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IMD heavy rainfall: 24 अक्टूबर तक बारिश से राहत नहीं! IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

IMD heavy rainfall, देश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार,

IMD heavy rainfall : IMD ने जारी किया Rain Alert, 24 अक्टूबर तक कई राज्यों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश

IMD heavy rainfall, देश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 अक्टूबर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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तमिलनाडु और पुडुचेरी में लगातार बारिश की संभावना

तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 19 से 21 अक्टूबर के बीच राज्य के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 22 से 24 अक्टूबर तक भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। चेन्नई समेत तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हाल के दिनों में तेज बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। हालांकि, हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी। कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इसलिए स्थानीय पूर्वानुमान और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को ध्यान में रखना जरूरी है।

आंध्र प्रदेश में भी मौसम विभाग की चेतावनी

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। IMD ने 18 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई थी। रायलसीमा क्षेत्र में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी जमा होने, यातायात धीमा पड़ने और स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, इन प्रभावों की स्थिति इलाके और बारिश की वास्तविक तीव्रता पर निर्भर करेगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचें और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों में रुकने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहें।

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केरल और कर्नाटक में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 से 24 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी इस अवधि के दौरान बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। तटीय कर्नाटक के कुछ इलाकों में 20 से 22 अक्टूबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में गरज-चमक और तेज बारिश को लेकर भी चेतावनी दी गई है। बेंगलुरु सहित कुछ क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। शहरों में जलभराव की आशंका के बीच वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलाने और जल्दबाजी से बचने की जरूरत है। पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।

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बारिश के पीछे क्या है वजह?

दक्षिण भारत में बारिश की इस गतिविधि के पीछे उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता के साथ समुद्र के ऊपर बने मौसमी सिस्टम की भूमिका बताई जा रही है। IMD के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के तटवर्ती क्षेत्रों के पास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इस मौसमी गतिविधि के कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश तेज हो सकती है। मौसम प्रणालियों की स्थिति में बदलाव होने पर बारिश का क्षेत्र और तीव्रता भी बदल सकती है। इसलिए किसी एक दिन का पूर्वानुमान पूरे सप्ताह के लिए समान रूप से लागू नहीं माना जाना चाहिए। IMD की ओर से जारी जिलेवार चेतावनियों को समय-समय पर देखना जरूरी है।

गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्कता

बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है। आंध्र प्रदेश सहित कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे मौसम में पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत या पानी के आसपास रुकना जोखिम भरा हो सकता है।

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लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

बारिश के दौरान घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखना उपयोगी रहेगा। जिन इलाकों में जलभराव की समस्या होती है, वहां रहने वाले लोगों को जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। वाहन चलाते समय गति कम रखें और पानी से भरी सड़क पर वाहन ले जाने से बचें। समुद्र में जाने वाले मछुआरों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करना चाहिए।कुल मिलाकर, 24 अक्टूबर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का जोखिम जताया गया है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए लोगों को IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के आधार पर ही अपनी यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 19 से 21 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बारिश और 22 से 24 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

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