Ujjain News: बवाल के बाद शाही मस्जिद हटाने की तैयारी, मंदिर पर भी चला प्रशासन का एक्शन
Ujjain News, मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
Ujjain News: विवाद के बाद मस्जिद और मंदिर पर एक्शन, इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात
Ujjain News, मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले निर्माणों को हटाने के दौरान शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर विरोध हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। मंगलवार को प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने का काम आगे बढ़ाया गया।
सड़क चौड़ीकरण के दौरान क्यों शुरू हुआ विवाद?
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर के कई हिस्सों में सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नगर निगम की ओर से सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इस परियोजना के तहत सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले कई मकानों और अन्य संरचनाओं को हटाया जा रहा है।रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 272 संरचनाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन ने पहले से कई स्थानों पर निर्माणों की माप और मार्किंग की है। कई लोगों ने सड़क की सीमा में आने वाले अपने मकानों के हिस्से खुद हटाने शुरू किए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने पैतृक मकान का प्रभावित हिस्सा हटाने की कार्रवाई में खुद हिस्सा लिया था।इसी प्रक्रिया में शाही मस्जिद का भी कुछ हिस्सा सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने की बात सामने आई। मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और विरोध शुरू हो गया।
सोमवार को कैसे बिगड़ा माहौल?
सोमवार को शाही मस्जिद परिसर के आसपास विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती भी की गई।घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा और पथराव के मामले में 15 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान करने की बात कही है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स पर भड़काऊ या भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील भी की गई। घटना के बाद संवेदनशील इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच क्या समझौता हुआ?
विवाद के बीच मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ तक पहुंचा। सोमवार को सुनवाई के दौरान मस्जिद से जुड़े पक्ष ने नगर निगम के साथ हुए समझौते की जानकारी अदालत को दी। इसके बाद अदालत ने संबंधित दो अपीलों का निपटारा कर दिया और समझौते में नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासनों को बाध्यकारी माना।मस्जिद पक्ष की ओर से अदालत में बताया गया कि बातचीत के बाद सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के करीब तीन फीट हिस्से को हटाने पर सहमति बनी है। इससे पहले प्रशासन की ओर से हटाए जाने वाले हिस्से की मात्रा अधिक बताई गई थी। समझौते में प्रभावित हिस्से और मस्जिद से जुड़े अन्य निर्माणों को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है।रिपोर्टों के मुताबिक, मस्जिद के प्रभावित हिस्से से जुड़ी मीनार को भवन के भीतर दूसरी जगह स्थानांतरित करने और प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जैसे बिंदु भी समझौते में शामिल हैं। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते में तय शर्तों का पालन करने को कहा है।
मंगलवार को आगे बढ़ा हटाने का काम
सोमवार की हिंसक झड़प के बाद मंगलवार को शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई। पुलिस की मौजूदगी में सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले हिस्सों को हटाने का काम आगे बढ़ाया गया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, समझौते के बाद मस्जिद के प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।प्रशासन की कोशिश है कि सड़क चौड़ीकरण का काम तय योजना के अनुसार पूरा किया जाए और इसके कारण यातायात व्यवस्था में सुधार हो। साथ ही संवेदनशील धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में बातचीत और सहमति के जरिए स्थिति को संभालने पर जोर दिया जा रहा है।
Read More: Cancer Drug Price: ₹2,700 की कैंसर दवा पर ₹27,000 MRP! सुप्रीम कोर्ट ने उठाए कीमतों पर गंभीर सवाल
सिर्फ मस्जिद ही नहीं, कई संरचनाएं परियोजना के दायरे में
उज्जैन का यह मामला केवल शाही मस्जिद तक सीमित नहीं है। सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में बड़े पैमाने पर सड़क और यातायात संबंधी विकास कार्य चल रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण परियोजना में 272 संरचनाओं के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें आवासीय और व्यावसायिक इमारतों के साथ धार्मिक स्थलों से जुड़े हिस्से भी शामिल हैं।प्रशासन का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के दबाव को संभालने के लिए शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक मकान का हिस्सा भी इसी सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत हटाया गया है।
धार्मिक स्थलों को लेकर भी चल रही प्रक्रिया
सड़क चौड़ीकरण के दौरान कुछ धार्मिक स्थलों से जुड़े हिस्सों को पीछे करने या स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की भी जानकारी सामने आई है। प्रशासन और संबंधित धार्मिक संस्थानों के बीच बातचीत के जरिए ऐसे मामलों को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।इस पूरे अभियान में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। शाही मस्जिद को लेकर सोमवार को हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को इसी वजह से और कड़ा किया गया है।
सिंहस्थ 2028 के लिए क्यों जरूरी है सड़क चौड़ीकरण?
सिंहस्थ महापर्व 2028 में उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन के मद्देनजर शहर में सड़क, घाट, यातायात और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान शहर में वाहनों और पैदल यात्रियों का दबाव काफी बढ़ जाता है, इसलिए पहले से बुनियादी ढांचे को तैयार किया जा रहा है।इसी व्यापक योजना के तहत कई सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। कुछ परियोजनाओं में सड़क की चौड़ाई 15 मीटर तक करने की योजना है। एक अन्य संबंधित सड़क परियोजना में करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए लगभग 9.80 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है और 272 भवन प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।
Read More: Cancer Drug Price: ₹2,700 की कैंसर दवा पर ₹27,000 MRP! सुप्रीम कोर्ट ने उठाए कीमतों पर गंभीर सवाल
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
सोमवार की झड़प के बाद उज्जैन प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की मौजूदगी के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ रहा है। मस्जिद कमेटी और नगर निगम के बीच हुए समझौते के बाद कानूनी स्थिति भी स्पष्ट हुई है।फिलहाल प्रशासन के सामने प्राथमिकता सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाना और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को लेकर बनी सहमति के बाद कार्रवाई आगे बढ़ रही है, जबकि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क और दूसरी आधारभूत परियोजनाओं का काम जारी है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







