Categories
भारत

बेटे के लिए नारायण दत्त तिवारी ने थमा बीजेपी का हाथ

बेटे के लिए बीजेपी का हाथ थमा नारायण दत्त तिवारी ने थमा बीजेपी का हाथ

राजनीति के दिग्गज नेता और यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे चुके नारायण दत्त तिवारी ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दमन छोड़ दिया है। आज एनडी तिवारी ने बीजेपी का हाथ थाम लिया है। अमित शाह की मौजदूगी में दिल्ली में एनडी तिवार ने बीजेपी की सदस्यता स्वीकार की।

नारायण दत्त तिवारी ने थमा बीजेपी का हाथ

बेटे के टिकट दिलाना चाहते हैं

नारायण दत्त तिवारी के साथ उनका बेटा रोहित शेखर भी बीजेपी में शामिल हो गया है। इससे पहले उतराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा समेत नौ कांग्रेस विधायक भी बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके साथ ही कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य भी बीजेपी में शामिल हो गए थे।

बीजेपी में हो सकता है एनडी तिवारी को बेटे को टिकट मिल जाएं।  गौरतलब है  कि तिवारी चाहते थे कि उनके  बेटे रोहित को कुमाऊं रीजन से टिकट मिल जाएं जिसके लिए बीजेपी तैयार हो गई है।

बेटे को बीजेपी से टिकट दिलाकर एनडी तिवारी उसका राजनीतिक करियर सवारना चाहते हैं। वह चाहते है कि बेटा विधायक बन जाएं। जिसके लिए बीजेपी ही उन्हें टिकट दे रही है।

चार साल पहले रोहित को स्वीकारा था

इससे  पहले साल 2014 में एनडी तिवारी ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद रोहित को अपना बेटा स्वीकारा था। रोहित की मां उज्जवला शर्मा ने अदालत में पितृत्व वाद दायर किया था। उज्जवला ने दावा किया था कि एनडी तिवारी है उनके बेटे रोहित के जैविक पिता।

जिसके बाद एनडी तिवारी, उज्जवला शर्मा और रोहित का ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट किया। सेंटर फोर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायएग्नोस्टिक्स ने एनडी तिवारी, रोहित शेखर और रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा की डीएनए जांच की थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली हाइकोर्ट ने एनडी तिवारी को रोहित शेखर का जैविक पिता माना था और खुद तिवारी ने उन्हें अपना बेटा स्वीकार किया था।

Categories
भारत

मुलायम सिंह अब भी सपा का चेहरा है- मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव अब भी पार्टी का चेहरा: मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव

समाजवादी पार्टी में कई दिनों से चल रहे परिवारवाद के संघर्ष पर आखिरकार चुनाव आयोग ने विराम चिन्ह लगा ही दिया। कई दिनों से चल रहे इस आपसी मतभेद के बीच चुनाव आयोग ने सपा की कमान यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव को सौंप दी है।

मुलायम सिंह यादव अब भी पार्टी का चेहरा

चुनाव आयोग के फैसले के बाद आज यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेख सिंह यादव ने कहा है“उनके पिता और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव अब भी पार्टी का चेहरा हैं।“

इससे पहले चुनाव आयोग ने अखिलेख को साइकिल को चुनाव चिन्ह देने की अनुमति दी थी।

इसके साथ ही अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा मुलायम सिंह यादव के संरक्षण में लड़ेगी।

अखिलेश सिंह और मुलायम सिंह एक साथ

गठबंधन के लिए कुछ दिन और करना होगा इंतजार

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर भी सपा जोर मारने लगी है। मुख्यमंत्री अखिलेख सिंह यादव का कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कहना है कि अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।

इसी के साथ ही कहा कि विधानसभा चुनाव को लिए उम्मीदवारों की सूची एक दो दिन में जारी की जाएंगी।

पिता के साथ रिश्ता कभी खत्म नहीं हो सकता

अखिलेश का अपने पिता मुलायम सिंह के साथ संबंध को लेकर कहना है कि वह एक ऐसा रिश्ता है जो कभी खत्म नहीं हो सकता। लेकिन पिता और पुत्र का झगड़ा किसी से नहीं छुपा है। बात चुनाव आयोग तक पहुंच गई।

इसके साथ ही कहा है कि हम दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं है। यहां तक की हम दोनों के लिस्ट में लगभग 90 फीसदी उम्मीदवार एक समान हैं। अब हम पर बड़ी जिम्मेदारी है और हमारा पूरा ध्यान सरकार बनाने पर है।

इससे पहले गठबंधन को लेकर कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित ने कहा है कि अगर कांग्रेस और सपा का गठबंधन हो जाता है तो वह मुख्यमंत्री उम्मीदवार से नाम वापस ले लेगी क्योंकि एक राज्य में दो मुख्यमंत्री नहीं हो सकते।