Ayushman Bharat के 8 साल पूरे, PM मोदी ने बताया कैसे करोड़ों परिवारों को मिल रही स्वास्थ्य सुरक्षा
Ayushman Bharat, देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) ने अपने आठ साल पूरे कर लिए हैं।
Ayushman Bharat : आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे, ₹5 लाख के हेल्थ कवर से करोड़ों लोगों को मिली बड़ी राहत
Ayushman Bharat, देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) ने अपने आठ साल पूरे कर लिए हैं। 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान आर्थिक सुरक्षा देना है। सरकार के मुताबिक योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल भर्ती कवर दिया जाता है। 21 सितंबर 2026 तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के पास आयुष्मान कार्ड हो चुके हैं।
23 सितंबर 2018 को हुई थी शुरुआत
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को झारखंड के रांची में की थी। योजना को देश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तौर पर शुरू किया गया था। लॉन्च के समय सरकार ने गरीब और कमजोर वर्ग के करोड़ों लोगों को प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर देने की बात कही थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवारों को इलाज का खर्च उठाने के लिए अपनी बचत खत्म न करनी पड़े या कर्ज लेने की जरूरत न पड़े।
5 लाख रुपये तक का कैशलेस कवर
AB-PMJAY के तहत पात्र लाभार्थियों को सेकेंडरी और टर्शियरी केयर अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक इस योजना के तहत लगभग 13.25 करोड़ अस्पताल में भर्ती मामलों को मंजूरी दी जा चुकी थी, जिनकी कुल राशि करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये थी। योजना के नेटवर्क में 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल शामिल थे।
60 करोड़ लोगों तक पहुंचने की बात क्यों?
आयुष्मान भारत के लाभार्थी आधार को समय के साथ लगातार बढ़ाया गया है। शुरुआती दौर में योजना के तहत देश की निचली 40 प्रतिशत आबादी के गरीब और कमजोर परिवारों को शामिल किया गया था। जनवरी 2022 में केंद्र सरकार ने जनसंख्या में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए लाभार्थी परिवारों की संख्या बढ़ाकर करीब 12 करोड़ कर दी थी।इसके अलावा 2024 में योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय की परवाह किए बिना AB-PMJAY के दायरे में शामिल करने को मंजूरी दी गई। इससे लगभग 4.5 करोड़ परिवारों के करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर का लाभ मिलने का रास्ता खुला। यही वजह है कि योजना से जुड़े सरकारी बयानों में इसका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचने की बात कही जाती है। हालांकि, आठवीं वर्षगांठ के समय जारी आधिकारिक आंकड़े 48.51 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी होने की जानकारी देते हैं।
12.69 करोड़ अस्पताल में भर्ती मामलों को मिली मंजूरी
स्वास्थ्य मंत्रालय के अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक AB-PMJAY के तहत 12.69 करोड़ कैशलेस अस्पताल में भर्ती मामलों को मंजूरी दी गई थी। इनकी कुल राशि करीब 1.92 लाख करोड़ रुपये थी। योजना के तहत उस समय 37,413 सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध थे। सरकार के अनुसार, योजना ने लोगों के अपनी जेब से इलाज पर होने वाले खर्च को कम करने में भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा अनुमान के मुताबिक, कुल स्वास्थ्य खर्च में लोगों के सीधे जेब से किए जाने वाले खर्च का हिस्सा 2014-15 के 62.6 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 43.4 प्रतिशत हुआ। हालांकि इस बदलाव में स्वास्थ्य क्षेत्र की कई सरकारी पहलों का संयुक्त योगदान माना जाता है।
70 साल से ज्यादा उम्र वालों को भी मिला कवर
आयुष्मान भारत के विस्तार में 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को शामिल करना एक बड़ा बदलाव रहा। अब इस आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना योजना के तहत पात्र हो सकते हैं।सरकार के फैसले के मुताबिक, पहले से AB-PMJAY में शामिल परिवारों के 70 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्यों को अपने लिए अलग से सालाना 5 लाख रुपये तक का टॉप-अप कवर मिल सकता है। वहीं दूसरे पात्र वरिष्ठ नागरिकों को भी परिवार के आधार पर 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया गया है।
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आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी फायदा
योजना के दायरे का विस्तार सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों तक सीमित नहीं रहा। सरकार ने देशभर में काम करने वाले करीब 37 लाख आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं तथा उनके परिवारों को भी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए योजना का विस्तार किया। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने की कोशिश की गई है।
आयुष्मान भारत सिर्फ एक योजना नहीं
आयुष्मान भारत के तहत केवल PM-JAY ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई पहलें शामिल हैं। इनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और PM-Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission भी शामिल हैं।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 तक देशभर में 1.86 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे थे। इनका उद्देश्य लोगों को उनके आसपास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आगे क्या है सरकार का लक्ष्य?
आयुष्मान भारत के आठ साल पूरे होने के साथ सरकार का फोकस स्वास्थ्य कवरेज को और व्यापक बनाने पर है। योजना के विस्तार के साथ अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।आठ साल में करोड़ों आयुष्मान कार्ड जारी होने और लाखों करोड़ रुपये के अस्पताल इलाज को योजना के तहत मंजूरी मिलने के बाद अब इसका अगला चरण स्वास्थ्य कवरेज को और व्यापक बनाने से जुड़ा है। योजना के आंकड़े बताते हैं कि 5 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर लाखों परिवारों के लिए अस्पताल में भर्ती होने के दौरान आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है।
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