CJP Protest: संसद के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा! प्रदर्शनकारी पहुंचे करीब, अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की अहम बैठक
CJP Protest, संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का बड़ा मार्च चर्चा का केंद्र बन गया। शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े।
CJP Protest : संसद के बाहर प्रदर्शन, अंदर सियासी मंथन! धर्मेंद्र प्रधान की अमित शाह से मुलाकात चर्चा में
CJP Protest, संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का बड़ा मार्च चर्चा का केंद्र बन गया। शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े। सुरक्षा एजेंसियों ने संसद भवन के आसपास कड़े इंतजाम किए, लेकिन हजारों प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तक पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए संसद की ओर मार्च किया। कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर के नजदीकी सुरक्षा घेरे तक पहुंच गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों की तैनाती और बढ़ा दी गई।
आंसू गैस के गोले छोड़े गए
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं। पुलिस का कहना है कि संसद की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
धर्मेंद्र प्रधान पहुंचे अमित शाह से मिलने
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि बैठक के एजेंडे पर सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, लेकिन इसे प्रदर्शन और संसद सत्र के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की पहल
इसी बीच सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी संगठन के प्रतिनिधियों से बातचीत की पहल भी की गई। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा से बातचीत के लिए बुलाया गया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन चाहते हैं।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। संसद मार्ग, शास्त्री भवन, रायसीना रोड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया। एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी बंद किए गए, जिन्हें बाद में चरणबद्ध तरीके से खोला गया।
संसद के अंदर भी गूंजा मुद्दा
प्रदर्शन का असर संसद की कार्यवाही पर भी देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें?
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल क्या है स्थिति?
ताजा जानकारी के अनुसार, संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी बनी हुई है। पुलिस हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रदर्शनकारी नेताओं के साथ बातचीत की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में सबकी नजरें सरकार और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।
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