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Maharashtra FDA Action: दवा दुकानों से लेकर फैक्ट्रियों तक FDA की रेड, 203 लाइसेंस कैंसिल और ₹11.41 करोड़ का स्टॉक जब्त

Maharashtra FDA Action, महाराष्ट्र में दवाओं की गुणवत्ता और मेडिकल दुकानों में नियमों के पालन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने बड़ी कार्रवाई की है।

Maharashtra FDA Action : महाराष्ट्र में दवा कारोबार पर सख्ती, 2902 जगहों की जांच के बाद 880 पर कार्रवाई

Maharashtra FDA Action, महाराष्ट्र में दवाओं की गुणवत्ता और मेडिकल दुकानों में नियमों के पालन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने बड़ी कार्रवाई की है। जून से अगस्त 2026 के बीच चलाए गए तीन महीने के विशेष निरीक्षण अभियान में विभाग ने राज्यभर में हजारों दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान 880 लाइसेंसधारक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि 203 लाइसेंस रद्द और 677 लाइसेंस निलंबित किए गए। अधिकारियों ने तलाशी और जब्ती की 104 कार्रवाइयों में करीब 11.41 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और कॉस्मेटिक्स जब्त किए।

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2902 प्रतिष्ठानों की हुई जांच

महाराष्ट्र FDA के अभियान के दौरान कुल 2,902 निरीक्षण किए गए। इनमें 607 दवा निर्माण प्रतिष्ठान और 2,295 दवा बिक्री प्रतिष्ठान शामिल थे। जांच के बाद 140 निर्माण इकाइयों और 740 बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की गई। विभाग की कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित नहीं रही, बल्कि गंभीर उल्लंघनों के मामलों में लाइसेंस निलंबन और रद्द करने जैसे कदम भी उठाए गए।FDA की इस कार्रवाई से साफ है कि विभाग दवा निर्माण से लेकर मेडिकल स्टोर पर बिक्री तक पूरी सप्लाई चेन की निगरानी बढ़ा रहा है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि मरीजों तक पहुंचने वाली दवाएं निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों।

203 लाइसेंस रद्द, 677 पर निलंबन

इस अभियान में सबसे बड़ी कार्रवाई लाइसेंस को लेकर हुई। FDA ने नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 203 लाइसेंस रद्द किए, जबकि 677 लाइसेंस निलंबित किए गए। लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई उन प्रतिष्ठानों के खिलाफ की गई जहां निरीक्षण के दौरान गंभीर या लगातार नियमों का उल्लंघन सामने आया।लाइसेंस रद्द होना किसी दवा निर्माण इकाई या मेडिकल प्रतिष्ठान के लिए बेहद गंभीर कार्रवाई मानी जाती है, क्योंकि इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान को वैध लाइसेंस के आधार पर अपना कारोबार जारी रखने की अनुमति नहीं रहती। वहीं निलंबन की अवधि और आगे की कार्रवाई मामले की प्रकृति तथा नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

11.41 करोड़ रुपये की दवाएं और कॉस्मेटिक्स जब्त

FDA की 104 Search and Seizure कार्रवाइयों के दौरान अवैध दवाओं और कॉस्मेटिक्स का बड़ा स्टॉक बरामद हुआ। विभाग के अनुसार जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 11.41 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के दौरान 20 FIR दर्ज की गईं और 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों से यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त किए गए पूरे स्टॉक में किस-किस दवा या कॉस्मेटिक ब्रांड के उत्पाद शामिल थे। साथ ही, हर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया का अंतिम परिणाम भी अभी सामने नहीं आया है। इसलिए जब्ती को सीधे तौर पर किसी विशेष दवा के मरीजों के लिए नुकसानदायक होने का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।

दवा फैक्ट्रियों में भी मिली गड़बड़ी

FDA की जांच में सिर्फ मेडिकल दुकानों पर ही नहीं, बल्कि दवा और कॉस्मेटिक्स बनाने वाली फैक्ट्रियों में भी कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार कुछ इकाइयों में पर्याप्त योग्य तकनीकी कर्मचारियों की कमी पाई गई। कुछ मामलों में Batch Manufacturing Records यानी उत्पादन से जुड़े रिकॉर्ड और वास्तविक उत्पादन के बीच अंतर मिला। इसके अलावा गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित प्रक्रियाओं में भी कमियां सामने आईं।कुछ मामलों में ऐसे उत्पाद बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई जो संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस के दायरे में नहीं थे। FDA ने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले यानी Not of Standard Quality (NSQ) उत्पादों से जुड़े मामलों को भी गंभीरता से लिया।

मेडिकल दुकानों में इन नियमों का उल्लंघन

दवा बिक्री प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान भी कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ जगहों पर दवाओं की बिक्री रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की निगरानी के बिना की जा रही थी। कुछ प्रतिष्ठानों में बिना उचित बिल के लेन-देन, Schedule H1 दवाओं के रिकॉर्ड में कमी और निर्धारित दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन बेचने जैसी गड़बड़ियां पाई गईं।FDA ने दवाओं के भंडारण को लेकर भी सवाल उठाए। खासतौर पर तापमान नियंत्रित रखने की जरूरत वाली दवाओं के मामले में नियमों का पालन महत्वपूर्ण है। इंसुलिन और कुछ वैक्सीन जैसी दवाओं को निर्धारित तापमान पर रखना जरूरी होता है। गलत तरीके से स्टोरेज होने पर उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

एक्सपायर्ड दवाओं को लेकर भी सख्ती

निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों में मियाद पूरी कर चुकी दवाओं के स्टोरेज और बिक्री से जुड़े नियमों में भी उल्लंघन पाए गए। एक्सपायर्ड दवाओं को सामान्य बिक्री वाले स्टॉक से अलग रखना जरूरी होता है ताकि वे गलती से ग्राहकों तक न पहुंचें। दवा कारोबार में रिकॉर्ड का सही होना भी बेहद महत्वपूर्ण है। किस दवा की कितनी मात्रा आई, कितनी बिकी और कितना स्टॉक बचा है इसका हिसाब उपलब्ध रहने से किसी संदिग्ध या प्रतिबंधित उत्पाद की सप्लाई चेन को ट्रैक करने में मदद मिलती है।

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ब्लड बैंक और स्टोरेज सेंटर भी जांच के दायरे में

FDA का अभियान केवल दवा कंपनियों और मेडिकल दुकानों तक सीमित नहीं रहा। विभाग की निगरानी में ब्लड बैंक और ब्लड स्टोरेज सेंटर भी शामिल रहे। यहां रिकॉर्ड रखने, ब्लड कंपोनेंट की ट्रेसबिलिटी, जरूरी अधिकारियों की उपलब्धता, उपकरणों के कैलिब्रेशन और स्टोरेज से जुड़े नियमों की जांच की गई।ब्लड कंपोनेंट के मामले में रिकॉर्ड और ट्रेसबिलिटी बेहद अहम होती है, क्योंकि इसका सीधा संबंध मरीजों की चिकित्सा प्रक्रिया से होता है। इसलिए ऐसे प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन न होने पर FDA की कार्रवाई को गंभीरता से देखा जा रहा है।

21 लोगों की गिरफ्तारी और 20 FIR

अवैध दवाओं और कॉस्मेटिक्स से जुड़े मामलों में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए विभाग ने 20 FIR दर्ज कीं और 21 लोगों को गिरफ्तार किया। इससे संकेत मिलता है कि FDA अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय गंभीर मामलों में आपराधिक कानूनी प्रक्रिया का भी इस्तेमाल कर रहा है।हालांकि, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के मामलों में अदालत की अंतिम स्थिति या दोष सिद्ध होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन मामलों को फिलहाल आरोप और जांच की प्रक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

FDA कमिश्नर ने क्या कहा?

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता और नियमों के अनुपालन को मजबूत करना बताया गया है। विभाग का कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए दवा के निर्माण से लेकर अंतिम बिक्री तक हर चरण पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।FDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करने वाले प्रतिष्ठानों को सहयोग दिया जाएगा, लेकिन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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आगे भी जारी रह सकती है सख्ती

महाराष्ट्र FDA की तीन महीने की कार्रवाई ने दवा निर्माण और बिक्री से जुड़े नियमों के पालन पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। 2,902 निरीक्षण, 880 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, 677 लाइसेंस निलंबन, 203 लाइसेंस रद्द और 11.41 करोड़ रुपये के अवैध स्टॉक की जब्ती इस अभियान के पैमाने को दिखाती है।आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनमें कितने सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं और FDA की फॉलो-अप जांच में क्या नतीजे सामने आते हैं। फिलहाल इस कार्रवाई का सबसे बड़ा संदेश यही है कि दवा निर्माण, बिक्री, भंडारण और रिकॉर्ड से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर नियामक एजेंसी की नजर बनी हुई है।

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