Kinnaur Kailash Yatra: किन्नौर कैलाश यात्रा पर जाने का बना रहे हैं प्लान? दिल्ली वालों के लिए पूरी जानकारी
Kinnaur Kailash Yatra, हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक है किन्नौर कैलाश यात्रा, जिसे भगवान शिव के सबसे पवित्र तीर्थों में गिना जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु और ट्रैकिंग के शौकीन इस कठिन लेकिन रोमांचक यात्रा में हिस्सा लेते हैं।
Kinnaur Kailash Yatra : भगवान शिव के दर्शन का सुनहरा मौका! शुरू हुई किन्नौर कैलाश यात्रा, ऐसे करें तैयारी
Kinnaur Kailash Yatra, हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक है किन्नौर कैलाश यात्रा, जिसे भगवान शिव के सबसे पवित्र तीर्थों में गिना जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु और ट्रैकिंग के शौकीन इस कठिन लेकिन रोमांचक यात्रा में हिस्सा लेते हैं। वर्ष 2026 की किन्नौर कैलाश यात्रा शुरू हो चुकी है और श्रद्धालुओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।अगर आप दिल्ली से किन्नौर कैलाश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यहां जानिए पूरा रूट, यात्रा का खर्च, जरूरी तैयारी और महत्वपूर्ण टिप्स।
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क्या है किन्नौर कैलाश यात्रा?
किन्नौर कैलाश हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है। यहां लगभग 79 फीट ऊंची प्राकृतिक शिवलिंग जैसी चट्टान है, जिसे भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 4,800 मीटर (करीब 15,700 फीट) की ऊंचाई पर स्थित यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ एडवेंचर का भी शानदार अनुभव देती है।यात्रा का मुख्य ट्रैक तांगलिंग गांव से शुरू होकर किन्नौर कैलाश शिवलिंग तक जाता है। पूरा ट्रैक लगभग 18 से 20 किलोमीटर (आना-जाना करीब 36 से 40 किलोमीटर) का होता है।
दिल्ली से कैसे पहुंचें?
सड़क मार्ग
दिल्ली से किन्नौर पहुंचने का सबसे सुविधाजनक तरीका सड़क मार्ग है।
रूट:
दिल्ली → चंडीगढ़ → शिमला → नारकंडा → रामपुर → रिकांग पियो → तांगलिंग गांव
- कुल दूरी: लगभग 620-650 किलोमीटर
- यात्रा समय: 14 से 16 घंटे (वाहन और ट्रैफिक के अनुसार)
आप अपनी कार से जा सकते हैं या दिल्ली से शिमला और रिकांग पियो के लिए बस सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं।

ट्रेन से यात्रा
किन्नौर तक सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है।
- दिल्ली से कालका तक ट्रेन लें।
- कालका से शिमला के लिए टॉय ट्रेन या टैक्सी लें।
- इसके बाद शिमला से रिकांग पियो और फिर तांगलिंग गांव तक बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग
सबसे नजदीकी एयरपोर्ट शिमला (जुब्बड़हट्टी) है।हालांकि दिल्ली से सीमित उड़ानें उपलब्ध होती हैं। एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा रिकांग पियो पहुंचना होगा।
यात्रा का कार्यक्रम
पहला दिन: दिल्ली से शिमला
दूसरा दिन: शिमला से रिकांग पियो
तीसरा दिन: रिकांग पियो में रजिस्ट्रेशन और आराम
चौथा दिन: तांगलिंग गांव से ट्रैक शुरू
पांचवां दिन: किन्नौर कैलाश दर्शन और वापसी
छठा दिन: रिकांग पियो से शिमला
सातवां दिन: दिल्ली वापसी
रजिस्ट्रेशन जरूरी
किन्नौर कैलाश यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाता है।
रजिस्ट्रेशन के दौरान आमतौर पर मांगे जाते हैं—
- आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
- पासपोर्ट साइज फोटो
बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती।
कितना आएगा खर्च?
यदि आप दिल्ली से यात्रा कर रहे हैं, तो प्रति व्यक्ति अनुमानित खर्च—
- बस/टैक्सी: ₹5,000 से ₹8,000
- होटल: ₹3,000 से ₹7,000
- भोजन: ₹2,000 से ₹3,000
- अन्य खर्च: ₹2,000
कुल खर्च: लगभग ₹12,000 से ₹20,000 प्रति व्यक्ति
अगर निजी वाहन से जाते हैं तो खर्च अलग हो सकता है।
ट्रैकिंग के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
किन्नौर कैलाश ट्रैक आसान नहीं है।
- ऊंचाई अधिक होने के कारण सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- धीरे-धीरे चढ़ाई करें।
- पर्याप्त पानी पीते रहें।
- मौसम अचानक बदल सकता है।
- बारिश से बचने के लिए रेनकोट रखें।
- अकेले ट्रैकिंग करने से बचें।
साथ में क्या-क्या रखें?
- ट्रैकिंग शूज़
- गर्म जैकेट
- रेनकोट
- ग्लव्स
- ऊनी टोपी
- पानी की बोतल
- एनर्जी बार और ड्राई फ्रूट्स
- टॉर्च
- पावर बैंक
- जरूरी दवाइयां
- सनस्क्रीन और सनग्लास
यात्रा का सबसे अच्छा समय
किन्नौर कैलाश यात्रा आमतौर पर जुलाई से अगस्त के बीच आयोजित की जाती है।इसी दौरान मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है और प्रशासन यात्रा की अनुमति देता है।
किन लोगों को नहीं करनी चाहिए यात्रा?
- गंभीर हृदय रोग से पीड़ित लोग
- अस्थमा के मरीज
- हाई ब्लड प्रेशर के गंभीर मरीज
- छोटे बच्चों और बुजुर्गों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्रा करनी चाहिए।
आसपास घूमने की जगहें
यदि आपके पास अतिरिक्त समय है तो इन स्थानों की भी सैर करें—
- कल्पा
- रिकांग पियो
- सांगला वैली
- छितकुल
- कामरू किला
- बस्पा नदी
ये सभी स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध हैं।
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यात्रा के दौरान पर्यावरण का रखें ध्यान
किन्नौर कैलाश एक बेहद संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान प्लास्टिक का उपयोग कम करें और कचरा खुले में न फेंकें। स्थानीय प्रशासन के नियमों का पालन करें और प्रकृति को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।अगर आप धार्मिक आस्था के साथ रोमांच का भी अनुभव करना चाहते हैं, तो किन्नौर कैलाश यात्रा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। दिल्ली से यहां पहुंचना काफी आसान है, लेकिन यात्रा शुरू करने से पहले अच्छी तैयारी, शारीरिक फिटनेस और मौसम की जानकारी जरूर लें। सही प्लानिंग के साथ यह यात्रा आपके जीवन का यादगार अनुभव बन सकती है।
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