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अगर आपके साथ घरेलू हिंसा हो रही है तो जाने कानून और क्या हो सकती है सजा

जाने घरेलू हिंसा को लेकर कानून क्या कहता है


जैसे की आपने देखा होगा कई घरों में छोटी छोटी बातों पर लड़ाई होने लगती है। घरों में होने वाली इस लड़ाई को ही घरेलू हिंसा कहते है। आपको बता दे कि इस घरेलू हिंसा का शिकार महिलाएं और पुरुष दोनों ही होते हैं लेकिन आमतौर पर देखा जाता है कि ज्यादातर इस घरेलू हिंसा का शिकार महिलाओं को ही होना पड़ता है। इसलिए हमारे देश में समय समय पर घरेलू हिंसा को रोकने के लिए अलग-अलग कानून बनाए गए और उन्हें पारित किया गया है। तो चलिए आज उन कानून और उसमे मिलने वाली सजा के बारे में विस्तार से जानते है।

जाने कौन कौन सी बातें घरेलू हिंसा के दायरे में आती है

तो चलिए सबसे पहले आपको बताते है कि आखिर घरेलू हिंसा क्या है और कौन कौन सी बातें घरेलू हिंसा के दायरे में आती है। घरेलू हिंसा यानी की कोई भी ऐसा काम, जो किसी महिला और 18 साल से कम उम्र के बच्चे फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन पर मुश्किल लाता हो उसे घरेलू हिंसा ही कहा जाता है। घरेलू हिंसा में मारपीट से लेकर मानसिक नुकसान और आर्थिक क्षति तक को शामिल किया गया है।

इतना ही नहीं घरेलू हिंसा में तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया गया है। उन्हें उनके पूर्व पतियों से सुरक्षा प्रदान करने के इरादे से इससे शामिल किया गया है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि तलाक के बाद पूर्व पति या उसके परिवार के लोग महिला और उसके घर वालों को कई तरह की धमकियां देते हैं और परेशान करते है। या फिर महिला की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। ये सारी बातें घरेलू हिंसा के दायरे में आती है।

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जाने घरेलू हिंसा की श्रेणियों के बारे में

शारीरिक हिंसा: घरेलू हिंसा की श्रेणी में शारीरिक हिंसा सबसे गंभीर समस्या है जो की सबसे ज्यादा आम भी है। किसी भी महिला  या फिर 18 साल से कम उम्र के बच्चे फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की के साथ मारपीट, धक्का, पैर या हाथों से मारना या फिर कोई ऐसा तरीका, जो महिला या फिर बच्चे को शारीरिक तकलीफ दे, उससे इस श्रेणी में शामिल किया गया है।

लैंगिक हिंसा: घरेलू हिंसा की श्रेणी में लैंगिक हिंसा भी एक गंभीर समस्या है इस श्रेणी में किसी भी महिला को अश्लील साहित्य या अश्लील तस्वीरों को देखने के लिए विवश करना,बलात्कार करना, अपमानित करना या उसके साथ दुर्व्यवहार करना आदि चीजे शामिल है।

आर्थिक हिंसा: आर्थिक हिंसा भी घरेलू हिंसा की एक श्रेणी है आर्थिक हिंसा के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी महिला से उसके द्वारा कमाए जा रहे पैसे का हिसाब उसकी मर्जी के खिलाफ लेता है या फिर उससे बच्चों की पढ़ाई, खाना-कपड़ा आदि चीजों के लिए परेशान करता है तो वो सजा का पात्र होगा।

मौखिक और भावनात्मक हिंसा: मौखिक और भावनात्मक हिंसा भी घरेलू हिंसा का एक भाग है। कई बार किसी महिला को पता भी नहीं होता कि वो घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है लेकिन वो हो जाती है ऐसा तब होता जब कोई व्यक्ति किसी महिला या बच्चे को ताने दे देकर उसका आत्मसम्मान खत्म कर देता है या किसी भी वजह से उसे अपमानित करना या फिर उसके चरित्र पर दोषारोपण लगाना ये सारी चीजे मौखिक और भावनात्मक हिंसा का ही भाग होती है।

जाने कौन कर सकता है शिकायत

आपको बता दे कि घरेलू हिंसा के सभी पहलुओं को देखते हुए ये तय किया गया कि घरेलू हिंसा की शिकायत सिर्फ पीड़िता ही नहीं बल्कि महिला के जानने वाले भी कर सकते हैं। अगर पीड़ित महिला अपने साथ हो रही घरेलू हिंसा की शिकायत करने से डरती है तो उनके पड़ोसी, रिश्तेदार या फिर दोस्त हिंसा की शिकायत दर्ज करवा सकते है। यहाँ तक कि जो लोग उस हिंसा के बारे में सुन चुके हो या देख चुके हो व फिर कोई सामाजिक कार्यकर्ता भी इसकी शिकायत दर्ज करवा सकता है।

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