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Oral Cancer Symptoms: मुंह के छालों के साथ दिखें ये संकेत, तो तुरंत कराएं जांच, बढ़ सकता है ओरल कैंसर का खतरा

Oral Cancer Symptoms, मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। कई बार मसालेदार भोजन, विटामिन की कमी, तनाव या गलती से मुंह कट जाने के कारण छाले हो जाते हैं और कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं।

Oral Cancer Symptoms : सिर्फ छाले ही नहीं, मुंह में दिखने वाले ये बदलाव भी हैं खतरे की घंटी

Oral Cancer Symptoms, मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। कई बार मसालेदार भोजन, विटामिन की कमी, तनाव या गलती से मुंह कट जाने के कारण छाले हो जाते हैं और कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन अगर मुंह का कोई छाला दो हफ्ते या उससे अधिक समय तक ठीक नहीं होता, बार-बार उसी जगह बनता है या उसके साथ दर्द, खून आना या गांठ जैसी समस्या भी हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह ओरल कैंसर (Oral Cancer) का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार, ओरल कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो इसके इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए लगातार बने रहने वाले मुंह के छालों या अन्य असामान्य लक्षणों की जांच कराना बेहद जरूरी है।

क्या है ओरल कैंसर?

ओरल कैंसर वह कैंसर है, जो मुंह के किसी भी हिस्से में विकसित हो सकता है। इसमें होंठ, जीभ, मसूड़े, गाल के अंदरूनी हिस्से, मुंह की छत, मुंह का निचला भाग और गले का शुरुआती हिस्सा शामिल है।भारत में ओरल कैंसर के मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और धूम्रपान का अधिक सेवन माना जाता है।

दो हफ्ते से ज्यादा रहने वाला छाला हो सकता है चेतावनी

सामान्य मुंह के छाले आमतौर पर 7 से 14 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि कोई छाला:

  • 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे,
  • बार-बार उसी जगह हो,
  • उसमें दर्द या खून आए,
  • धीरे-धीरे बड़ा होने लगे,
  • या दवा लेने के बाद भी ठीक न हो,

तो तुरंत दंत चिकित्सक (Dentist) या कैंसर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण

ओरल कैंसर के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • मुंह में लंबे समय तक रहने वाला छाला
  • जीभ या मुंह में सफेद या लाल रंग के धब्बे
  • मुंह में गांठ या मोटापन महसूस होना
  • चबाने या निगलने में परेशानी
  • लगातार गले में दर्द
  • बिना कारण दांतों का हिलना
  • मुंह खोलने में कठिनाई
  • आवाज में बदलाव
  • मुंह से बार-बार खून आना
  • कान में लगातार दर्द (कुछ मामलों में)

यदि इनमें से कोई भी लक्षण लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

किन लोगों में अधिक होता है खतरा?

कुछ आदतें और स्थितियां ओरल कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

1. तंबाकू का सेवन

गुटखा, खैनी, पान मसाला, जर्दा और अन्य धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद ओरल कैंसर के सबसे बड़े कारणों में शामिल हैं।

2. धूम्रपान

बीड़ी, सिगरेट और सिगार का सेवन मुंह और गले के कैंसर का खतरा बढ़ाता है।

3. शराब का अधिक सेवन

अत्यधिक शराब पीने से भी ओरल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर जब इसके साथ तंबाकू का सेवन भी किया जाता हो।

4. खराब मौखिक स्वच्छता

दांतों और मसूड़ों की सफाई न रखना, टूटे हुए दांतों से लगातार चोट लगना या खराब फिटिंग वाले डेंचर भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।

5. HPV संक्रमण

कुछ मामलों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण भी मुंह और गले के कैंसर से जुड़ा पाया गया है।

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कैसे होती है जांच?

यदि डॉक्टर को ओरल कैंसर का संदेह होता है, तो वे निम्न जांच की सलाह दे सकते हैं:

  • मुंह की शारीरिक जांच
  • बायोप्सी (संदिग्ध ऊतक का छोटा नमूना लेकर जांच)
  • सीटी स्कैन या एमआरआई
  • अन्य आवश्यक इमेजिंग टेस्ट

बायोप्सी से यह पुष्टि की जाती है कि कैंसर है या नहीं।

इलाज क्या है?

ओरल कैंसर का इलाज उसकी स्टेज और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • सर्जरी
  • रेडिएशन थेरेपी
  • कीमोथेरेपी
  • टारगेटेड थेरेपी
  • इम्यूनोथेरेपी (कुछ मामलों में)

यदि बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए, तो इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है।

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कैसे करें बचाव?

ओरल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं।

  • तंबाकू और गुटखा पूरी तरह छोड़ दें।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
  • दिन में दो बार ब्रश करें और मुंह की सफाई का ध्यान रखें।
  • संतुलित आहार लें, जिसमें ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल हों।
  • मुंह में कोई भी असामान्य बदलाव दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराएं, खासकर यदि तंबाकू का सेवन करते हैं।

मुंह का हर छाला कैंसर नहीं होता, लेकिन यदि कोई छाला 2 हफ्ते के भीतर ठीक नहीं होता, तो उसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। लगातार बने रहने वाले छाले, सफेद या लाल धब्बे, गांठ या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण ओरल कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी का प्रभावी उपचार संभव है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में लेने के बजाय तुरंत योग्य डॉक्टर या दंत चिकित्सक से सलाह लें।

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