39 Essential Medicines: जेब पर पड़ेगा कम बोझ! 39 आवश्यक दवाओं की कीमतों पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
39 Essential Medicines, देशभर के करोड़ों मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के माध्यम से 39 आवश्यक दवाओं (Essential Drug Formulations) की खुदरा कीमतें तय कर दी हैं। इनमें हाई ब्लड प्रेशर (BP),
39 Essential Medicines : हार्ट, शुगर और BP की दवाएं होंगी किफायती, सरकार ने जारी की नई प्राइस लिस्ट
39 Essential Medicines, देशभर के करोड़ों मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के माध्यम से 39 आवश्यक दवाओं (Essential Drug Formulations) की खुदरा कीमतें तय कर दी हैं। इनमें हाई ब्लड प्रेशर (BP), हृदय रोग (Heart Disease), डायबिटीज (Diabetes), संक्रमण (Infections), एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। इस फैसले का उद्देश्य मरीजों को जरूरी दवाएं उचित कीमत पर उपलब्ध कराना और बाजार में मनमाने दाम वसूलने पर रोक लगाना है।
क्या है सरकार का नया फैसला?
NPPA ने Drugs (Prices Control) Order, 2013 (DPCO) के तहत 39 दवा फॉर्मुलेशनों की अधिकतम खुदरा कीमत (Retail Price) तय की है। अब इन दवाओं को बनाने वाली कंपनियां सरकार द्वारा तय सीमा से अधिक कीमत पर इन्हें नहीं बेच सकेंगी। यदि किसी दवा पर GST लागू है, तो उसे नियमानुसार अलग से जोड़ा जा सकता है।
किन मरीजों को मिलेगा फायदा?
सरकार के इस फैसले से सबसे अधिक लाभ उन मरीजों को होगा जिन्हें लंबे समय तक नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं। इनमें शामिल हैं—
- हाई ब्लड प्रेशर (BP) के मरीज
- हृदय रोग से पीड़ित लोग
- डायबिटीज के मरीज
- संक्रमण (बैक्टीरियल इंफेक्शन) के मरीज
- एलर्जी और श्वसन संबंधी रोगों के मरीज
- अन्य गंभीर बीमारियों के उपचाराधीन मरीज
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को महीनों या वर्षों तक दवाएं लेनी पड़ती हैं, उनके इलाज का खर्च कम करने में यह कदम मददगार साबित हो सकता है।
Read More: INS Mahendragiri: समुद्र में भारत का बढ़ा दबदबा, INS महेंद्रगिरि हुआ भारतीय नौसेना का हिस्सा
किन तरह की दवाओं की कीमतें तय हुईं?
NPPA द्वारा जिन 39 फॉर्मुलेशनों की कीमत तय की गई है, उनमें विभिन्न श्रेणियों की आवश्यक दवाएं शामिल हैं, जैसे—
- हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं
- हृदय रोग की दवाएं
- डायबिटीज की दवाएं
- एंटीबायोटिक दवाएं
- एलर्जी की दवाएं
- श्वसन रोगों में उपयोग होने वाली दवाएं
- अन्य आवश्यक उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं
सरकार ने इन दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत अधिसूचित कर दी है, ताकि मरीजों को उचित दर पर इलाज मिल सके।
सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?
भारत में बड़ी संख्या में लोग अपनी जेब से इलाज और दवाओं का खर्च उठाते हैं। लंबे समय तक चलने वाले रोगों में दवाओं का खर्च परिवारों पर आर्थिक बोझ डालता है।इसी को देखते हुए सरकार समय-समय पर आवश्यक दवाओं की कीमतों की समीक्षा करती है। इसका उद्देश्य है—
- जरूरी दवाएं आम लोगों की पहुंच में रहें।
- दवा कंपनियां मनमाने दाम न वसूल सकें।
- मरीज बिना आर्थिक दबाव के नियमित इलाज जारी रख सकें।
- स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती बनाया जा सके।
NPPA क्या है?
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली संस्था है। इसका मुख्य कार्य आवश्यक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों।NPPA समय-समय पर नई दवाओं की कीमत तय करता है, मौजूदा कीमतों की समीक्षा करता है और अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर कार्रवाई भी करता है।
मरीजों पर क्या पड़ेगा असर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से लाखों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हाई BP, हार्ट और डायबिटीज जैसी बीमारियों में मरीजों को रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। कीमतें नियंत्रित होने से इलाज की लागत कम हो सकती है और मरीज नियमित रूप से दवा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
दवा कंपनियों के लिए क्या होंगे नियम?
सरकार की अधिसूचना के बाद दवा कंपनियों को निर्धारित खुदरा मूल्य का पालन करना होगा। किसी भी कंपनी को तय कीमत से अधिक दर पर दवा बेचने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पूरी सूची कहां देखें?
NPPA ने 39 दवा फॉर्मुलेशनों की अधिसूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की है। वहां प्रत्येक दवा का नाम, स्ट्रेंथ, पैक साइज और तय खुदरा मूल्य देखा जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मरीज दवा खरीदते समय बिल अवश्य लें और यदि अधिक कीमत वसूली जाए तो शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Read More: भारी विरोध के बाद बैकफुट पर Meta, Instagram Photos से AI Image बनाने वाला फीचर लिया वापस
मरीजों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बदलें या बंद न करें।
- दवा खरीदते समय बिल जरूर लें।
- अधिक कीमत वसूले जाने पर शिकायत दर्ज करें।
- केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें।
- दवा का नाम, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।
केंद्र सरकार द्वारा 39 आवश्यक दवाओं की कीमत तय करना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। BP, हार्ट, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाखों मरीजों को इससे आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जीवनरक्षक और आवश्यक दवाएं हर व्यक्ति तक उचित कीमत पर पहुंचें। यदि इस व्यवस्था का प्रभावी ढंग से पालन होता है, तो इससे मरीजों के इलाज का खर्च कम होगा और आवश्यक दवाओं तक उनकी पहुंच और बेहतर हो सकेगी।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







