Pruning & Repotting Tips: पौधों में नहीं आ रहे फूल? अपनाएं प्रूनिंग, री-पॉटिंग और खाद देने का ये आसान तरीका
Pruning & Repotting Tips, घर की बालकनी, छत या गार्डन में लगे फूलों वाले पौधे तभी खूब खिलते हैं, जब उनकी सही देखभाल की जाए।
Pruning & Repotting Tips : इन 5 गलतियों से बचेंगे तो पौधों में आएंगे खूब फूल
Pruning & Repotting Tips, घर की बालकनी, छत या गार्डन में लगे फूलों वाले पौधे तभी खूब खिलते हैं, जब उनकी सही देखभाल की जाए। कई लोग नियमित रूप से पानी तो देते हैं, लेकिन प्रूनिंग (Pruning), री-पॉटिंग (Repotting) और खाद (Fertilizer) देने के सही तरीके और समय की जानकारी न होने के कारण पौधे अच्छे से विकसित नहीं हो पाते।अगर आपके गुलाब, गुड़हल, मोगरा, गेंदा या अन्य फूलों वाले पौधों में कम फूल आ रहे हैं, तो कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाकर आप उन्हें फिर से हरा-भरा और फूलों से लदा बना सकते हैं।
क्या होती है प्रूनिंग?
प्रूनिंग का मतलब है पौधे की सूखी, कमजोर, बीमार या अनावश्यक शाखाओं और पत्तियों को काटना। इससे पौधे की ऊर्जा नई शाखाओं और फूलों के विकास में लगती है।
प्रूनिंग के फायदे
- नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं।
- पौधे का आकार सुंदर बना रहता है।
- फूलों की संख्या बढ़ती है।
- बीमार शाखाएं हटने से संक्रमण का खतरा कम होता है।
- पौधे में हवा और धूप का संचार बेहतर होता है।
प्रूनिंग कब करें?
- फूल खत्म होने के बाद हल्की प्रूनिंग करें।
- सर्दियों के अंत या वसंत की शुरुआत कई फूलदार पौधों के लिए उपयुक्त समय होता है।
- बारिश के मौसम में केवल सूखी या सड़ी हुई शाखाएं हटाएं।
- बहुत अधिक प्रूनिंग एक साथ न करें।
प्रूनिंग करते समय रखें ध्यान
- हमेशा साफ और तेज प्रूनिंग कैंची का इस्तेमाल करें।
- संक्रमित पौधे की कटाई के बाद औजार को साफ करें।
- केवल सूखी, टूटी या कमजोर शाखाएं हटाएं।
- नई कलियों को नुकसान न पहुंचाएं।
री-पॉटिंग क्यों जरूरी है?
एक ही गमले में लंबे समय तक रहने से पौधों की जड़ें फैलने की जगह नहीं पातीं। मिट्टी भी अपनी उर्वरता खोने लगती है। ऐसे में पौधे की वृद्धि रुक जाती है।री-पॉटिंग यानी पौधे को नए या बड़े गमले में लगाना, जिससे जड़ों को पर्याप्त जगह और ताजी मिट्टी मिल सके।
री-पॉटिंग कब करें?
- जब जड़ें गमले के नीचे से बाहर निकलने लगें।
- पौधे की बढ़वार रुक जाए।
- मिट्टी बहुत सख्त हो जाए।
- हर 1–2 साल में अधिकांश गमलों वाले पौधों की री-पॉटिंग करना अच्छा माना जाता है।
री-पॉटिंग का सही तरीका
- पौधे को सावधानी से पुराने गमले से निकालें।
- सड़ी या सूखी जड़ों को हल्का काट दें।
- नए गमले में ड्रेनेज होल जरूर हो।
- ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी भरें।
- पौधे को लगाकर हल्का पानी दें।
- 2–3 दिन तक तेज धूप से बचाकर रखें।
कौन-सी मिट्टी सबसे बेहतर?
फूलदार पौधों के लिए ऐसी मिट्टी उपयुक्त रहती है जिसमें—
- 40% गार्डन सॉयल
- 30% गोबर की सड़ी खाद या कम्पोस्ट
- 20% रेत
- 10% कोकोपीट या पत्ती की खाद
यह मिश्रण पानी की निकासी और पोषण दोनों के लिए अच्छा होता है।
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खाद कब और कैसे दें?
पौधों में लगातार फूल आने के लिए समय-समय पर खाद देना जरूरी है।
जैविक खाद
- गोबर की सड़ी खाद
- वर्मी कम्पोस्ट
- बोन मील
- सरसों खली का घोल (सही मात्रा में)
- केले के छिलके से बनी खाद
- लकड़ी की राख (सीमित मात्रा में)
खाद देने का सही समय
- हर 20–30 दिन में एक बार।
- मिट्टी हल्की नम हो तो खाद डालें।
- खाद डालने के बाद हल्की सिंचाई करें।
फूल बढ़ाने के आसान उपाय
- रोजाना 5–6 घंटे धूप दिलाएं।
- समय पर सूखे फूल (Deadheading) हटाएं।
- जरूरत के अनुसार पानी दें।
- गमले में पानी जमा न होने दें।
- पौधों को कीटों से बचाने के लिए समय-समय पर जांच करें।
किन गलतियों से बचें?
- जरूरत से ज्यादा पानी देना।
- बार-बार गमला बदलना।
- अधिक मात्रा में रासायनिक खाद डालना।
- धूप पसंद पौधों को छाया में रखना।
- बिना साफ औजार के प्रूनिंग करना।
किन पौधों में प्रूनिंग और री-पॉटिंग सबसे ज्यादा फायदेमंद?
- गुलाब
- गुड़हल
- मोगरा
- चमेली
- गेंदा
- बोगनवेलिया
- पेटूनिया
- डेहलिया
इन पौधों में सही समय पर देखभाल करने से फूलों की संख्या में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी जा सकती है।यदि आप चाहते हैं कि आपके घर के पौधे सालभर हरे-भरे रहें और उनमें भरपूर फूल खिलें, तो केवल पानी देना ही काफी नहीं है। प्रूनिंग, री-पॉटिंग और सही समय पर खाद देना पौधों की अच्छी वृद्धि और अधिक फूलों का सबसे महत्वपूर्ण राज है। थोड़ी-सी नियमित देखभाल, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पोषण आपके गार्डन को रंग-बिरंगे फूलों से भर सकता है।
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