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वर्ल्ड वाटर डे 2018: इम्पोर्टेंस एंड सिग्निफिकेंसऑफ़ थिस डे

जल प्रकृति का अनमोल तौहफा


मानव जीवन को प्रकृति ने एक उपहार के रुप में जल दिया है। जल की वजह से ही धरती में जीवन संभव है। जल को बचाना मानव जीवन का कर्तव्य है। धरती का एक चौथाई हिस्सा पानी से घिरा हुआ है। मगर कुछ क्षेत्रो में पानी की कमी से जीव जन्तुओं को काफी ज्यादा मुश्किलो का सामना करना पड़ता है।

जल ही धरती में जीवन के जीने का एक मात्र स्त्रोत है । जीवन के सभी कार्यों को करने के लिए हमें जल की आवश्यक्ता पड़ती है जैसे के नहाना, खाने में, कपड़े धोने , पीने में और एसे अन्य कार्यों में में। जल से ही फसल का उत्पादन होता है जिससे बाद में जाकर हमें खाना मिलता है और हमारा पेट भरता है। तो बिना जल को प्रदूशित करे और बिना जल की बर्बादी करे हमें उसे सही जगह और सही तरिके से इस्तेमाल करना चाहिए।

गरमियों के दिनो में अनेको पशु-पक्षियों की मृत्यु पानी की कमी से होती है। क्योंकी उन्हें पानी पहले तो मिलता ही नहीं है और यदी मिलता है तो आधे से ज्यादा पानी प्रदूसित होता है जिसको पीकर उनका जीवन वही खत्म हो जाता है। और यही हाल मानव जीवन का भी है। इतने प्रदूषण में रहना और प्रदूशित पानी पीने से उनके स्वास्थ  में भारी  असर पड़ता है।

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तो हमें जीव-जंतु को ध्यान में रखकर पानी का इस्तमाल कम से कम करे और उसे प्रदूषित होने से बचायें ताकी हमारे साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ी को पानी की वजह से मुश्किलों का सामना ना करना पड़े। इसके लिए हम कई उपाये भी अपना सकते है जैसे जल संचयन कर, बारिश के पानी को इक्ट्ठा कर या उनका संग्रहण कर हम पानी को बचा सकता है और जिस तरह से प्रकृति ने हमारे पूर्वजों को और हमारे पूर्वजों ने हमे ये तोहफा दिया है हम भी आने वाली पीढ़ी को ये प्रकृती का ये खूबसूरत तोहफा दे सकते है।

प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। भारत और दूसरे देशों के बहुत सारे क्षेत्रों में पानी की कमी से लोग जूझ रहें है जबकि पृथ्वी का तीन-चौथाई हिस्सा पानी से घिरा हुआ है। जल की कमी के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा मुश्किलों का सामना किये जाने के कारण पर्यावरण, जीवन और विश्व को बचाने के लिये जल बचाने और संरक्षण करने के लिये हमें सिखाता है।

धरती पर जीवन का सबसे जरूरी स्रोत जल है क्योंकि हमें जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिये जल की आवश्यकता है जैसे पीने, भोजन बनाने, नहाने, कपड़ा धोने, फसल पैदा करने आदि के लिये। बिना इसको प्रदूषित किये भविष्य की पीढ़ी के लिये जल की उचित आपूर्ति के लिये हमें पानी को बचाने की जरुरत है। हमें पानी की बर्बादी को रोकना चाहिये, जल का उपयोग सही ढंग से करें तथा पानी की गुणवत्ता को बनाए रखें।

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सुप्रीम कोर्ट में सिंधु नदी समझौते को लेकर दी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में सिंधु नदी समझौते को लेकर दी चुनौती


सुप्रीम कोर्ट ने कहा जल्‍द सुनवाई की जररूत नहीं

सुप्रीम कोर्ट में सिंधु नदी समझौते को लेकर दी चुनौती:- आज सुप्रीम कोर्ट में सिंधु नदी समझौते को लेकर चुनौती दी गई है। जिस में यह कहा गया है, कि वर्ष 1960 की संधि अंवैधानिक है और यह याचिका एमएल शर्मा ने दाखिल की है। इस याचिक के अनुसार जवाहर लाल नेहरू द्वारा हस्ताक्षर की गई यह संधि असंवैधानिक है। मगर सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर यह कहा कि इस मामले को जल्द सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट को राजनीति से दूर रखिए

वहीं चीफ जस्टिस ठाकुर ने यह कहा है, कि यह संधि वर्ष 1960 की है जबकि अब 2016 चल रहा है। हमें इस मामले में जल्द सुनवाई की कोई जरूरत नहीं दिखाई पड़ती है। दूसरी तरफ वकील एमएल शर्मा का कहना है, कि ऐसा करने पर इस मामले में राजनीति दखलअंदाजी बढ़ेगी। जिसपर सुप्रीम कोर्ट का कहना था, कि राजनीति से कोर्ट को दूर रखिए, याचिका पर सामान्य तरीके से ही सुनवाई की जाएगी।

सिंधु जल समझौता

यहाँ पढ़ें ; सिंधु जल संधि के रद्द होने से पाकिस्तान पर क्या होगा असर…

उरी में हमले के बाद

आप को बता दें, कि हाल ही उरी आतंकी हमले में 18 जवान शहिद हो गए, इस के बाद से देश में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि भारत, पाकिस्तान पर कार्रवाई के नाम पर क्या कदम उठाएगा? तमाम विकल्पों में से एक विकल्प सिंधु जल समझौते को खत्म करने का भी है। ख़बरों के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार यानि आज सिंधु जल समझौते के बारे में एक बैठक करने जा रहे हैं और इस बैठक में कई उच्च अधिकारी शामिल होंगे।

सिंधु जल समझौते का पाकिस्तान के लिए महत्व क्‍या है

दरअसल पाकिस्तान देश के दो-तिहाई हिस्से में सिंधु और उसकी सहायक नदियां आती हैं। वहीं पाकिस्तान की 2.6 करोड़ एकड़ ज़मीन की सिंचाई इन नदियों पर निर्भर करती है। अगर भारत देश पानी रोक दे तो पाक में पानी संकट पैदा हो जाएगा, खेती और जल विद्युत बुरी तरह प्रभावित हो जाए्गों।

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