लाइफस्टाइल

Lavender relationship: क्या आपका रिश्ता लैवेंडर है? समझें इसका सही अर्थ और संकेत

Lavender relationship, लैवेंडर रिलेशनशिप (Lavender Relationship) शब्द आजकल सोशल मीडिया और रिलेशनशिप डिस्कशन में काफी सुनने को मिलता है। अगर कोई रिश्ता “लैवेंडर” कहा जाता है,

Lavender relationship : लैवेंडर रिलेशनशिप क्या होता है? जानें इस अनोखे रिश्ते का असली मतलब

Lavender relationship, लैवेंडर रिलेशनशिप (Lavender Relationship) शब्द आजकल सोशल मीडिया और रिलेशनशिप डिस्कशन में काफी सुनने को मिलता है। अगर कोई रिश्ता “लैवेंडर” कहा जाता है, तो इसका मतलब एक खास तरह का सामाजिक या भावनात्मक समझौता होता है, जो पारंपरिक रोमांटिक या वैवाहिक रिश्तों से अलग होता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि लैवेंडर रिलेशनशिप क्या है, इसका इतिहास, उद्देश्य, और आधुनिक संदर्भ में इसका महत्व क्या है।

लैवेंडर रिलेशनशिप क्या है?

लैवेंडर रिलेशनशिप वह संबंध होता है जिसमें दो लोग (अक्सर अलग-अलग यौन अभिविन्यास वाले) सामाजिक, पारिवारिक या पेशेवर कारणों से एक साथ रोमांटिक या वैवाहिक जोड़े की तरह दिखाई देते हैं, जबकि उनके बीच वास्तविक रोमांटिक या यौन आकर्षण नहीं होता।

लैवेंडर शब्द का संबंध LGBTQ+ से क्यों है?

“लैवेंडर” रंग लंबे समय से LGBTQ+ पहचान का प्रतीक माना जाता है। 20वीं सदी में पश्चिमी देशों में यह शब्द उन रिश्तों के लिए इस्तेमाल होने लगा जिनमें लोग अपनी वास्तविक यौन पहचान छिपाने के लिए विपरीत लिंग के व्यक्ति से शादी या संबंध बनाते थे।

उदाहरण:

  • एक समलैंगिक पुरुष सामाजिक दबाव में महिला से शादी कर ले
  • एक लेस्बियन महिला पुरुष पार्टनर के साथ सार्वजनिक रिश्ता दिखाए

ऐसे रिश्तों को “लैवेंडर मैरिज” या “लैवेंडर रिलेशनशिप” कहा गया।

लैवेंडर रिलेशनशिप की मुख्य विशेषताएं

लैवेंडर रिलेशनशिप सामान्य रोमांटिक रिश्तों से कई मायनों में अलग होता है:

1. सामाजिक छवि बनाए रखने के लिए रिश्ता
अक्सर यह रिश्ता समाज, परिवार या करियर की वजह से बनाया जाता है।

2. भावनात्मक समझौता
दोनों पार्टनर को पता होता है कि रिश्ता पारंपरिक नहीं है।

3. रोमांटिक या यौन आकर्षण जरूरी नहीं
दोनों में आकर्षण न भी हो सकता है।

4. निजी जीवन अलग-अलग हो सकता है
कई बार पार्टनर अपने वास्तविक रोमांटिक संबंध अलग रखते हैं।

इतिहास में लैवेंडर मैरिज के उदाहरण

विशेष रूप से हॉलीवुड के शुरुआती दौर (1920–1950) में लैवेंडर मैरिज आम थी। उस समय समलैंगिकता को सामाजिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाता था, इसलिए कई कलाकारों ने अपनी छवि बचाने के लिए विपरीत लिंग से विवाह किया। कई पुराने सेलिब्रिटी विवाहों को इतिहासकार “लैवेंडर मैरिज” मानते हैं (हालांकि यह अक्सर निजी अनुमान होते हैं)।

Read More: Sexual relation after miscarriage: मिसकैरेज के बाद शरीर को कितना चाहिए आराम? जानिए सेक्स को लेकर सही गाइडलाइन

आधुनिक समय में लैवेंडर रिलेशनशिप

आज के समय में लैवेंडर रिलेशनशिप का अर्थ थोड़ा व्यापक हो गया है। अब यह केवल यौन पहचान छिपाने तक सीमित नहीं है।

आजकल यह इन स्थितियों में भी देखा जाता है:

1. सामाजिक दबाव से बचने के लिए

कई समाजों में शादी का दबाव बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में:

  • LGBTQ+ व्यक्ति
  • या शादी नहीं करना चाहने वाले लोग

समझौते से रिश्ता बना लेते हैं।

2. परिवार को संतुष्ट रखने के लिए

कुछ लोग अपने परिवार को खुश रखने के लिए दिखावटी शादी करते हैं।

3. पेशेवर छवि बनाए रखने के लिए

कुछ करियर (जैसे राजनीति, मनोरंजन, धार्मिक क्षेत्र) में पारंपरिक विवाह छवि महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Read More: Destination Wedding: उत्तराखंड के त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी का सपना? ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

क्या लैवेंडर रिलेशनशिप गलत है?

यह पूरी तरह परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

सकारात्मक पहलू:

  • दोनों की सहमति से रिश्ता
  • सामाजिक सुरक्षा मिलती है
  • परिवार का दबाव कम होता है
  • पहचान छिपाने की मजबूरी में सुरक्षा

नकारात्मक पहलू:

  • भावनात्मक दूरी
  • वास्तविक इच्छाओं का दमन
  • मानसिक तनाव
  • पार्टनर के साथ प्रामाणिकता की कमी

अगर रिश्ता मजबूरी या धोखे पर आधारित हो, तो यह समस्याग्रस्त हो सकता है।
लेकिन अगर दोनों की सहमति और समझ से हो, तो यह एक सामाजिक व्यवस्था भी माना जाता है।

लैवेंडर रिलेशनशिप बनाम प्लैटोनिक रिलेशनशिप

दोनों में अंतर समझना जरूरी है:

प्लैटोनिक रिलेशनशिप:

  • रोमांस नहीं
  • गहरी दोस्ती
  • कोई सामाजिक दिखावा जरूरी नहीं

लैवेंडर रिलेशनशिप:

  • समाज के सामने कपल छवि
  • वास्तविक रोमांस जरूरी नहीं
  • अक्सर सामाजिक कारण

यानी हर लैवेंडर रिश्ता प्लैटोनिक हो सकता है, लेकिन हर प्लैटोनिक रिश्ता लैवेंडर नहीं होता।

क्या लैवेंडर रिलेशनशिप भारत में भी होता है?

हाँ, खासकर उन समाजों में जहां:

  • समलैंगिकता स्वीकार नहीं
  • शादी सामाजिक कर्तव्य मानी जाती है
  • परिवार का दबाव ज्यादा होता है

भारत में कई LGBTQ+ लोग “समझौता विवाह” करते हैं।
कई बार दो LGBTQ+ व्यक्ति आपस में ही शादी कर लेते हैं ताकि समाज को संतुष्ट किया जा सके।

लैवेंडर रिलेशनशिप के मनोवैज्ञानिक पहलू

ऐसे रिश्तों में भावनात्मक जटिलताएं हो सकती हैं:

  • पहचान छिपाने का तनाव
  • वास्तविक प्रेम से दूरी
  • सामाजिक अभिनय की थकान
  • अकेलापन

लेकिन अगर दोनों पार्टनर दोस्त हों और समझदारी हो, तो रिश्ता स्थिर भी रह सकता है।

क्या लैवेंडर रिलेशनशिप टिकाऊ होता है?

यह इन बातों पर निर्भर करता है:

  • दोनों की सहमति
  • स्पष्ट सीमाएं
  • भावनात्मक ईमानदारी
  • बाहरी संबंधों की समझ

जहां खुलापन होता है, वहां ऐसे रिश्ते लंबे समय तक चल सकते हैं। लैवेंडर रिलेशनशिप एक ऐसा संबंध है जो सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत पहचान के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। यह पारंपरिक प्रेम या विवाह से अलग होता है, क्योंकि इसमें रोमांटिक आकर्षण जरूरी नहीं होता, बल्कि सामाजिक समझौता और आपसी सहमति अधिक महत्वपूर्ण होती है। आज के बदलते समाज में जहां यौन पहचान और संबंधों की विविधता को अधिक स्वीकार किया जा रहा है, लैवेंडर रिलेशनशिप की आवश्यकता कुछ जगहों पर कम हो रही है। लेकिन जहां सामाजिक दबाव अभी भी मजबूत है, वहां यह रिश्ते एक प्रकार की सामाजिक रणनीति के रूप में मौजूद हैं।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button