India Declares 23 Terrorists: लश्कर-जैश के 23 आतंकियों को घोषित किया टेररिस्ट, पाकिस्तान को बड़ा झटका
India Declares 23 Terrorists: केंद्र सरकार ने UAPA के तहत 23 आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है। लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और ISIS से जुड़े कई बड़े नाम सूची में शामिल हैं।
India Declares 23 Terrorists: UAPA के तहत 23 आतंकियों को घोषित किया टेररिस्ट, लश्कर-जैश और ISIS से जुड़े कई नाम शामिल
India Declares 23 Terrorists: आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी (Terrorist) घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना में इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि सूची में शामिल अधिकांश आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), अल-कायदा और ISIS जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इनमें से कई पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में छिपकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस कदम को आतंकवाद के खिलाफ भारत की Zero Tolerance Policy का बड़ा संदेश माना जा रहा है।
लश्कर और जैश से जुड़े कई खूंखार आतंकी सूची में शामिल
गृह मंत्रालय द्वारा जारी 23 आतंकियों की सूची में कई कुख्यात आतंकियों के नाम शामिल हैं। इनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर प्रमुख हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक इन आतंकियों का संबंध 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले और 2022 के जम्मू सुंजवां आतंकी हमले से जोड़ा गया है। इसके अलावा अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद जैसे आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और आतंकी सरगना हाफिज सईद के करीबी सहयोगी बताए गए हैं।
बेंगलुरु का रहने वाला आतंकी पाकिस्तान से चला रहा था नेटवर्क
सूची में शामिल मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। गृह मंत्रालय के अनुसार उसका स्थायी पता बेंगलुरु (कर्नाटक) है, लेकिन वह फिलहाल रावलपिंडी (पाकिस्तान) में रह रहा है। सरकार का आरोप है कि वह लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और ISIS के मॉड्यूल के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। उस पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने, आतंकी संगठनों में भर्ती कराने, हथियारों की ट्रेनिंग दिलाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
UAPA के तहत क्या होगा बड़ा बदलाव?
गृह मंत्रालय ने कहा है कि इन सभी आतंकियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद UAPA की धारा 35 के तहत इनके नाम चौथी अनुसूची में जोड़े गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों को
- आतंकियों की संपत्तियों को जब्त करने में आसानी होगी।
- बैंक खातों और वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई तेज होगी।
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और मजबूत होगा।
- आतंकियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
- सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा।
आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस नीति
पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार लगातार आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने से लेकर उनके फंडिंग नेटवर्क को खत्म करने तक कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले किसी भी आतंकी या संगठन को बख्शा नहीं जाएगा। आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance Policy भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी।
गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश राठी की ओर से जारी की गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भारत के इस फैसले का क्या होगा असर?
23 आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद कई स्तरों पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
- आतंकियों की संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा और मजबूत होगा।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कानूनी कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।
- पाकिस्तान में छिपे आतंकियों पर दबाव बढ़ेगा।
- आतंकवादी संगठनों की भर्ती और फंडिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
- भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति और अधिक प्रभावी बनेगी।
निष्कर्ष
India Declares 23 Terrorists के तहत केंद्र सरकार की यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक मानी जा रही है। UAPA के तहत 23 आतंकियों को आतंकवादी घोषित करने से सुरक्षा एजेंसियों को जांच, कानूनी कार्रवाई और आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसने में बड़ी मजबूती मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पूरी सख्ती के साथ आगे भी जारी रहेगी।
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