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India-Israel Deal: इजरायल डील की खबर से HAL, BEL समेत डिफेंस शेयरों में तूफानी उछाल

India-Israel Deal, भारत और इज़राइल के बीच संभावित रक्षा समझौते की खबरों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार के रक्षा सेक्टर में लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी ला दी।

India-Israel Deal : भारत-इजरायल रक्षा समझौते की चर्चा, डिफेंस कंपनियों के शेयर चमके

India-Israel Deal, भारत और इज़राइल के बीच संभावित रक्षा समझौते की खबरों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार के रक्षा सेक्टर में लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी ला दी। निफ्टी डिफेंस इंडिया इंडेक्स में 1% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे साफ संकेत मिला कि निवेशक रक्षा कंपनियों में बढ़ती संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी की उम्मीदों ने इस तेजी को और बल दिया।

रक्षा शेयरों में दिखी व्यापक खरीदारी

रक्षा क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मजबूत उछाल देखने को मिला। Astra Microwave Products का शेयर 4% से अधिक चढ़ा। Data Patterns में लगभग 3.7% की तेजी दर्ज की गई। Unimech Aerospace and Manufacturing और Solar Industries के शेयर भी करीब 3% तक मजबूत हुए।इसके अलावा Bharat Dynamics Limited और Bharat Electronics Limited में लगभग 1.5% की बढ़त रही। Hindustan Aeronautics Limited तथा Paras Defence and Space Technologies भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इससे स्पष्ट है कि पूरे रक्षा सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

मोदी की इज़राइल यात्रा से बढ़ी उम्मीदें

रक्षा शेयरों में तेजी का मुख्य कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 फरवरी से शुरू हुई दो दिवसीय इज़राइल यात्रा को माना जा रहा है। यह उनकी 2017 के बाद पहली इज़राइल यात्रा है। माना जा रहा है कि इस बार भारत–इज़राइल सहयोग केवल हथियार खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्नत रक्षा तकनीकों के साझा विकास और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर जोर हो सकता है।

संभावित रक्षा साझेदारी का दायरा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और इज़राइल के बीच बातचीत में संयुक्त रक्षा प्रणालियों के विकास और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हो सकती है। खास तौर पर Israel Aerospace Industries, Rafael Advanced Defense Systems और Elbit Systems जैसी कंपनियों की तकनीकों को लेकर संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि इन कंपनियों की ओर से औपचारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

‘मिशन सुदर्शन चक्र’ और मिसाइल रक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में भारत और इज़राइल जैसे भरोसेमंद साझेदारों के बीच रक्षा सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर घोषित “मिशन सुदर्शन चक्र” का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य भारत के लिए बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इज़राइल की उन्नत मिसाइल रक्षा तकनीक इस मिशन में अहम भूमिका निभा सकती है।

क्या रक्षा शेयरों में निवेश का सही समय?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का रक्षा क्षेत्र अब केवल सरकारी ऑर्डरों पर निर्भर पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर दीर्घकालिक विकास और निर्यात क्षमता वाले सेक्टर में बदल रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल, रक्षा बजट में वृद्धि और आधुनिकीकरण कार्यक्रम इस सेक्टर को मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं। इसलिए रक्षा कंपनियों में दीर्घकालिक निवेश की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

HAL और BEL पर विशेषज्ञों की नजर

विश्लेषकों के मुताबिक Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और Bharat Electronics Limited (BEL) दीर्घकालिक रूप से मजबूत कंपनियां हैं। HAL भारत की अग्रणी एयरोस्पेस कंपनी है जिसके पास बड़े पैमाने की ऑर्डर बुक है। वहीं BEL रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरणों के विविध पोर्टफोलियो के कारण स्थिरता प्रदान करती है। दोनों कंपनियों को भविष्य की सरकारी रक्षा परियोजनाओं से लाभ मिलने की उम्मीद है।

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अन्य रक्षा कंपनियों की संभावनाएं

Mazagon Dock Shipbuilders भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए दीर्घकालिक दृष्टि से रणनीतिक रूप से अहम मानी जाती है।वहीं Bharat Dynamics Limited (BDL) के पास मिसाइल ऑर्डरों का मजबूत आधार है, लेकिन इसका कारोबार बड़े और अनियमित ऑर्डरों पर निर्भर रहता है। इसलिए इसका निकट अवधि प्रदर्शन ऑर्डर फ्लो और निष्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा।

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रक्षा सेक्टर का बदलता परिदृश्य

भारत का रक्षा उद्योग तेजी से निजी भागीदारी और तकनीकी साझेदारी की ओर बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी उत्पादन बढ़ाना है। इज़राइल जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश के साथ सहयोग इस लक्ष्य को गति दे सकता है। यही कारण है कि निवेशक इस सेक्टर को दीर्घकालिक थीम के रूप में देख रहे हैं।भारत–इज़राइल रक्षा सहयोग की बढ़ती उम्मीदों ने भारतीय रक्षा कंपनियों के शेयरों में नई ऊर्जा भर दी है। मोदी की यात्रा और संभावित तकनीकी साझेदारी से सेक्टर के दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। हालांकि निवेश से पहले जोखिम और बाजार उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना आवश्यक है।

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