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Rajya Sabha Elections: चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, राज्यसभा की 26 सीटों पर 18 जून को मतदान

Rajya Sabha Elections, देश की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। चुनाव आयोग (ECI) ने राज्यसभा की 26 सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है।

Rajya Sabha Elections : राज्यसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू, 26 सीटों के लिए मतदान की तारीख घोषित

Rajya Sabha Elections, देश की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। चुनाव आयोग (ECI) ने राज्यसभा की 26 सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग के अनुसार, 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। इन चुनावों में 24 सीटों पर द्विवार्षिक (Biennial) चुनाव होंगे, जबकि महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। इस तरह कुल 26 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, जिसके कारण इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चुनाव होगा। इन चुनावों के नतीजे संसद के उच्च सदन में विभिन्न दलों की ताकत को प्रभावित कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर भी दिया जाएगा। मतदान 18 जून को होगा और उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न होगी।

किन राज्यों में होंगे चुनाव?

राज्यसभा की जिन सीटों पर चुनाव होने हैं, वे विभिन्न राज्यों में फैली हुई हैं। चुनाव आयोग के अनुसार:

  • आंध्र प्रदेश – 4 सीटें
  • गुजरात – 4 सीटें
  • कर्नाटक – 4 सीटें
  • मध्य प्रदेश – 3 सीटें
  • राजस्थान – 3 सीटें
  • झारखंड – 2 सीटें
  • मणिपुर – 1 सीट
  • मेघालय – 1 सीट
  • अरुणाचल प्रदेश – 1 सीट
  • मिजोरम – 1 सीट

इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।

कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल होगा समाप्त

इस बार जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh का नाम प्रमुख रूप से लिया जा रहा है। इनके अलावा विभिन्न दलों के कई सांसदों का कार्यकाल जून और जुलाई के बीच पूरा हो रहा है। इन नेताओं की विदाई और नए सदस्यों की एंट्री के साथ राज्यसभा का राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। यही वजह है कि सभी दल उम्मीदवार चयन को लेकर सावधानी बरत रहे हैं।

एनडीए और विपक्ष के लिए अहम मुकाबला

राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी दलों के बीच रणनीतिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुछ राज्यों में विपक्ष को अतिरिक्त सीटों का लाभ मिल सकता है, जबकि एनडीए अपनी मौजूदा ताकत बनाए रखने की कोशिश करेगा। राज्यसभा में बहुमत का गणित किसी भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में उच्च सदन की भूमिका अहम होती है। ऐसे में इन चुनावों के परिणाम राष्ट्रीय राजनीति पर असर डाल सकते हैं।

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कैसे होता है राज्यसभा चुनाव?

राज्यसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। इनके चुनाव में संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) और अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation) के आधार पर कराया जाता है। इस प्रणाली के कारण विधानसभा में किसी दल की संख्या के आधार पर राज्यसभा सीटों का बंटवारा तय होता है। इसलिए राज्यसभा चुनाव को अक्सर राजनीतिक दलों की वास्तविक ताकत का प्रतिबिंब माना जाता है।

उम्मीदवारों के नामों पर मंथन तेज

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद राजनीतिक दलों में उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई राज्यों में नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि कुछ वरिष्ठ नेताओं को दोबारा राज्यसभा भेजा जा सकता है।कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में उम्मीदवार चयन को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि यहां कई महत्वपूर्ण सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।

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राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव?

राज्यसभा को संसद का उच्च सदन कहा जाता है और इसकी भूमिका कानून निर्माण प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण होती है। लोकसभा में बहुमत होने के बावजूद कई बार सरकार को राज्यसभा में पर्याप्त समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने वाले वर्षों की संसदीय रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।इसके अलावा, इन चुनावों के जरिए यह भी स्पष्ट होगा कि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद विभिन्न राज्यों में राजनीतिक दलों की स्थिति कितनी मजबूत हुई है।चुनाव आयोग द्वारा 18 जून 2026 को राज्यसभा की 26 सीटों के लिए मतदान कराने की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 24 नियमित सीटों और दो उपचुनावों के जरिए राज्यसभा का नया स्वरूप सामने आएगा। कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है और नए चेहरों को संसद के उच्च सदन में प्रवेश का अवसर मिलेगा। अब सभी की नजरें उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी समीकरणों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

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