Live-in Relationship: Live-in में रहने वालों के लिए बड़ी चेतावनी! इस राज्य का नया नियम जानकर रह जाएंगे हैरान
Live-in Relationship, अगर आप अपने पार्टनर के साथ Live-in Relationship में रहने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
Live-in Relationship : प्यार है तो ये कानून भी जानिए! Live-in को लेकर लागू हुआ सख्त नियम
Live-in Relationship, अगर आप अपने पार्टनर के साथ Live-in Relationship में रहने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के ड्राफ्ट में लाइव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बड़ा प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत राज्य में साथ रहने वाले कपल्स को अपने रिश्ते का सरकारी पंजीकरण (Registration) कराना पड़ सकता है। नियमों का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई और सजा का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। यह कदम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है नया नियम?
मध्य प्रदेश सरकार के सामने पेश किए गए यूसीसी ड्राफ्ट में सुझाव दिया गया है कि जो भी वयस्क पुरुष और महिला बिना शादी के Live-in Relationship में रहना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने रिश्ते का पंजीकरण कराना होगा। सरकार का कहना है कि इससे ऐसे रिश्तों में रहने वाले लोगों के अधिकार सुरक्षित होंगे और भविष्य में कानूनी विवादों को कम किया जा सकेगा। फिलहाल यह एक ड्राफ्ट प्रस्ताव है और अंतिम कानून बनने से पहले इसमें बदलाव संभव हैं।
नियम नहीं मानने पर क्या होगा?
ड्राफ्ट में यह भी प्रस्ताव है कि यदि कोई कपल अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराता या जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कुछ मामलों में जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान रखा जा सकता है। हालांकि अंतिम दंड का स्वरूप कानून के पारित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का कहना है कि Live-in Relationship में रहने वाले कई जोड़े बाद में संपत्ति, भरण-पोषण, बच्चों के अधिकार या पहचान से जुड़े विवादों का सामना करते हैं। पंजीकरण अनिवार्य होने से ऐसे मामलों में कानूनी स्पष्टता मिलेगी और दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां तय होंगी। इससे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहले भी लागू हो चुका है ऐसा कानून
देश में उत्तराखंड ऐसा पहला राज्य है जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने के बाद Live-in Relationship के पंजीकरण का प्रावधान लागू किया गया। वहां निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण न कराने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। अब मध्य प्रदेश भी इसी दिशा में कदम बढ़ाता दिखाई दे रहा है।
क्या पूरे भारत में Live-in Relationship कानूनी है?
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कई फैसलों में स्पष्ट किया है कि दो बालिग व्यक्तियों का अपनी इच्छा से साथ रहना गैरकानूनी नहीं है। यानी Live-in Relationship अपने आप में अपराध नहीं है। हालांकि शादी की तरह इसे सभी कानूनी अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं होते। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय कानूनों के आधार पर अतिरिक्त नियम लागू हो सकते हैं।
किन लोगों पर होगा असर?
यदि मध्य प्रदेश में प्रस्तावित यूसीसी इसी स्वरूप में लागू होता है, तो वहां रहने वाले सभी वयस्क कपल्स, जो बिना विवाह के साथ रहना चाहते हैं, उन्हें नए नियमों का पालन करना होगा। दूसरे राज्यों से आकर मध्य प्रदेश में रहने वाले लोगों पर भी, कानून लागू होने के बाद, इसकी शर्तें लागू हो सकती हैं।
कानून बनने की प्रक्रिया अभी जारी
फिलहाल यह प्रस्ताव यूसीसी के ड्राफ्ट का हिस्सा है। ड्राफ्ट पर सुझाव और समीक्षा के बाद ही इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानसभा से पारित होने और अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह नियम कानूनी रूप से प्रभावी होगा। इसलिए लोगों को अंतिम कानून का इंतजार करना होगा।
क्या करें यदि Live-in में रहने की योजना है?
यदि आप मध्य प्रदेश में अपने पार्टनर के साथ Live-in Relationship में रहने की सोच रहे हैं, तो कानून लागू होने के बाद उसके सभी नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा। पंजीकरण की समय सीमा, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने से भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।Live-in Relationship को लेकर देश में कानूनों का स्वरूप धीरे-धीरे बदल रहा है। जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने वयस्कों को साथ रहने की स्वतंत्रता दी है, वहीं कुछ राज्य ऐसे रिश्तों को कानूनी ढांचे में लाने के लिए पंजीकरण जैसी व्यवस्था लागू या प्रस्तावित कर रहे हैं। यदि मध्य प्रदेश का यूसीसी ड्राफ्ट कानून का रूप लेता है, तो वहां Live-in में रहने वाले कपल्स के लिए नए नियमों का पालन करना अनिवार्य हो सकता है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले संबंधित कानून की पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।
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