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Hotel Room Booking Tips: होटल में हमेशा कॉर्नर रूम ही क्यों लेना चाहिए? जानें इसके छुपे फायदे

Hotel Room Booking Tips, जब भी हम होटल बुक करते हैं, तो आमतौर पर लोकेशन, कीमत, व्यू और सुविधाओं पर ध्यान देते हैं।

Hotel Room Booking Tips : कॉर्नर रूम vs नॉर्मल रूम, होटल में कौन सा कमरा होता है बेहतर

Hotel Room Booking Tips, जब भी हम होटल बुक करते हैं, तो आमतौर पर लोकेशन, कीमत, व्यू और सुविधाओं पर ध्यान देते हैं। लेकिन एक छोटा-सा ट्रैवल हैक आपके पूरे होटल स्टे को ज्यादा आरामदायक और प्राइवेट बना सकता है और वह है कॉर्नर रूम (Corner Room) बुक करना।कई अनुभवी ट्रैवलर्स और होटल इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि होटल के कॉर्नर रूम अक्सर बाकी कमरों से बेहतर होते हैं। अगर आपने कभी कॉर्नर रूम में स्टे नहीं किया, तो शायद आप इसके छिपे फायदों से अनजान होंगी। आइए विस्तार से समझते हैं कि कॉर्नर रूम क्यों बेहतर होते हैं और इन्हें बुक करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कॉर्नर रूम क्या होता है?

कॉर्नर रूम वह कमरा होता है जो होटल की बिल्डिंग के कोने (Corner) पर स्थित होता है। यानी उसके दो बाहरी दीवारें होती हैं, जबकि सामान्य कमरे की केवल एक दीवार बाहर की ओर होती है।इस कारण कॉर्नर रूम में अक्सर अतिरिक्त खिड़कियां, ज्यादा स्पेस और बेहतर व्यू मिलता है।

कॉर्नर रूम बुक करने के मुख्य फायदे

1. ज्यादा प्राइवेसी और कम शोर

कॉर्नर रूम के पास आमतौर पर कम पड़ोसी कमरे होते हैं। एक तरफ दीवार बाहर की ओर होती है और दूसरी तरफ भी कम कमरे जुड़े होते हैं। इससे पड़ोसी कमरों से आने वाला शोर कम हो जाता है।साथ ही, कॉरिडोर में आने-जाने वाले लोगों की आवाज भी कम सुनाई देती है। इसलिए कॉर्नर रूम ज्यादा शांत और प्राइवेट होते हैं।

2. ज्यादा स्पेस और आराम

कई होटलों में कॉर्नर रूम का आकार सामान्य कमरों से थोड़ा बड़ा होता है। कुछ जगहों पर अतिरिक्त बैठने की जगह, बड़ा बाथरूम या वर्कस्पेस भी मिल सकता है।यह खासकर परिवार या लंबे स्टे के लिए सुविधाजनक होता है।

3. बेहतर व्यू और ज्यादा खिड़कियां

कॉर्नर रूम की दो बाहरी दीवारें होने के कारण इनमें दो दिशाओं में खिड़कियां होती हैं। इससे:

  • ज्यादा प्राकृतिक रोशनी आती है
  • बेहतर शहर या प्रकृति का दृश्य मिलता है
  • कमरा खुला और हवादार लगता है

सी-व्यू, माउंटेन-व्यू या सिटी-व्यू होटल्स में यह फायदा और भी ज्यादा होता है।

4. ज्यादा प्राकृतिक रोशनी

कॉर्नर रूम में रोशनी का प्रवेश ज्यादा होता है, जिससे कमरा उजला और सकारात्मक महसूस होता है।

प्राकृतिक रोशनी:

  • मूड बेहतर करती है
  • थकान कम करती है
  • कमरे को बड़ा दिखाती है

इस कारण कई बिजनेस ट्रैवलर्स और कंटेंट क्रिएटर्स भी कॉर्नर रूम पसंद करते हैं।

5. सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर

कुछ होटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, कॉर्नर रूम में आवाजाही कम होने के कारण सुरक्षा और गोपनीयता ज्यादा होती है।

कम लोगों की आवाजाही का मतलब है:

  • कम डिस्टर्बेंस
  • ज्यादा सुरक्षित वातावरण
  • शांत नींद

क्या कॉर्नर रूम हमेशा महंगे होते हैं?

जरूरी नहीं। कई होटलों में कॉर्नर रूम उसी कैटेगरी में आते हैं, लेकिन उनका लोकेशन बेहतर होता है।

अगर आप:

  • पहले से रिक्वेस्ट करें
  • ऑफ-सीजन में बुक करें
  • चेक-इन पर पूछें

तो अक्सर बिना अतिरिक्त शुल्क के कॉर्नर रूम मिल सकता है।

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कॉर्नर रूम बुक करने के स्मार्ट टिप्स

1. बुकिंग के समय रिक्वेस्ट लिखें

ऑनलाइन बुकिंग करते समय “Special Request” या “Room Preference” सेक्शन में Corner Room लिखें।

2. होटल को कॉल करके कन्फर्म करें

बुकिंग के बाद होटल रिसेप्शन को कॉल कर विनम्रता से कॉर्नर रूम का अनुरोध करें।

3. जल्दी चेक-इन करें

जो गेस्ट पहले आते हैं, उन्हें बेहतर कमरे मिलने की संभावना ज्यादा होती है।

4. लॉयल्टी प्रोग्राम का उपयोग करें

होटल के मेंबर या रेगुलर गेस्ट को बेहतर कमरे मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।

5. ऊपरी मंजिल का कॉर्नर रूम चुनें

ऊपरी मंजिल पर स्थित कॉर्नर रूम:

  • शांत होते हैं
  • बेहतर व्यू देते हैं
  • सड़क का शोर कम होता है

किन मामलों में कॉर्नर रूम न लें

हालांकि कॉर्नर रूम अक्सर बेहतर होते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में सामान्य कमरा बेहतर हो सकता है:

  • बहुत ऊंची मंजिल से डर हो
  • विंडो ज्यादा होने से ठंड/गर्मी ज्यादा लगे
  • होटल का कॉर्नर रोड-साइड हो (ट्रैफिक शोर)

इसलिए लोकेशन देखना जरूरी है।

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ट्रैवल एक्सपर्ट्स क्यों देते हैं कॉर्नर रूम की सलाह

होटल इंडस्ट्री में एक सामान्य अनुभव है कि कॉर्नर रूम अक्सर “Hidden Upgrade” की तरह होते हैं। यानी कीमत समान लेकिन अनुभव बेहतर।

यह छोटा-सा चयन आपके स्टे को:

  • ज्यादा आरामदायक
  • ज्यादा शांत
  • ज्यादा प्रीमियम

बना सकता है।

होटल बुकिंग करते समय केवल कीमत या व्यू ही नहीं, बल्कि कमरे की लोकेशन भी महत्वपूर्ण होती है। कॉर्नर रूम अपनी अतिरिक्त प्राइवेसी, ज्यादा स्पेस, बेहतर रोशनी और शांत वातावरण के कारण अक्सर सामान्य कमरों से बेहतर अनुभव देते हैं।अगली बार जब भी होटल बुक करें, कॉर्नर रूम का अनुरोध जरूर करें। यह छोटा-सा ट्रैवल टिप आपके होटल स्टे को ज्यादा आरामदायक और यादगार बना सकता है।

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