Smoke Or Chew Tobacco: तंबाकू शरीर को कैसे करता है खोखला? जानें सिर से पैर तक इसके खतरनाक प्रभाव
Smoke Or Chew Tobacco, तंबाकू का सेवन आज दुनिया भर में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण माना जाता है। चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, गुटखा, खैनी, जर्दा या पान मसाला के रूप में हो, तंबाकू शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है।
Smoke Or Chew Tobacco : तंबाकू की लत पड़ सकती है महंगी, शरीर के हर अंग पर दिखता है इसका असर
Smoke Or Chew Tobacco, तंबाकू का सेवन आज दुनिया भर में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण माना जाता है। चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, गुटखा, खैनी, जर्दा या पान मसाला के रूप में हो, तंबाकू शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार तंबाकू के सेवन से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग इसकी लत के शिकार हैं और धीरे-धीरे अपने स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।कई लोग सोचते हैं कि तंबाकू का असर केवल फेफड़ों या मुंह तक सीमित होता है, लेकिन सच यह है कि इसका विषैला प्रभाव शरीर के सिर से लेकर पैर तक लगभग हर अंग पर पड़ता है। आइए जानते हैं कि तंबाकू आपके शरीर के विभिन्न अंगों को किस तरह प्रभावित करता है और समय रहते इसे छोड़ना क्यों जरूरी है।
तंबाकू में मौजूद होते हैं खतरनाक रसायन
तंबाकू में निकोटीन, टार, कार्बन मोनोऑक्साइड और कई जहरीले रसायन पाए जाते हैं। इनमें से कई ऐसे तत्व हैं जिन्हें कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है। निकोटीन व्यक्ति को इसकी लत लगाने का काम करता है, जबकि अन्य रसायन धीरे-धीरे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाते रहते हैं।
मस्तिष्क पर पड़ता है असर
तंबाकू में मौजूद निकोटीन कुछ ही सेकंड में मस्तिष्क तक पहुंच जाता है। शुरुआत में यह तनाव कम होने या अच्छा महसूस कराने का भ्रम पैदा कर सकता है, लेकिन लंबे समय तक सेवन करने पर इसकी लत लग जाती है। निकोटीन पर निर्भरता बढ़ने से व्यक्ति चिड़चिड़ापन, चिंता और मानसिक तनाव का अनुभव कर सकता है। इसके अलावा स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है।
मुंह और दांतों को पहुंचाता है नुकसान
गुटखा, खैनी और अन्य चबाने वाले तंबाकू उत्पाद सबसे पहले मुंह को प्रभावित करते हैं। इनके सेवन से दांत पीले पड़ सकते हैं, मसूड़ों में सूजन आ सकती है और मुंह से बदबू आने लगती है। लंबे समय तक सेवन करने पर मुंह के छाले, सफेद धब्बे और ओरल कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। भारत में मुंह के कैंसर के मामलों का एक बड़ा कारण तंबाकू का सेवन माना जाता है।
फेफड़ों के लिए सबसे बड़ा खतरा
सिगरेट और बीड़ी का धुआं सीधे फेफड़ों तक पहुंचता है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। लगातार धूम्रपान करने वालों में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फाइसीमा और फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सांस फूलना, लगातार खांसी और बलगम बनना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
हृदय रोग का जोखिम बढ़ाता है
तंबाकू का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं के लिए बेहद हानिकारक होता है। निकोटीन रक्तचाप बढ़ा सकता है और हृदय की धड़कन को तेज कर सकता है। साथ ही यह रक्त वाहिकाओं को संकरा कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
पेट और पाचन तंत्र पर असर
तंबाकू का सेवन पाचन तंत्र को भी प्रभावित करता है। इससे एसिडिटी, गैस, अपच और पेट के अल्सर की समस्या हो सकती है। कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि तंबाकू खाने की नली, पेट और अग्न्याशय (पैंक्रियास) के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
लिवर और किडनी भी नहीं बचते
तंबाकू में मौजूद जहरीले तत्व रक्त के माध्यम से लिवर और किडनी तक पहुंचते हैं। ये अंग शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं, लेकिन लंबे समय तक तंबाकू के संपर्क में रहने से इनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव
पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता पर तंबाकू का बुरा असर पड़ सकता है। पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या प्रभावित हो सकती है, जबकि महिलाओं में गर्भधारण संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान तंबाकू का सेवन मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक माना जाता है।
त्वचा और उम्र बढ़ने के संकेत
तंबाकू का सेवन त्वचा की चमक कम कर सकता है। धूम्रपान करने वालों में समय से पहले झुर्रियां आने, त्वचा का रूखापन बढ़ने और उम्र अधिक दिखने जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। इसका कारण रक्त प्रवाह में कमी और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति न होना है।
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तंबाकू छोड़ने के फायदे
तंबाकू छोड़ने के बाद शरीर धीरे-धीरे खुद को ठीक करना शुरू कर देता है। कुछ ही घंटों में रक्तचाप और हृदय गति सामान्य होने लगती है। कुछ महीनों में फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और लंबे समय में कैंसर तथा हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है। जितनी जल्दी तंबाकू छोड़ा जाए, स्वास्थ्य को उतना अधिक लाभ मिल सकता है।तंबाकू केवल एक आदत नहीं बल्कि धीरे-धीरे शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाने वाला पदार्थ है। यह मस्तिष्क, मुंह, फेफड़े, हृदय, पेट, लिवर, किडनी और प्रजनन तंत्र सहित लगभग हर अंग को प्रभावित कर सकता है। यदि इसका सेवन समय रहते नहीं छोड़ा गया तो शरीर के हर अंग को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए तंबाकू से दूरी बनाना सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।
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