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El Nino: मानसूनी बारिश पर लगेगा ब्रेक? प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ El Nino, IMD ने जारी किया टेंशन बढ़ाने वाला अलर्ट

El Nino: जून का आधा महीना गुजरने के बावजूद मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। 15 दिनों में सामान्य से करीब 25% कम बारिश दर्ज की गई है। इसी बीच प्रशांत महासागर में El Nino की सक्रियता बढ़ने से मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। IMD ने भी मानसून को लेकर अहम अपडेट जारी किया है।

El Nino प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ बढ़ी चिंता

El Nino : देशभर में लोग मानसून की तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी कई राज्यों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। इस बीच एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। प्रशांत महासागर में El Nino की सक्रियता बढ़ने लगी है, जिसे भारतीय मानसून के लिए चुनौती माना जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इसकी ताकत बढ़ती है तो आने वाले हफ्तों में मानसूनी बारिश प्रभावित हो सकती है।

जून के पहले 15 दिनों में कम हुई बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून के शुरुआती 15 दिनों में देशभर में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। कई राज्यों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे रहा है, जिससे किसानों और जल संसाधन विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की प्रगति भी कुछ क्षेत्रों में अपेक्षा से धीमी बताई जा रही है।

क्या होता है El Nino?

El Nino एक वैश्विक मौसमीय घटना है, जो तब होती है जब प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। इसका असर दुनिया के कई देशों के मौसम पर पड़ता है। भारत में El Nino को अक्सर कमजोर मानसून और कम बारिश से जोड़कर देखा जाता है।

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मानसून पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार El Nino की सक्रियता बढ़ने से मानसून की गति प्रभावित हो सकती है। इससे कुछ इलाकों में बारिश कम होने और तापमान बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले हफ्तों में तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अपडेट?

भारत की कृषि काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। यदि बारिश में कमी आती है तो खेती, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। ऐसे में El Nino की गतिविधियों पर कृषि विशेषज्ञ और सरकार दोनों नजर बनाए हुए हैं।

IMD ने क्या कहा?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि मानसून की स्थिति और El Nino की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन प्रशांत महासागर में हो रहे बदलावों को गंभीरता से देखा जा रहा है।

आगे कैसा रह सकता है मौसम?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और El Nino की तीव्रता तय करेगी कि बारिश सामान्य रहेगी या प्रभावित होगी। फिलहाल लोगों को मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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