Flydubai Attack: बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान क्रैश कराने की थी कथित योजना? Flydubai को-पायलट से पूछताछ में बड़ा दावा
Flydubai Attack, इजरायल जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को हुए खौफनाक कॉकपिट हमले की जांच में अब कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया है कि उसका इरादा विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट तक ले जाकर किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने का था।
Flydubai Attack : 9/11 की तर्ज पर हमले की तैयारी? Flydubai को-पायलट को लेकर जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
Flydubai Attack, इजरायल जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को हुए खौफनाक कॉकपिट हमले की जांच में अब कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया है कि उसका इरादा विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट तक ले जाकर किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने का था। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उसने इजरायल जाने वाली एयरलाइन की तलाश की थी और कथित योजना को अंजाम देने के लिए Flydubai को चुना था।हालांकि, इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है और शुरुआती इजरायली जांच में उसे संभावित रूप से अकेले काम करने वाला व्यक्ति माना जा रहा है। फिलहाल किसी आतंकी संगठन से उसके सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश करने का दावा
ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अल-हमामी ने जांचकर्ताओं को कथित तौर पर बताया कि वह विमान को सामान्य तरीके से तेल अवीव तक ले जाना चाहता था। इसके बाद कप्तान को रास्ते से हटाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने और बेन गुरियन एयरपोर्ट पर किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने की योजना थी। इजरायली मीडिया रिपोर्टों में इस कथित योजना की तुलना 9/11 जैसी विमान-आधारित आतंकी घटना से की गई है।एक रिपोर्ट के अनुसार, हमामी ने यह भी बताया कि उसने ऐसी एयरलाइनों के बारे में जानकारी जुटाई थी जो तेल अवीव के लिए उड़ान भरती हैं और इसी वजह से कथित तौर पर Flydubai से जुड़ने का फैसला किया। हालांकि, इन पूछताछ संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कप्तान पर कॉकपिट में किया हमला
30 सितंबर को Flydubai की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच अचानक हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने भारतीय मूल के कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया।घटना के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। Reuters के अनुसार, विमान ने बेहद कम समय में करीब 14,000 फीट की ऊंचाई खो दी। इसके बाद क्रू और यात्रियों ने स्थिति को संभालने में मदद की।कप्तान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने अंदर पहुंचकर कथित हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
यात्रियों ने टाली बड़ी तबाही
इस घटना के दौरान यात्रियों और क्रू की भूमिका बेहद अहम रही। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के कॉकपिट में संघर्ष के दौरान कुछ यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान को सुरक्षित उतारा जा सका।घटना के बाद यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए इजरायल पहुंचाया गया। इजरायली अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा संकट माना और उन लोगों की बहादुरी की सराहना की, जिन्होंने विमान को संभावित दुर्घटना से बचाने में मदद की।
पहले से थी हमले की तैयारी?
ताजा रिपोर्टों में सबसे गंभीर दावा यह है कि यह घटना अचानक पैदा हुआ विवाद नहीं, बल्कि कथित तौर पर पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा हो सकती है। The Jerusalem Post ने एक इजरायली स्रोत के हवाले से बताया कि हमामी ने कथित तौर पर एयरलाइनों पर शोध किया था और तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली Flydubai को इसी उद्देश्य से चुना था।वहीं Times of Israel ने रिपोर्ट किया कि पूछताछ में हमामी ने कथित तौर पर बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की बात कही। रिपोर्ट के अनुसार, वह विमान को एयरपोर्ट तक सामान्य तरीके से ले जाकर वहां हमला करना चाहता था।इन दावों की जांच अभी चल रही है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि पूछताछ में सामने आई जानकारी कितनी सटीक है और क्या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद इजरायल में विदेशी उड़ानों की सुरक्षा और पायलटों की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। Associated Press के अनुसार, हमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था और उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर भी जांच की जा रही है। इसके बावजूद वह Flydubai के जरिए इजरायल जाने वाली उड़ान के को-पायलट के रूप में कैसे काम कर रहा था, यह बड़ा सवाल बन गया है।इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विदेशी नागरिक उड्डयन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आदेश दिए हैं। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि पायलट की पृष्ठभूमि और पूर्व रिकॉर्ड की जांच किस स्तर तक हुई थी।
क्या किसी आतंकी संगठन से था संबंध?
फिलहाल इस मामले में किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। शुरुआती इजरायली जांच के मुताबिक, हमामी के अकेले काम करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। CBS की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं को अभी तक किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से उसके संबंध का स्पष्ट सबूत नहीं मिला है, हालांकि जांच जारी है।यही वजह है कि मामले को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। अधिकारियों की जांच में उसके पुराने रिकॉर्ड, विचारधारा, यात्रा और रोजगार से जुड़े विवरणों के साथ-साथ यह भी देखा जा रहा है कि घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठन था या नहीं।
भारतीय कप्तान की बहादुरी बनी अहम कड़ी
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को पूरी तरह हमलावर के नियंत्रण में जाने से रोका और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद अन्य पायलटों और यात्रियों ने मिलकर स्थिति संभाली और विमान को सुरक्षित लैंड कराया।फिलहाल Flydubai फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी यह घटना अंतरराष्ट्रीय विमान सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी बन गई है। एक ओर जांच में कथित तौर पर बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की योजना सामने आई है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को यह तय करना बाकी है कि यह एक अकेले व्यक्ति की साजिश थी या इसके पीछे कोई व्यापक नेटवर्क। जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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