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Back Pain Relief Tips: घंटों कुर्सी पर बैठने के बाद भी नहीं होगा बैक पेन, बस बदलें ये आदतें

Back Pain Relief Tips, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग अपना दिन कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर बिताते हैं। ऑफिस में 8 से 10 घंटे तक लगातार बैठकर काम करना अब आम बात हो गई है। लेकिन लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने का सबसे बड़ा नुकसान कमर दर्द के रूप में सामने आता है।

Back Pain Relief Tips : वर्क फ्रॉम ऑफिस हो या घर, कमर दर्द से बचाएंगे ये आसान उपाय

Back Pain Relief Tips, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग अपना दिन कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर बिताते हैं। ऑफिस में 8 से 10 घंटे तक लगातार बैठकर काम करना अब आम बात हो गई है। लेकिन लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने का सबसे बड़ा नुकसान कमर दर्द के रूप में सामने आता है। कई लोग दिन के अंत तक पीठ में जकड़न, कमर में दर्द और शरीर में थकान महसूस करने लगते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बैठे रहने, गलत पॉश्चर और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि ऑफिस में घंटों बैठने के बावजूद कमर दर्द से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

सही पॉश्चर में बैठना सबसे जरूरी

कमर दर्द से बचने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम है सही मुद्रा में बैठना। अक्सर लोग कुर्सी पर झुककर या आगे की ओर सिर निकालकर काम करते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

बैठते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • पीठ को कुर्सी के बैक सपोर्ट से सटाकर रखें।
  • कंधों को ढीला और सीधा रखें।
  • दोनों पैर जमीन पर पूरी तरह टिके होने चाहिए।
  • घुटनों और कूल्हों का कोण लगभग 90 डिग्री होना चाहिए।
  • स्क्रीन आंखों की सीध में रखें।

सही पॉश्चर न केवल कमर दर्द को कम करता है बल्कि गर्दन और कंधों के दर्द से भी बचाता है।

हर 30-40 मिनट में उठकर चलें

लगातार कई घंटों तक बैठे रहना कमर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30 से 40 मिनट बाद अपनी सीट से उठें और कम से कम 2-3 मिनट तक टहलें।इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों में जकड़न कम होती है। यदि संभव हो तो फोन पर बात करते समय चलते-फिरते बात करें या पानी लेने के लिए खुद उठकर जाएं।

स्ट्रेचिंग को बनाएं आदत

ऑफिस में बैठे-बैठे कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से कमर दर्द का खतरा काफी कम हो सकता है।

कमर स्ट्रेच

कुर्सी पर सीधे बैठें और दोनों हाथ ऊपर उठाकर शरीर को धीरे-धीरे खींचें।

नेक स्ट्रेच

सिर को धीरे-धीरे दाईं और बाईं ओर झुकाएं।

शोल्डर रोल

कंधों को आगे और पीछे घुमाएं।

सीटेड ट्विस्ट

कुर्सी पर बैठकर शरीर को हल्के से दाईं और बाईं ओर मोड़ें।

इन स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज को दिन में कई बार दोहराया जा सकता है।

कोर मसल्स को मजबूत बनाएं

कमर की सेहत काफी हद तक पेट और पीठ की मांसपेशियों पर निर्भर करती है। यदि ये मांसपेशियां कमजोर हैं तो कमर दर्द की संभावना बढ़ जाती है।

कोर मसल्स मजबूत करने के लिए:

  • प्लैंक
  • ब्रिज पोज
  • योगासन
  • पिलाटेस
  • हल्की वेट ट्रेनिंग

जैसी गतिविधियां फायदेमंद हो सकती हैं। सप्ताह में कम से कम 3-4 दिन व्यायाम करने की कोशिश करें।

सही कुर्सी और डेस्क का चुनाव करें

यदि आप लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो एर्गोनॉमिक (Ergonomic) कुर्सी का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।

अच्छी कुर्सी की विशेषताएं:

  • कमर को सपोर्ट देने वाला बैकरेस्ट
  • ऊंचाई एडजस्ट करने की सुविधा
  • आरामदायक सीट
  • हाथ रखने के लिए आर्मरेस्ट

इसके अलावा डेस्क की ऊंचाई भी ऐसी होनी चाहिए कि टाइपिंग करते समय कलाई और कंधों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

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पर्याप्त पानी पिएं

शरीर में पानी की कमी भी मांसपेशियों में जकड़न और दर्द की वजह बन सकती है।

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से:

  • शरीर हाइड्रेटेड रहता है
  • मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम करती हैं
  • थकान कम होती है
  • शरीर की लचीलापन बनी रहती है

ऑफिस डेस्क पर हमेशा पानी की बोतल रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें।

मोबाइल देखने की आदत पर रखें नियंत्रण

कई लोग ऑफिस में काम करने के बाद भी घंटों मोबाइल फोन पर झुके रहते हैं। यह आदत गर्दन और कमर दोनों पर अतिरिक्त दबाव डालती है।

फोन का उपयोग करते समय:

  • स्क्रीन आंखों के स्तर तक उठाएं
  • गर्दन को ज्यादा नीचे न झुकाएं
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहें

वजन नियंत्रित रखना भी है जरूरी

अधिक वजन होने पर कमर और रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे पीठ दर्द की समस्या बढ़ सकती है।संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ वजन बनाए रखना कमर दर्द की रोकथाम में मदद करता है।

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तनाव कम करें

तनाव का असर केवल मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि शरीर पर भी पड़ता है। तनाव के कारण मांसपेशियां सख्त हो सकती हैं, जिससे कमर और कंधों में दर्द महसूस हो सकता है।

तनाव कम करने के लिए:

  • गहरी सांस लेने का अभ्यास करें
  • मेडिटेशन करें
  • पर्याप्त नींद लें
  • पसंदीदा गतिविधियों के लिए समय निकालें

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि कमर दर्द लगातार बना रहता है या निम्न लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है:

  • दर्द कई सप्ताह तक बना रहे
  • पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन हो
  • चलने-फिरने में परेशानी हो
  • दर्द लगातार बढ़ता जाए

ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से जांच करवाना बेहतर रहता है।ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना आज की जरूरत बन चुका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कमर दर्द को जीवन का हिस्सा मान लिया जाए। सही पॉश्चर, नियमित स्ट्रेचिंग, बीच-बीच में चलना, पर्याप्त पानी पीना और व्यायाम जैसी छोटी-छोटी आदतें आपकी रीढ़ को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।यदि आप रोजाना इन उपायों को अपनाते हैं, तो घंटों ऑफिस में बैठने के बावजूद कमर दर्द की समस्या से काफी हद तक बच सकते हैं और अधिक ऊर्जावान व स्वस्थ महसूस कर सकते हैं।

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