Kolkata News: गोदाम ढहने से दहला कोलकाता, 60 मजदूरों के फंसे होने की आशंका
Kolkata News, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातल्ला इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम (वेयरहाउस) का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया,
Kolkata News : कोलकाता के गोदाम हादसे ने बढ़ाई चिंता, मलबे में दबे मजदूरों को बचाने की कोशिश जारी
Kolkata News, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातल्ला इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम (वेयरहाउस) का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दर्जनों मजदूर उस समय निर्माण कार्य में लगे हुए थे, जब यह दुर्घटना हुई।
राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, नागरिक सुरक्षा बल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती बचाव कार्य में मदद की। अधिकारियों ने बताया कि भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन, गैस कटर और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव दल लगातार मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
सेना और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। बचाव दल युद्धस्तर पर काम कर रहा है ताकि मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। सेना के जवानों के साथ विशेष प्रशिक्षित टीमों और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है।
कई मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों का इलाज जारी है। हालांकि, देर शाम तक भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई थी। प्रशासन लगातार बचाव कार्य की निगरानी कर रहा है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
हादसे में कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अनेक मजदूर घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है।
हादसे की वजह पर उठे सवाल
गोदाम के ढहने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में भवन के डिजाइन और निर्माण योजना में खामियों की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
सरकार ने शुरू की जांच
राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री घटनास्थल पर पहुंचे तथा बचाव कार्य का जायजा लिया। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर फिर बहस
तारातल्ला का यह हादसा एक बार फिर देशभर में निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। मजदूरों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और आपातकालीन व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
अभी भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
देर रात तक सेना, एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मलबा हटाने के काम में जुटी रहीं। प्रशासन का कहना है कि जब तक अंतिम व्यक्ति को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा। पूरे देश की नजरें अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और लोग मलबे में फंसे मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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