AHA BHA Serum: चेहरे पर AHA-BHA लगाने से पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें, स्किन को नुकसान से बचाएं
AHA BHA Serum, आजकल स्किनकेयर रूटीन में AHA और BHA का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर इन्हें डल स्किन, ब्लैकहेड्स, पिंपल्स और असमान स्किन टोन के लिए असरदार बताया जाता है।
AHA BHA Serum : AHA-BHA लगाने का सही तरीका क्या है? ये गलतियां कर सकती हैं चेहरे का निखार गायब
AHA BHA Serum, आजकल स्किनकेयर रूटीन में AHA और BHA का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर इन्हें डल स्किन, ब्लैकहेड्स, पिंपल्स और असमान स्किन टोन के लिए असरदार बताया जाता है। सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर केमिकल एक्सफोलिएंट्स त्वचा की ऊपरी सतह पर जमा डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद कर सकते हैं। इससे त्वचा ज्यादा स्मूद और साफ नजर आ सकती है। लेकिन अगर AHA-BHA का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से किया जाए, तो फायदे के बजाय जलन, लालिमा, ड्राईनेस और स्किन बैरियर को नुकसान हो सकता है। इसलिए इन्हें रूटीन में शामिल करने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है।
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AHA और BHA आखिर क्या होते हैं?
AHA यानी Alpha Hydroxy Acids और BHA यानी Beta Hydroxy Acid। स्किनकेयर में ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड और मैंडेलिक एसिड जैसे AHA का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि सैलिसिलिक एसिड सबसे आम BHA है। AHA आमतौर पर त्वचा की सतह पर मौजूद डेड स्किन सेल्स को एक्सफोलिएट करने में मदद करता है। वहीं BHA ऑयल में घुलनशील होने के कारण पोर्स के अंदर जमा ऑयल और गंदगी तक पहुंचने में मदद कर सकता है। इसी वजह से BHA को खासकर ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ग्लो के लिए लगाने से पहले स्किन टाइप समझें
AHA-BHA हर व्यक्ति की त्वचा के लिए एक जैसा काम नहीं करता। अगर आपकी स्किन पहले से बहुत ड्राई, संवेदनशील या आसानी से लाल होने वाली है, तो स्ट्रॉन्ग एक्सफोलिएंट से परेशानी बढ़ सकती है। वहीं ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन में BHA कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। एक्ने, पिगमेंटेशन या किसी खास स्किन कंडीशन के लिए एसिड इस्तेमाल करने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर है। सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड देखकर किसी एक्टिव को चेहरे पर लगाना सही तरीका नहीं है।
पहली बार इस्तेमाल कर रही हैं तो धीरे करें शुरुआत
AHA-BHA को पहली बार इस्तेमाल करते समय रोज लगाने की जरूरत नहीं होती। शुरुआत कम फ्रीक्वेंसी से करना बेहतर रहता है। खासकर अगर आपकी त्वचा एक्टिव इंग्रीडिएंट्स की आदी नहीं है, तो ज्यादा मात्रा या बार-बार इस्तेमाल करने से जलन हो सकती है। प्रोडक्ट के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें और अपनी त्वचा की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। अगर इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, लालिमा या असामान्य ड्राईनेस महसूस हो तो एक्सफोलिएंट को रोक देना चाहिए।
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एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट न लगाएं
AHA-BHA इस्तेमाल करते समय सबसे आम गलती होती है एक ही रूटीन में कई एक्टिव्स को जोड़ देना। उदाहरण के लिए, AHA-BHA के साथ रेटिनॉइड, बेंजोइल पेरॉक्साइड या दूसरे एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल त्वचा पर अतिरिक्त इरिटेशन पैदा कर सकता है। हर एक्टिव को एक साथ इस्तेमाल करने से स्किन जल्दी ग्लो करने लगेगी, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार ज्यादा एक्टिव्स का मतलब ज्यादा इरिटेशन होता है।
पैच टेस्ट को नजरअंदाज न करें
किसी नए AHA या BHA प्रोडक्ट को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है। थोड़ी मात्रा को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें कि कोई असामान्य प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही। पैच टेस्ट भी पूरी तरह यह गारंटी नहीं देता कि चेहरे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी, लेकिन इससे नए प्रोडक्ट के प्रति संभावित संवेदनशीलता का अंदाजा लगाने में मदद मिल सकती है।
आंखों और संवेदनशील हिस्सों से रखें दूर
AHA-BHA को आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा, होंठों के बेहद करीब या ऐसी जगहों पर नहीं लगाना चाहिए जहां त्वचा पहले से कटी, जली या irritated हो। एक्सफोलिएंट को हमेशा प्रोडक्ट के निर्देशों के मुताबिक इस्तेमाल करें। ज्यादा मात्रा लगाने से रिजल्ट तेजी से नहीं आता। बल्कि इससे त्वचा में जलन और रूखापन बढ़ सकता है।
AHA-BHA के बाद मॉइस्चराइजर जरूरी
केमिकल एक्सफोलिएशन के बाद त्वचा को हाइड्रेशन और बैरियर सपोर्ट की जरूरत होती है। इसलिए AHA-BHA इस्तेमाल करने के बाद एक हल्का और आपकी त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। अगर आपकी त्वचा में पहले से ड्राईनेस या संवेदनशीलता है, तो सिंपल और फ्रेगरेंस-फ्री मॉइस्चराइजर चुनना बेहतर हो सकता है। स्किन बैरियर को मजबूत रखना किसी भी एक्टिव स्किनकेयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सनस्क्रीन को बिल्कुल न भूलें
अगर आप एक्सफोलिएटिंग एसिड का इस्तेमाल कर रही हैं तो दिन के समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। धूप से त्वचा को होने वाला नुकसान पिगमेंटेशन और समय से पहले एजिंग जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। AHA जैसे एक्सफोलिएंट्स का इस्तेमाल करने के दौरान सूर्य से सुरक्षा पर खास ध्यान देना चाहिए। बाहर रहने पर सनस्क्रीन को निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाना भी जरूरी हो सकता है।
जलन हो तो ग्लो के पीछे न भागें
स्किनकेयर में यह जरूरी नहीं कि किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद हल्की जलन होना मतलब वह काम कर रहा है। लगातार जलन, तेज लालिमा, सूजन, खुजली या त्वचा का छिलना इरिटेशन के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में एक्सफोलिएंट का इस्तेमाल रोकना चाहिए और त्वचा को शांत करने वाले बेसिक रूटीन पर लौटना बेहतर है। गंभीर या लगातार लक्षण होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
हर दिन एक्सफोलिएशन जरूरी नहीं
चेहरे पर डेड स्किन हटाने के लिए रोज AHA-BHA लगाने की जरूरत नहीं होती। त्वचा को रिकवर होने का समय देना भी उतना ही जरूरी है। आपका स्किन टाइप, इस्तेमाल किए जा रहे एसिड की ताकत और दूसरे एक्टिव प्रोडक्ट्स के आधार पर सही फ्रीक्वेंसी अलग हो सकती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति का रूटीन कॉपी करने के बजाय अपनी त्वचा की जरूरत को प्राथमिकता दें।आखिर में यह समझना जरूरी है कि AHA-BHA कोई तुरंत ग्लो देने वाला जादुई फॉर्मूला नहीं है। सही प्रोडक्ट, सही मात्रा, उचित फ्रीक्वेंसी और सन प्रोटेक्शन के साथ इनका इस्तेमाल स्किन टेक्सचर और कुछ समस्याओं में मदद कर सकता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन चेहरे का नेचुरल निखार बढ़ाने के बजाय स्किन बैरियर को कमजोर कर सकता है। इसलिए स्किनकेयर में ज्यादा प्रोडक्ट्स नहीं, बल्कि सही और संतुलित रूटीन ज्यादा मायने रखता है।
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