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Epstein files: सोशल मीडिया पर ट्रेंड में Epstein Files, आखिर क्या है इसकी पूरी कहानी

Epstein files, इन दिनों जैसे ही लोग इंस्टाग्राम या एक्स (ट्विटर) खोलते हैं, Epstein Files से जुड़ी वीडियो क्लिप्स और रील्स की बाढ़ सी आ जाती है। हर दूसरी पोस्ट में चौंकाने वाले दावे, पावरफुल लोगों के नाम

Epstein Files पर हंगामा, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उनके पीछे की सच्चाई

Epstein files, इन दिनों जैसे ही लोग इंस्टाग्राम या एक्स (ट्विटर) खोलते हैं, Epstein Files से जुड़ी वीडियो क्लिप्स और रील्स की बाढ़ सी आ जाती है। हर दूसरी पोस्ट में चौंकाने वाले दावे, पावरफुल लोगों के नाम और बड़ी साजिशों की बातें की जा रही हैं। ऐसे में आम यूजर के मन में यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या इन वीडियोज़ में दिखाई जा रही बातें सच हैं या फिर इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है? दरअसल, यह पूरा मामला अमेरिकी फाइनेंसर और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ा है, जिसकी साल 2019 में जेल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।

Jeffrey Epstein Case: क्यों फिर चर्चा में आया मामला?

जेफरी एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि, उसकी मौत के बाद मामला काफी हद तक ठंडा पड़ गया था। लेकिन हाल ही में अमेरिकी अदालतों और सरकार की ओर से इस केस से जुड़े हजारों पन्नों के गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इन्हीं दस्तावेजों को सोशल मीडिया पर Epstein Files के नाम से शेयर किया जा रहा है, जिसने एक बार फिर इस केस को सुर्खियों में ला दिया है।

Epstein Files क्या है? (What Are Epstein Files)

साइबर लॉयर और Lex Cyber Attorneys के संस्थापक अंकित देव अर्पण के अनुसार, Epstein Files असल में जेफरी एपस्टीन के खिलाफ जांच से जुड़े कोर्ट डॉक्यूमेंट्स, गवाहियों और सबूतों का एक विशाल कलेक्शन है। इन फाइल्स को अमेरिका के न्याय विभाग और अदालतों द्वारा अलग-अलग चरणों में सार्वजनिक किया गया है। इनमें लाखों पन्नों के रिकॉर्ड, ईमेल्स, ट्रांस्क्रिप्ट्स और केस से जुड़ी अन्य कानूनी जानकारियां शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों की सच्चाई

सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि Epstein Files में 6 मिलियन पेज, फोटो और वीडियो मौजूद हैं, जिनमें नाबालिगों के साथ अपराध से जुड़ी सामग्री है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के कई दावे भ्रामक और अतिरंजित हैं। सार्वजनिक किए गए डॉक्यूमेंट्स में संवेदनशील जानकारियां हैं, लेकिन हर वायरल वीडियो या क्लिप आधिकारिक या प्रमाणित नहीं होती। कई रील्स में अधूरी जानकारी को सनसनीखेज तरीके से पेश किया जा रहा है।

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Epstein Files को पब्लिक कब किया गया?

Epstein Files कोई एक साथ जारी किया गया डेटा नहीं है। यह अलग-अलग समय पर पब्लिक किए गए कोर्ट डॉक्यूमेंट्स का संग्रह है। मुख्य रूप से ये रिकॉर्ड 2015 में पीड़िता वर्जीनिया गिफ्रे द्वारा एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के खिलाफ दायर सिविल केस से जुड़े हैं। इसके अलावा, Epstein Files Transparency Act के तहत 2024 की शुरुआत से लेकर 2025 के अंत तक कई दस्तावेज चरणबद्ध तरीके से सार्वजनिक किए गए।

हाई-प्रोफाइल नामों को लेकर क्यों मचा हंगामा?

Epstein Files को लेकर सबसे बड़ा विवाद उन नामों को लेकर है, जो कथित तौर पर इन दस्तावेजों में दर्ज हैं।
एक्सपर्ट्स साफ तौर पर कहते हैं कि किसी का नाम किसी डॉक्यूमेंट में होना उसे अपराधी साबित नहीं करता। कई हाई-प्रोफाइल नाम सिर्फ इसलिए शामिल हैं क्योंकि वे कभी एपस्टीन से मिले थे, किसी इवेंट या बिजनेस मीटिंग में मौजूद थे या गवाहियों में उनका ज़िक्र हुआ।

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Epstein Documents में शामिल प्रमुख नाम

इन दस्तावेजों में कई पीड़ितों, गवाहों और एपस्टीन से जुड़े लोगों के बयान दर्ज हैं, जिनमें प्रमुख नाम ये हैं:

  • वर्जीनिया गिफ्रे (Virginia Giuffre): सबसे अहम आरोप लगाने वाली पीड़िता, जिसने दावा किया कि उसे कम उम्र में कई शक्तिशाली लोगों के पास भेजा गया।
  • जोहाना सोजबर्ग: गवाह, जिसने अपनी गवाही में प्रिंस एंड्रयू और अन्य प्रभावशाली लोगों से जुड़ी बातचीत का जिक्र किया।
  • मारिया फार्मर: शुरुआती व्हिसलब्लोअर्स में से एक, जिसने 1996 में FBI को एपस्टीन और मैक्सवेल की शिकायत दी थी।
  • एनी फार्मर: मारिया की बहन, जिसने ग्रूमिंग और दुर्व्यवहार से जुड़े आरोप लगाए।
  • कोर्टनी वाइल्ड: पीड़िता, जिसने एपस्टीन के 2008 के विवादित गैर-अभियोजन समझौते के खिलाफ लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी।

सोशल मीडिया यूजर्स को क्यों बरतनी चाहिए सावधानी?

साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि Epstein Files से जुड़े हर वायरल वीडियो को सच मान लेना खतरनाक हो सकता है।
कई कंटेंट क्रिएटर्स अधूरी जानकारी, अफवाहों और थ्योरीज़ को मिलाकर सनसनी फैला रहे हैं। ऐसे में किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले ऑथेंटिक सोर्स और आधिकारिक दस्तावेजों की जांच जरूरी है। Epstein Files एक बेहद संवेदनशील और जटिल मामला है, जिसे सोशल मीडिया पर क्लिकबेट और सनसनी के तौर पर पेश किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की मानें तो Epstein Files को समझने के लिए धैर्य, तथ्यों की जांच और कानूनी संदर्भ बेहद जरूरी है—हर वायरल वीडियो सच्चाई नहीं होता।

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