Uttara Guruvayurappan Temple: दिल्ली का यह मंदिर दिलाएगा केरल की याद, दीपों की रोशनी से जगमगाता है पूरा परिसर
Uttara Guruvayurappan Temple, दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पहुंचते ही केरल की संस्कृति, वास्तुकला
Uttara Guruvayurappan Temple : हर रोज हजारों दीयों से रोशन होता है दिल्ली का यह मंदिर, देखकर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे आप
Uttara Guruvayurappan Temple, दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पहुंचते ही केरल की संस्कृति, वास्तुकला और आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो, तो Uttara Guruvayurappan Temple आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 में स्थित यह मंदिर अपनी पारंपरिक केरल शैली, भव्य दीपमालाओं और भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य आराधना के लिए प्रसिद्ध है।
केरल के गुरुवायूर मंदिर की झलक
इस मंदिर को भगवान श्रीकृष्ण के गुरुवायुरप्पन स्वरूप को समर्पित किया गया है। इसकी स्थापना दिल्ली में रहने वाले मलयाली समुदाय की पहल पर की गई थी, ताकि राजधानी में भी केरल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखा जा सके। मंदिर का निर्माण पूरी तरह केरल वास्तुकला के अनुसार किया गया है, जिसमें ढलानदार छतें, लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक गोपुरम देखने को मिलते हैं।
हर शाम दीपों की रोशनी से जगमगाता है परिसर
इस मंदिर की सबसे खास बात यहां होने वाली दीप प्रज्वलन परंपरा है। शाम की आरती के समय मंदिर परिसर में हजारों तेल के दीए जलाए जाते हैं, जिससे पूरा वातावरण दिव्य रोशनी और भक्ति से भर जाता है। दीपों की कतारें और मंत्रोच्चार श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव कराते हैं।
भगवान कृष्ण के साथ कई देवी-देवताओं के मंदिर
मुख्य गर्भगृह में गुरुवायुरप्पन (भगवान कृष्ण) की प्रतिमा स्थापित है। इसके अलावा मंदिर परिसर में भगवान गणेश, भगवान शिव, अयप्पा स्वामी और नाग देवताओं के छोटे-छोटे मंदिर भी हैं। यह विविध धार्मिक परंपराओं का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
केरल की संस्कृति का जीवंत केंद्र
यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। यहां समय-समय पर धार्मिक उत्सव, संगीत कार्यक्रम, शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियां और विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की जाती हैं। जून 2026 में यहां श्रीमद नारायणीयम सप्तहयज्ञम् जैसे विशेष आयोजन भी निर्धारित हैं।
मंदिर की वास्तुकला करती है आकर्षित
मंदिर में प्रवेश करते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप दिल्ली नहीं बल्कि केरल के किसी प्रसिद्ध तीर्थस्थल में पहुंच गए हों। तांबे की छतें, पारंपरिक लकड़ी का काम, विशाल दीपस्तंभ और शांत वातावरण इसे राजधानी के सबसे अनोखे मंदिरों में शामिल करते हैं।
दर्शन का समय
मंदिर आमतौर पर सुबह और शाम श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दर्शन का समय सुबह लगभग 5:30 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 6:00 बजे से 9:00 बजे तक है। विशेष पर्वों पर समय में बदलाव संभव है।
कैसे पहुंचें?
यह मंदिर मयूर विहार फेज-1 इलाके में स्थित है और दिल्ली मेट्रो से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन से यह मंदिर पैदल दूरी पर है, इसलिए निजी वाहन के अलावा सार्वजनिक परिवहन से भी यहां पहुंचना सुविधाजनक है।
क्यों करें यहां की यात्रा?
- केरल शैली की अनूठी वास्तुकला का अनुभव
- हर शाम हजारों दीपों की मनमोहक रोशनी
- भगवान गुरुवायुरप्पन के शांतिपूर्ण दर्शन
- परिवार के साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल
- दिल्ली में रहकर दक्षिण भारत की धार्मिक परंपराओं को करीब से देखने का अवसर
अगर आप दिल्ली में रहते हुए भी केरल की आध्यात्मिक संस्कृति और मंदिरों की दिव्यता का अनुभव करना चाहते हैं, तो Uttara Guruvayurappan Temple जरूर जाएं। यहां की पारंपरिक वास्तुकला, दीपों से जगमगाता परिसर और शांत वातावरण हर श्रद्धालु और पर्यटक को एक अलग ही अनुभूति देता है। यही वजह है कि यह मंदिर आज दिल्ली के सबसे खास धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
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