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Janaki Jayanti 2026: तारीख, शुभ समय, पूजा विधि और महत्व जानें कैसे मनाएं

Janaki Jayanti  2026 का पर्व माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस पावन दिन की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और धार्मिक उपायों को विस्तार से जानें।

Janaki Jayanti 2026  माता सीता के जन्म दिवस का पावन त्योहार

Janaki Jayanti 2026: Janaki Jayanti 2026 भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व खासकर उत्तर भारत के कई हिस्सों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। Janaki Jayanti 2026 में  9 या 10 फरवरी को होगी, क्योंकि यह तिथि पौराणिक कैलेंडर के अनुसार तय की जाती है। इस दिन व्रती माता सीता की पूजा अर्चना करते हैं, कथा-पाठ करते हैं और उनके आदर्श जीवन से प्रेरणा लेते हैं।

Janaki Jayanti 2026 की तिथि और शुभ समय

Janaki Jayanti 2026 की तिथि 9 या 10 फरवरी के बीच पड़ी है, जो निर्जला एकादशी के दिन भी आती है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार इस दिन का शुभ समय और पूजा-मुहूर्त विशेष महत्व रखता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। भक्तगण इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान और स्वच्छता रखकर माता सीता की पूजा करते हैं। दिन के शुभ समय पर कथा-पाठ और जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

Janaki Jayanti 2026 पर पूजन विधि

Janaki Jayanti 2026 के दिन निम्नलिखित पूजा-विधि अपनाई जाती है:

  1. सुबह सवेरे शुद्ध वस्त्र पहनकर स्वच्छ स्थान पर पूजा की तैयारी करें। 
  2. माता सीता का चित्र या मूर्ति स्थापित करें। 
  3. कालीन या सफ़ा स्थान पर चंदन, अक्षत, फूल, दीप और अगरबत्ती रखें। 
  4. श्रीराम-सीता के नाम का जाप करें और आरती करें। 
  5. कथा-पाठ करते हुए रामायण के प्रसंग सुनें और समझें। 
  6. भक्त अपना मन शुद्ध करने का प्रयास करें और माता सीता के आदर्शों पर ध्यान दें।

Janaki Jayanti 2026 का धार्मिक महत्व

Janaki Jayanti का पर्व माता सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। माता सीता को धैर्य, समर्पण, निष्ठा और आदर्श पतिव्रता नारी के रूप में सम्मान दिया जाता है। उनकी जीवन गाथा रामायण में वर्णित है और भक्तगण उन्हें आदर्श चरित्र के रूप में देखते हैं। भक्त मानते हैं कि इस दिन माता सीता की पूजा करने से मन की शांति, परिवार में सौहार्द और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। माता सीता के गुणों को अपनाने से व्यक्ति में संयम, धैर्य और श्रद्धा बढ़ती है।

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Janaki Jayanti 2026 पर किए जाने वाले उपाय

Janaki Jayanti 2026 के अवसर पर भक्त निम्न उपाय करते हैं:

  • माता सीता के नाम का ध्यान और जाप
  • गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना
  • सत्य और धर्म का पालन करना
  •  व्रत रखकर पूजा करना
  •  रामायण का पाठ

इन उपायों से भक्त अपने जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता ला सकते हैं।

निष्कर्ष

Janaki Jayanti 2026 एक पावन धार्मिक पर्व है जो माता सीता के आदर्श जीवन, समर्पण और भक्ति को याद दिलाता है। यह दिन न केवल पूजा-अर्चना का है, बल्कि जीवन में संयम, धैर्य और सच्चाई को अपनाने का भी संदेश देता है। माता सीता की गाथा से प्रेरणा लेकर भक्त अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं और परिवार में सुख, शांति और सौहार्द ला सकते हैं।

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