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Chamoli Badrinath Offering Theft: बदरीनाथ धाम में चढ़ावा घोटाला? प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज

Chamoli Badrinath Offering Theft, उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितता का मामला अब और गंभीर हो गया है।

Chamoli Badrinath Offering Theft : बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी, प्रमोद नौटियाल की बढ़ीं मुश्किलें

Chamoli Badrinath Offering Theft, उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितता का मामला अब और गंभीर हो गया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे पहले उन्हें निलंबित किया गया था और अब मामला आपराधिक जांच के दायरे में पहुंच चुका है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मंदिर समिति की ओर से बदरीनाथ थाने में दी गई लिखित शिकायत के आधार पर प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिर के चढ़ावे और दान की राशि के प्रबंधन में गंभीर अनियमितता हुई है, जिसकी प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।

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पहले निलंबन, अब कानूनी कार्रवाई

बीकेटीसी ने एक दिन पहले प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। समिति का कहना था कि यदि उन्हें पद पर बने रहने दिया जाता तो निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती थी। विभागीय जांच के बाद अब पुलिस में मामला दर्ज होने से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है।

कैसे सामने आया मामला?

जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी से जुड़े कुछ वीडियो और आरोप सामने आए थे। इसके बाद मंदिर समिति ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कुछ वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया और आगे की कार्रवाई की गई।

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सीसीटीवी फुटेज भी जांच का हिस्सा

जांच समिति मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है। शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संबंधित कर्मचारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना दान राशि को संभालने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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उच्चस्तरीय जांच समिति गठित

उत्तराखंड सरकार ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को पूरे मामले की जांच कर निर्धारित समय के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच समिति मंदिर की चढ़ावा व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय प्रक्रिया की भी समीक्षा करेगी।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

मामले में केवल प्रमोद नौटियाल ही नहीं, बल्कि मंदिर समिति के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इससे पहले समिति ने कई कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला

बदरीनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और दान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। मंदिर समिति का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाएगी।

सरकार का सख्त रुख

उत्तराखंड सरकार ने साफ किया है कि धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित व्यक्तियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ न्यायालय में भी मुकदमा चलाया जाएगा। अब इस मामले में पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक समीक्षा, दस्तावेजों का परीक्षण और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रमोद नौटियाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद यह मामला केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आपराधिक जांच का विषय बन चुका है।

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