐसी है, मानो राजधानी की सड़कें पानी में तब्दील हो गई हों। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्षद नाव को सदन के अंदर लेकर गए और इसके बाद सदन के बाहर भी नाव और कूड़ा रखकर प्रदर्शन किया।AAP पार्षदों ने इस दौरान भाजपा शासित MCD की सफाई व्यवस्था और जलनिकासी को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और जलभराव तथा कूड़े की समस्या पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
‘जलभराव पर जवाब दो’ के लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान AAP पार्षदों ने ‘शर्म करो’ और ‘इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। इसके अलावा ‘कूड़े पर जवाब दो’ और ‘जलभराव पर जवाब दो’ के नारे भी सुनाई दिए। पार्षदों का आरोप था कि बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव और कूड़े की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, जबकि नगर निगम प्रशासन स्थिति को संभालने में नाकाम नजर आ रहा है।AAP ने इस प्रदर्शन के जरिए MCD की तैयारियों और मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। पार्टी का कहना है कि बारिश के मौसम से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी की तैयारियां पूरी होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश होते ही कई इलाकों में पानी जमा हो जाता है।
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भारी बारिश के बाद दिल्ली में जलभराव
दरअसल, 24 अगस्त को दिल्ली-NCR में भारी बारिश हुई। बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।रिपोर्ट के अनुसार, जनकपुरी में 67 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। लुटियंस दिल्ली के कुछ हिस्सों, मथुरा रोड, कनॉट प्लेस, भैरों मार्ग, ITO और जखीरा अंडरपास जैसे इलाकों में भी जलजमाव की वजह से यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
कई इलाकों में लोगों को हुई परेशानी
जलभराव का असर सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के कुछ इलाकों में लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। संगम विहार में छात्रों के कमर तक पानी में गुजरने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। वहीं पुरानी दिल्ली के सदर बाजार इलाके में भी बारिश के बाद जलभराव की समस्या देखने को मिली।बारिश के बाद सड़क किनारे जमा पानी, कूड़े के ढेर और बंद नालियों ने स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। दुकानदारों और राहगीरों को भी कई जगह पानी के बीच से निकलना पड़ा। ऐसे में जलनिकासी और नालों की सफाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
AAP ने सफाई व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
AAP पार्षदों का प्रदर्शन केवल जलभराव तक सीमित नहीं था। पार्षद अपने साथ कूड़ा भी लेकर पहुंचे और राजधानी की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान कूड़ा और गंदगी नालियों में जाने से जलनिकासी की समस्या और गंभीर हो सकती है।यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली में हाल ही में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026’ शुरू किया गया है। यह अभियान 17 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राजधानी के सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को बेहतर करना है।
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मानसून तैयारियों पर फिर उठे सवाल
हर साल बारिश के मौसम में दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव एक बड़ी समस्या बन जाता है। मानसून से पहले नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर पंपिंग की तैयारियों को लेकर संबंधित एजेंसियां अपने इंतजामों की जानकारी देती हैं। इसके बावजूद तेज बारिश के बाद कई जगह पानी जमा होने से इन तैयारियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठते रहे हैं।AAP का ताजा प्रदर्शन इसी मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, MCD और सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से जलभराव को लेकर क्या विस्तृत जवाब दिया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।
दिल्ली में जलभराव बना सियासी मुद्दा
दिल्ली में बारिश और जलभराव का मुद्दा केवल आम लोगों की परेशानी नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय भी रहा है। सड़क, नाला, सीवर और कूड़ा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।नाव लेकर MCD सदन पहुंचने का AAP का तरीका इसी राजनीतिक विरोध का एक प्रतीकात्मक रूप था। तस्वीरों और वीडियो में पार्षदों का नाव के साथ प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना। प्रदर्शन के जरिए AAP ने यह संदेश देने की कोशिश की कि दिल्ली की सड़कों पर जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि अब नाव की जरूरत पड़ रही है।
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