Electricity Price Hike: बिजली बिल बढ़ने की तैयारी करें! 500 यूनिट से ज्यादा इस्तेमाल पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क
Electricity Price Hike, दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब हर महीने 500 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली बिल चुकाना पड़ सकता है।
Electricity Price Hike : दिल्ली के लाखों उपभोक्ताओं पर असर, बढ़ेगा मासिक बिजली बिल
Electricity Price Hike, दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब हर महीने 500 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली बिल चुकाना पड़ सकता है। यह बदलाव दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) द्वारा Power Purchase Adjustment Charge (PPAC) में संशोधन के बाद लागू किया गया है।
क्यों बढ़ेगा बिजली बिल?
DERC ने बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को बढ़ी हुई बिजली खरीद लागत की भरपाई के लिए अतिरिक्त PPAC वसूलने की अनुमति दी है। बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन, कोयले और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के कारण बिजली खरीद महंगी हो गई है, जिसका असर अब उपभोक्ताओं के बिल पर दिखाई देगा।
किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन घरेलू उपभोक्ताओं पर होगा जो हर महीने 500 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करते हैं और दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना के दायरे में नहीं आते। वहीं, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 201 से 400 यूनिट तक सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के बिल पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
कितनी बढ़ सकती है जेब पर मार?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अलग-अलग बिजली वितरण कंपनियों के हिसाब से अतिरिक्त PPAC लागू होगा।
- BSES Rajdhani Power Limited (BRPL): 17.94%
- BSES Yamuna Power Limited (BYPL): 17.43%
- Tata Power Delhi Distribution Limited (TPDDL): 16%
हालांकि यह प्रतिशत सीधे पूरे बिजली बिल पर लागू नहीं होता, बल्कि बिजली खरीद लागत से जुड़े हिस्से पर लागू होता है। इसलिए वास्तविक बिल में बढ़ोतरी उपभोक्ता की खपत और डिस्कॉम के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
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एक परिवार का बिल कितना बढ़ सकता है?
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी BYPL क्षेत्र में रहने वाले परिवार की मासिक खपत लगभग 600 यूनिट है, तो उसका बिजली बिल करीब 170 रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं BRPL क्षेत्र में समान खपत वाले उपभोक्ता को लगभग 102 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। TPDDL क्षेत्र में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
क्या बदला है बिलिंग सिस्टम में?
दिल्ली में अब PPAC की वसूली तिमाही (Quarterly) की बजाय मासिक (Monthly) आधार पर होगी। इसका मतलब है कि बिजली खरीद लागत में होने वाले बदलाव अब हर महीने उपभोक्ताओं के बिल में दिखाई दे सकते हैं, जबकि पहले इसके लिए तीन महीने का इंतजार करना पड़ता था।
सरकार की सब्सिडी पर क्या असर होगा?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं को इस फैसले से अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सब्सिडी बिजली की खपत के स्लैब पर आधारित है, इसलिए पात्र उपभोक्ताओं को पहले की तरह राहत मिलती रहेगी।
DERC ने यह फैसला क्यों लिया?
DERC का कहना है कि बिजली वितरण कंपनियों की वास्तविक बिजली खरीद लागत तय आधार लागत से काफी अधिक हो गई है। यदि इन अतिरिक्त खर्चों की समय पर भरपाई नहीं की गई तो कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण PPAC में संशोधन की अनुमति दी गई है।Read More: Rashami Desai: 370 रुपए बिरयानी विवाद ने पकड़ा तूल, Rashami Desai ने Pranit More को सुनाई खरी-खोटी
उपभोक्ताओं के लिए क्या सलाह?
- यदि आपकी मासिक खपत 500 यूनिट के आसपास या उससे अधिक रहती है, तो बिजली बचाने के उपाय अपनाएं।
- ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient) उपकरणों का उपयोग करें।
- AC का तापमान 24–26 डिग्री पर रखें और अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखें।
- हर महीने बिजली बिल और यूनिट खपत की नियमित जांच करें ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।
दिल्ली में बिजली खरीद लागत बढ़ने के कारण PPAC में बदलाव किया गया है, जिसका सीधा असर मुख्य रूप से 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले और सब्सिडी से बाहर के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। नई मासिक PPAC व्यवस्था के तहत बिजली बिल में समय-समय पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि सरकार की सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को फिलहाल इस बढ़ोतरी से राहत मिलेगी।
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