Weather Update: जून के महीने में गर्मी ने किया बुरा हाल, जुलाई में कैसा रहेगा मौसम? जानिए IMD की नई भविष्यवाणी
Weather Update: देश में भीषण गर्मी और कमजोर मॉनसून के बीच लोगों को राहत का इंतजार है। जून पिछले 100 वर्षों का तीसरा सबसे सूखा महीना बनने जा रहा है। जानिए जुलाई 2026 को लेकर IMD का नया मौसम पूर्वानुमान।
Weather Update: जून 100 साल में तीसरा सबसे सूखा महीना
Weather Update: देशभर में भीषण गर्मी और कमजोर मॉनसून के कारण जून 2026 लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस बार जून पिछले 100 वर्षों का तीसरा सबसे सूखा महीना बनने की ओर है। पूरे देश में अब तक सामान्य से करीब 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि जुलाई के पहले सप्ताह से मॉनसून के रफ्तार पकड़ने की संभावना जताई गई है, जिससे उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश हो सकती है।
जून में क्यों रही इतनी कम बारिश?
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून में अब तक देशभर में औसतन 92.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 157.7 मिमी होती है। पिछले 100 वर्षों में केवल 2009 और 2014 में ही जून में इससे कम वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार बारिश में कमी के पीछे अल-नीनो (El Niño) का प्रभाव एक प्रमुख कारण हो सकता है।
सबसे ज्यादा प्रभावित रहा मध्य भारत
इस बार सबसे अधिक बारिश की कमी मध्य भारत में दर्ज की गई, जहां सामान्य से लगभग 54 प्रतिशत कम वर्षा हुई। इसके अलावा पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 41 प्रतिशत, उत्तर-पश्चिम भारत में 30 प्रतिशत और दक्षिण भारत में 28 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। चारों मौसम क्षेत्रों में एक साथ इतनी बड़ी कमी बेहद दुर्लभ मानी जा रही है।
जुलाई में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई 2026 में देशभर में मॉनसून सामान्य रहने की संभावना है। जुलाई के पहले सप्ताह से कई राज्यों में अच्छी और व्यापक बारिश होने का अनुमान है, जिससे लंबे समय से जारी गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मॉनसून?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में 4 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
असम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में मॉनसून पहले से ही सक्रिय है। मौसम विभाग ने जुलाई के शुरुआती सप्ताह में इन राज्यों के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में मूसलाधार बारिश
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
अल-नीनो का क्या होगा असर?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। यदि आने वाले महीनों में इसका प्रभाव और बढ़ता है, तो भारतीय मॉनसून पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल IMD का अनुमान है कि जुलाई में बारिश सामान्य रहने की संभावना बनी हुई है।
लोगों के लिए क्या है राहत?
हालांकि जून में बारिश की भारी कमी रही, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह से देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है। इससे खेती, जलाशयों और पेयजल संकट से जूझ रहे इलाकों को बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
निष्कर्ष
जून 2026 ने रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और कमजोर मॉनसून के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं, लेकिन जुलाई राहत लेकर आ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मॉनसून तेजी से सक्रिय होगा और देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







