ACP Manasvi Vashishtha: प्रदर्शन का नेतृत्व करना पड़ा भारी! DANIPS ACP मनस्वी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय ने किया सस्पेंड
ACP Manasvi Vashishtha, दिल्ली पुलिस में एक बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम के तहत DANIPS कैडर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आई है।
ACP Manasvi Vashishtha : गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, दिल्ली पुलिस की ACP मनस्वी वशिष्ठ निलंबित
ACP Manasvi Vashishtha, दिल्ली पुलिस में एक बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम के तहत DANIPS कैडर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आई है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अपने अधिकारियों के तबादले के विरोध में दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व ACP मनस्वी वशिष्ठ ने किया था। मंगलवार, 3 नवंबर को उनके निलंबन की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?
इस पूरे विवाद की शुरुआत पूर्वी दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में 23 अक्टूबर को हुई एक घटना से हुई थी। इस दिन पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच कथित तौर पर टकराव हुआ था। इस दौरान वकील ललित बंसल को सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई थी। घटना के बाद वकीलों ने पुलिस की कार्रवाई और मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठाए थे। वकीलों का आरोप था कि जब वे मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने थाने पहुंचे, तो पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कुछ वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि ACP मनस्वी वशिष्ठ ने उन्हें धमकाया और अपनी पिस्तौल दिखाई थी। हालांकि, ये आरोप हैं और इन्हें अंतिम रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।इस विवाद के बाद दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। वकीलों की मांग थी कि घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बढ़ते विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया था। मनस्वी वशिष्ठ को गांधी नगर में सब-डिवीजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) के पद से हटाकर स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमेन एंड चिल्ड्रेन (SPUWAC) में भेजा गया था। वहीं, इंस्पेक्टर अरुण कुमार को शाहदरा थाने से हटाकर सुरक्षा इकाई में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।
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पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे सैकड़ों पुलिसकर्मी
दोनों अधिकारियों के तबादले के बाद 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी और जवान पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हुए। यह प्रदर्शन जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एक के पास हुआ। प्रदर्शन में महिला पुलिसकर्मियों समेत अलग-अलग रैंक के जवान शामिल थे। उनकी प्रमुख मांग थी कि ACP मनस्वी वशिष्ठ और इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले रद्द किए जाएं और उन्हें उनकी पुरानी तैनाती पर वापस भेजा जाए।प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मियों के हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं। इनमें पुलिसकर्मियों के सम्मान और वर्दी की गरिमा से जुड़े संदेश लिखे थे। कुछ पोस्टरों पर मनस्वी वशिष्ठ और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें भी दिखाई दीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ होने वाले कथित दुर्व्यवहार और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने की मांग उठाई।इस दौरान ACP मनस्वी वशिष्ठ भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से बातचीत के लिए खुली बैठक आयोजित करने की मांग रखी थी। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याओं को सामने रखने के लिए एक औपचारिक मंच मांगा था। उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिसकर्मियों की ओर से उठाई गई कुछ मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्यालय पहुंचे। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा समेत अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों से बातचीत की और उन्हें विभागीय अनुशासन बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने जवानों को अपनी शिकायतें उचित विभागीय माध्यमों से रखने की सलाह दी।हालांकि, प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मी पुलिस आयुक्त से सीधे बातचीत करने के लिए संपर्क सभा आयोजित करने की मांग पर कायम रहे। बाद में पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। इस बैठक में जवानों ने वर्दी के सम्मान, पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, पदोन्नति, आवास और विभागीय शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दे उठाए।
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