Goverdhan puja 2019: गोवर्धन पूजा के  पीछे  छुपी है यह पौराणिक कथा

    0
    govardhan puja story

    जाने क्या है गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त


    हिन्दू धर्म में गाय के गो को बेहद पवित्र माना जाता है। इस दिन गाय के गो की पूजा की जाती है , वही गोवर्धन पूजा को लोग अन्नकूट के नाम से भी जानते है।   दिवाली के ठीक अगले दिन मनाई जाने वाली गोवेर्धन पूजा की अधिक मान्यता है। इस साल गोवर्धन की पूजा का यह पर्व 28  अक्टूबर को पड़ रहा है। इस दिन सभी लोग अपने घर में गौर  की पूजा करते है। द्धापर युग से शुरू हुई इस पूजा के दिन भगवान् श्री कृष्ण की भी पूजा की जाती है।

    शास्त्रों के अनुसार गाय को उतना ही पवित्र माना जाता है जीतना माँ गंगा को निर्मल जल। लेकिन क्या आप जानते है की गोवर्धन पूजा के पीछे की पौराणिक कथा

    गोवर्धन पूजा पौराणिक कथा 

    प्राचीन समय की बात है एक बार मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने 7 दिनों तक गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाये रखा। जिसे इंद्र देवता क्रोधित हो गए और उन्होंने बारिश तेज़ करदी। उस गोवर्धन के नीचे सभी बृजवासी सुरक्षित थे। श्री कृष्ण ने साँतवे दिन पर्वत  को नीचे रखा और गोवर्धन पूजा के साथ अन्नकूट मनाने को कहा तब से दिवाली के अगले दिन यानी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मनाया जाने लगा।

    और पढ़े: दिवाली के अगले दिन क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा? यहाँ जाने

    यह है पूजा करने का सही शुभ मुहूर्त

    गोवर्धन पूजा सांय काल मुहूर्त – दोपहर बाद 15:24  बजे से सांय 17 :36 बजे तक

    प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – 09 :08 बजे (28 अक्टूबर ) से

    प्रतिपदा तिथि समाप्त  – 06 : 13 बजे (29 अक्टूबर ) तक

    गोवर्धनपूजा करने की विधि

    गोवर्धन की पूजा करने के लिए आप अपने  घर के बाहर गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाए। उसकी पूजा के लिए रोली , चावल , खीर  , बताशे , जल , दूध , पानी , केसर और फूल आदि से दीपक जलाकर उसकी पूजा करे। ऐसा करने से आपको लाभ होगा और आप पर हमेशा भगवान श्री कृष्ण  की कृपा बनी  रहेगी

    अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here