Kinnaur Flash Flood: हिमाचल में बारिश से हाहाकार! NH-5 पर मलबा गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त
Kinnaur Flash Flood, हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बनकर बरसा है। राज्य के जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति बन गई
Kinnaur Flash Flood : NH-5 पर भूस्खलन से यातायात ठप, किन्नौर में भारी बारिश का कहर जारी
Kinnaur Flash Flood, हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बनकर बरसा है। राज्य के जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) कई घंटों तक बंद रहा। सड़कों पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि लंबा ट्रैफिक जाम लगने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
चोलिंग के पास बंद हुआ NH-5
रिपोर्टों के अनुसार, किन्नौर के चोलिंग (Cholling) क्षेत्र में देर रात हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई लोग घंटों तक फंसे रहे। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया।
कई वाहन हुए क्षतिग्रस्त
भारी बारिश और पहाड़ी से गिरते पत्थरों की चपेट में आने से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। कुछ वाहनों के शीशे टूट गए, जबकि कुछ में बाहरी हिस्सों को क्षति पहुंची। हालांकि राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
संपर्क मार्ग भी हुए प्रभावित
केवल NH-5 ही नहीं, बल्कि किन्नौर के कई संपर्क मार्ग भी बारिश और फ्लैश फ्लड की वजह से प्रभावित हुए हैं। कुछ स्थानों पर सड़क का हिस्सा बह गया है, जबकि कई जगह मलबा जमा होने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत और बचाव कार्य जारी
जिला प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन की टीमें लगातार राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हैं। भारी मशीनों के जरिए सड़क से पत्थर और मलबा हटाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द यातायात सामान्य किया जा सके। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल प्रशासन की सलाह के अनुसार ही सफर करें।

मौसम विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने भूस्खलन, अचानक बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में चट्टानें गिरने का खतरा भी व्यक्त किया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।
Read More: Auraiya Gaushala में 35 गायों की मौत की खबर से मचा हड़कंप, जांच में निकली अफवाह; जानें पूरा मामला
यात्रियों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने कहा है कि किन्नौर, लाहौल-स्पीति और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा पर निकलने से पहले सड़क और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें। लगातार हो रही बारिश के कारण किसी भी समय भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। विशेष रूप से रात के समय यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
मानसून बना चुनौती
हर साल मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस बार भी लगातार हो रही बारिश ने सड़क नेटवर्क और जनजीवन पर गहरा असर डाला है। किन्नौर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कें बंद होने से न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
Read More: Ranveer Singh की ‘धुरंधर’ अब जापान में दिखाएगी दम, मेकर्स ने रिलीज डेट का किया ऐलान
स्थिति पर प्रशासन की नजर
प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां-जहां सड़कें बंद हैं, वहां उन्हें जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो कुछ और इलाकों में भी यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com







