Fake Paneer: नकली पनीर से बचना है तो खरीदते समय जरूर देखें ये चीजें, जानें आसान तरीका
Fake Paneer, पनीर भारतीय खानपान का बेहद लोकप्रिय हिस्सा है। प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत के तौर पर इसे घरों से लेकर रेस्टोरेंट और होटल तक खूब इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाला हर सफेद और मुलायम पनीर असली डेयरी पनीर हो, यह जरूरी नहीं है।
Fake Paneer : एनालॉग पनीर का बढ़ता इस्तेमाल बना चिंता का कारण, खरीदने से पहले जानें कैसे करें पहचान
Fake Paneer, पनीर भारतीय खानपान का बेहद लोकप्रिय हिस्सा है। प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत के तौर पर इसे घरों से लेकर रेस्टोरेंट और होटल तक खूब इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाला हर सफेद और मुलायम पनीर असली डेयरी पनीर हो, यह जरूरी नहीं है। हाल के वर्षों में डेयरी एनालॉग्स यानी ऐसे उत्पाद जो असली डेयरी उत्पाद जैसे दिखते हैं लेकिन उनकी संरचना अलग हो सकती है, को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंता बढ़ी है। खासतौर पर पनीर जैसे उत्पादों के मामले में यह सवाल अहम हो जाता है कि ग्राहक को असली पनीर मिल रहा है या किसी दूसरे फैट और सामग्री से तैयार किया गया विकल्प।भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI के नियमों के मुताबिक असली पनीर दूध या दूध से प्राप्त सामग्री को अनुमत एसिडुलेंट की मदद से जमाकर और गर्म करके तैयार किया जाता है। सामान्य पनीर में नमी की अधिकतम सीमा 60 प्रतिशत और ड्राई मैटर के आधार पर मिल्क फैट कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए।

क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह देखने में असली पनीर जैसा हो सकता है। डेयरी एनालॉग में दूध की फैट को आंशिक या पूरी तरह दूसरे खाद्य फैट से बदला जा सकता है। FSSAI ने डेयरी एनालॉग्स के संदर्भ में यह भी बताया है कि ऐसे उत्पादों को असली डेयरी उत्पाद के रूप में गलत तरीके से पेश किए जाने की समस्या हो सकती है।इसका मतलब यह नहीं है कि हर एनालॉग उत्पाद अपने आप जहरीला या असुरक्षित है। असली चिंता तब पैदा होती है जब किसी एनालॉग उत्पाद को बिना सही जानकारी या लेबल के असली पनीर बताकर बेचा जाए। उपभोक्ता को यह पता होना चाहिए कि वह दूध से बना पनीर खरीद रहा है या कोई अलग संरचना वाला उत्पाद।
असली पनीर की पहचान कैसे करें?
असली पनीर की पहचान के लिए सबसे पहले उसके लेबल और पैकेजिंग पर ध्यान दें। पैकेज्ड पनीर खरीदते समय सामग्री यानी ingredients जरूर पढ़ें। दूध या मिल्क सॉलिड्स के साथ अनुमत सामग्री का उल्लेख होना चाहिए। यदि उत्पाद में दूसरे खाद्य फैट या अन्य सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो उसकी जानकारी लेबल पर देखना जरूरी है।दूसरी महत्वपूर्ण चीज है FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन। पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी और लाइसेंस संबंधी विवरण जांचें। FSSAI की FoSCoS सुविधा के जरिए उपभोक्ता किसी खाद्य कारोबार के FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की स्थिति भी सत्यापित कर सकते हैं।
बहुत ज्यादा सस्ता पनीर हो तो रहें सावधान
अगर किसी दुकान या बाजार में पनीर सामान्य कीमत से असामान्य रूप से सस्ता मिल रहा है, तो सावधानी बरतना बेहतर है। केवल कम कीमत देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पनीर नकली है, लेकिन कीमत और गुणवत्ता के बीच बड़ा अंतर होने पर उत्पाद की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।विशेष रूप से खुले में बिकने वाले पनीर में ग्राहक के पास लेबल, सामग्री और निर्माता की जानकारी जांचने का विकल्प कम होता है। इसलिए संभव हो तो भरोसेमंद विक्रेता से पनीर खरीदें और पैक्ड उत्पाद में लेबल, निर्माण तिथि, एक्सपायरी और स्टोरेज संबंधी निर्देश जरूर देखें।
स्वाद और बनावट से भी मिल सकता है संकेत
असली पनीर सामान्य तौर पर दूध से बनी अपनी विशिष्ट खुशबू और स्वाद रखता है। इसकी बनावट न तो जरूरत से ज्यादा रबड़ जैसी होनी चाहिए और न ही असामान्य रूप से चिकनी या प्लास्टिक जैसी। हालांकि केवल देखकर या छूकर यह निश्चित रूप से साबित नहीं किया जा सकता कि कोई पनीर नकली है।यही बात सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई घरेलू टेस्ट पर भी लागू होती है। पनीर को गर्म करने, जलाने या किसी खास पदार्थ के साथ मिलाने जैसे टेस्ट देखकर तुरंत यह फैसला नहीं किया जा सकता कि उत्पाद असली है या नकली। खाद्य पदार्थ की वास्तविक संरचना जानने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण ज्यादा भरोसेमंद तरीका है।
घर पर मिलावट की जांच कितनी भरोसेमंद?
FSSAI उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में मिलावट की जानकारी देने के लिए DART यानी Detect Adulteration with Rapid Test जैसी पहल चलाता है। इसके तहत दूध और अन्य खाद्य पदार्थों में कुछ सामान्य मिलावट की पहचान के लिए सरल टेस्ट बताए गए हैं। FSSAI की वेबसाइट पर घरेलू स्तर पर किए जाने वाले कई टेस्ट और वीडियो भी उपलब्ध हैं।लेकिन हर संदिग्ध पनीर की समस्या घरेलू टेस्ट से साबित नहीं की जा सकती। अगर आपको किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह है, तो उसका नमूना मान्यता प्राप्त फूड लैब में जांच के लिए भेजना ज्यादा उचित है। FSSAI ने NABL से मान्यता प्राप्त और अधिसूचित फूड लैब्स की सूची उपलब्ध कराई है।
एनालॉग पनीर को लेकर FSSAI की चिंता
एनालॉग पनीर को लेकर नियामक स्तर पर भी चर्चा हुई है। FSSAI की एक हालिया समिति सामग्री में कहा गया कि उपभोक्ताओं के लिए एनालॉग और असली पनीर में अंतर करना मुश्किल हो सकता है, खासकर जागरूकता की कमी की स्थिति में। इसमें यह चिंता भी जताई गई कि डेयरी एनालॉग्स को गलत तरीके से संबंधित असली डेयरी उत्पाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, विशेष रूप से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर में।इसलिए सिर्फ घर पर पनीर खरीदते समय ही नहीं, बल्कि बाहर खाना खाते समय भी सावधानी जरूरी है। अगर किसी डिश में इस्तेमाल होने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो प्रतिष्ठित और स्वच्छता मानकों का पालन करने वाले रेस्टोरेंट को प्राथमिकता देना बेहतर है।
Read More: Choral Day 2026: जब कई आवाजें मिलकर बनाती हैं एक खूबसूरत धुन, जानें इस दिन का महत्व
सेहत के लिए क्यों जरूरी है सावधानी?
पनीर को लोग अक्सर प्रोटीन वाले पौष्टिक भोजन के तौर पर खाते हैं। लेकिन यदि किसी उत्पाद को असली पनीर बताकर बेचा जा रहा हो और उसमें दूध की जगह अलग फैट या अन्य सामग्री का इस्तेमाल हुआ हो, तो उसका पोषण प्रोफाइल असली पनीर से अलग हो सकता है। इसके अलावा खराब तरीके से तैयार, स्टोर या पैक किया गया खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी का जोखिम भी पैदा कर सकता है।हालांकि किसी खास एनालॉग उत्पाद को केवल देखकर ‘सेहत के लिए खतरनाक’ कहना सही नहीं होगा। उसकी सामग्री, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा परीक्षण के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
Read More: मोहम्मद सिराज की नई जिम्मेदारी, Ranji Trophy 2026-27 में हैदराबाद की करेंगे कप्तानी
पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
पनीर खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद विक्रेता या ब्रांड को प्राथमिकता दें। पैकेज्ड पनीर में ingredients, FSSAI विवरण, निर्माण और एक्सपायरी की तारीख जांचें। पैकेट फूला हुआ, क्षतिग्रस्त या संदिग्ध हो तो उसे न खरीदें। पनीर को खरीदने के बाद उचित तापमान पर रखें और लंबे समय तक खुले में न छोड़ें।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिर्फ रंग, कीमत, स्वाद या किसी एक वायरल घरेलू टेस्ट के आधार पर पनीर को असली या नकली घोषित न करें। संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर नमूने की जांच मान्यता प्राप्त लैब में कराई जा सकती है। FSSAI उपभोक्ताओं को मिलावट या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के लिए संपर्क करने की सुविधा भी देता है।इसलिए अगली बार बाजार से पनीर खरीदें तो केवल उसकी सफेदी और मुलायम बनावट देखकर प्रभावित न हों। लेबल, सामग्री, स्रोत और खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी जांचना ही असली पनीर चुनने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







