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लॉकडाउन: पहली बार शुरू हुई ऑनलाइन क्लासेज – जानिए कैसा है इससे स्टूडेंट का Experience?

कैसा है स्टूडेंट का एक्सपीरियंस ऑनलाइन क्लास को ले कर?


जैसा की हम सब लोग जानते है की आज कल कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया परेशान है और बहुत से देशो में लॉकडाउन भी लगा हुआ है और सभी लोगो को सोशल डिस्टिंग बनाये रखने को कहा गया है। ऐसे में सभी लोग अपने घरो में है। और बहार स्कूल से ले कर कॉलेज तक सब कुछ बंद पड़ा हुआ है और लोग अपने घर से वर्क फ्रॉम होम कर रहे है। ऐसे में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया। जिसे स्कूल के बच्चो को कोई नुकसान न हो।  जी हा, सरकार ने ऑनलाइन क्लासेज स्टार्ट कर दी जिसे स्टूडेंट का सिलेबस न छूटे और वो आराम से अपने घर से पढ़ सके। इसको ले कर आज हमारी टीम ने ऐसे ही कुछ स्टूडेंट से बात की और जानने की कोशिश की ऑनलाइन क्लासेज कैसे काम कर रही हैं और स्टूडेंट का ऑनलाइन क्लासेज को ले कर एक्सपीरियंस कैसाहै। उनको क्लासेज में क्या प्रॉब्लम आ रही है।
 

चलिए जानते है हमारी टीम ने किसे और क्या बात की

हमारी टीम ने Kanak Sharma जो की आठवीं कक्षा में पढ़ती है और Yashasvi Bhardwaj जो तीसरी कक्षा में पढ़ती है से बात की। उनसे पूछा की वो घर पर किस तरह पढ़ रहे है। और कैसे उनके टीचर उनको पढ़ा रहे है और ऑनलाइन पढ़ते सयम उनको क्या प्रॉब्लम आती है। बच्चो का ऑनलाइन क्लास  क्या एक्सपीरियंस है। वो आप खुद वीडियो में देख सकते है।

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तो हमे यशस्वी ने हमे बताया की उनके टीचर उनको व्हाट्सप्प पर होमवर्क और वीडियोस भेजते है। इसके साथ ही वो उनको Extra Marks पर भी चीजे भेजते है। साथ ही हमे कनक ने भी बताया की उनके टीचर उनको व्हाट्सप्प पर नोट्स और होमवर्क शेयर करते है और बच्चे ऑनलाइन क्लास से बहुत खुस है। उनका कहना है की वो घर पर सुरक्षित भी है और पढ़ भी रहे है इससे न तो उनका सिलेबस छूट रहा है और न उनको बहार जाना पड़ रहा है इससे सिर्फ बच्चे उनके माता पिता भी खुस है।
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साहित्य और कविताएँ

क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा ? बहुत ही अनोखी है वजह

कैसे करे गुरु पूर्णिमा पर गुरु की अर्चना ?


आज है गुरु पूर्णिमा और यह दिन हमारी जिंदगी में काफी महत्व रखता है. हमारी ज़िन्दगी में यह दो लोगो ज्यादा महत्व देते  है जो हमेशा हमें सही रास्ते पर चलने की सलाह देते है.एक माता-पिता और दूसरे हमारे गुरु. ये दोनों ही आपको हर गलत  मार्ग पर चलने से रोकते है और सही रास्ते पर चलने का रास्ता दिखाते है. वही हमारे देश में पौराणिक काल से गुरुओं को सम्मान दिया जाता है. ऐसा कहा जाता है किसी भी व्यक्ति को महान बनाने में माता- पिता के अलावा सबसे बड़ा हाथ उसके गुरु का होता है. जिनके ज्ञान और आशीर्वाद से वो हर मुकाम हासिल कर पाता है , जो वो पाना चाहता है.  

क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा ?

गुरु पूर्णिमा इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन महान गुरु महर्षि वेदव्यास का जन्म  हुआ था. महर्षि वेदव्यास ने ब्रह्म सूत्र, महाभारत जैसे कई  साहित्यों की रचना की है. शास्त्रों के अनुसार महर्षि व्यास को तीनो कालो  का ज्ञाता माना जाता है.इसके अलावा  शास्त्रों में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन की वजह से भी गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है.

क्या है गुरु पूर्णिमा का ख़ास महत्व ?

ऐसा माना जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती है.इसीलिए इन्हें भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया जाता है.गुरुकुल में रहने वाले विद्यार्थी इस दिन अपने गुरु की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. इसलिए इस दिन का ख़ास महत्व है.इस दिन मंत्रों का जाप भी करना चाहिए ये आपको आपके काम में सफल बनाने में मदद करेगी.

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सुझाव एजुकेशन लाइफस्टाइल

जानिए क्या होती है गुरु की महिमा

गुरु की महिमा


किसी के भी जीवन में गुरु की महिमा का व्याख्या कोई नहीं कर सकता। वास्तव में गुरु की महिमा का पूरा वर्णन कोई नहीं कर सकता। पौराणिक काल से ही गुरु ज्ञान के प्रसार के साथ-साथ समाज के विकास का बीड़ा उठाते रहे हैं। गुरु शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है- ‘गु’ का अर्थ होता है अंधकार (अज्ञान) एवं ‘रु’ का अर्थ होता है प्रकाश (ज्ञान)।
गुरु हमें अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं। हमारे जीवन के प्रथम गुरु हमारे माता-पिता होते हैं। जो हमारा पालन-पोषण करते हैं, सांसारिक दुनिया में हमें प्रथम बार बोलना, चलना तथा शुरुवाती आवश्यकताओं को सिखाते हैं। अतः माता-पिता का स्थान सर्वोपरि है। भावी जीवन का निर्माण गुरू द्वारा ही होता है।

गुरु की महिमा

शिक्षक में दो गुण निहित होते हैं – एक जो आपको डरा कर नियमों में बाँधकर एक सटीक इंसान बनाते हैं और दूसरा जो आपको खुले आसमा में छोड़ कर आपको मार्ग प्रशस्त करते जाते हैं। एक सफल शिक्षक वही है जो सकारात्मक हो और जो अभी उम्मीद का दामन ना छोड़े अजर अपने शिष्य को भी वही सिखाये। अगर एक गुरु ही उम्मीद छोड़ तो वो अपने शिष्य को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित नहीं कर पाते।

एक शिक्षक या गुरु सिर्फ विद्यालय तक सीमित नहीं रहता। हमे हमारी पूरी ज़िंदगी में कई शिक्षक मिलते है जो किसी इंसान का रूप नहीं लेते। समय, अनुभव और किताबें भी हमारे जीवन में एक गुरु का किरदार निभाते है। हम जहाँ से और जिनसे सीखते रहते है, वही हमारे गुरु बनते रहते है।

समय और ज़िन्दगी भी गुरु होती है।

विद्यालय में मिलने वाले गुरु हमें पढाई के अलावा भी कई चीजो का ज्ञान देते है। वही माता पिता और दोस्त भी हमारी ज़िन्दगी के लिए एक ख़ास गुरु होते है। हमारी ज़िन्दगी अपने आप में एक शिक्षा का स्त्रोत होती है। समय और ज़िन्दगी से बेहतर गुरु कोई नहीं होता।इससे हम जितना सीखेंगे उतना बेहतर होता हैं। आखिर यही तो गुरु की महिमा होती है।

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लाइफस्टाइल

जानिए की क्यों कहे अपने स्कूल को शुक्रिया

कहे स्कूल का शुक्रिया


स्कूल हमारे जीवन का सबसे अच्छा और सबसे सुंदर सफर होता है। स्कूल में बिताए वो 14 साल हमारे को असल दुनिया में खुद को साबित करने के लायक बनाता है। हमारे गुरु हम को एक बेहतर इंसान बनाते है। किताबी ज्ञान के अलावा हमे ज़िंदगी का का ज्ञान भी सिखाता है। और जब हम बात करते है स्कूल की, तब हम स्कूल से जुडी हर उस चीज़ की बात करते है जो आगे जाके हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बन जाता है। तो हमे अपने स्कूल का शुक्रिया तो कहना ही चाहिए।

स्कूल के वो दिन

ना जाने ऐसी कितनी और बाते है जिनके लिए हमे अपने स्कूल का शुक्रिया करना चाहिए। तो जानते है कि और किन कारणों से हमे अपने स्कूल का शुक्रिया करना चाहिए :-

  1. आप आज जो भी है, अपने स्कूल की वजह से है। आपको सारी शिक्षा और सभी ज्ञान यही से मिला है। आपकी कला को बढ़ावा दिया। और आपको, खुद को साबित करने की हिम्मत और मौका भी।
  2. स्कूल ने आपको तहज़ीब और नैतिकता का मूल्य समझाया। हमे सभी अच्छी आदतें सिखाई। अपनी भावनाओ को व्यक्त करना और दूसरों की भावनाओं की इज़्ज़त करना सिखाया।
  3. स्कूल ने ही हमें सही और गलत में फर्क करना सिखाया। हम किसी ने भेदभाव ना करें, सभी की इज्जत करें यह हमें हमारे स्कूल ने ही सिखाया।
  4. स्कूल में हर व्यक्ति एक अलग जगह से आता है फिर भी हम कभी किसी को अलग नहीं समझते। हर कोई हमारा दोस्त होता है। स्कूल में हमें दोस्ती का सही मतलब सिखाया और हमें कुछ ऐसे दोस्त दिए है जो जिंदगी भर हमारे साथ रहेंगे।
  5. यहाँ पढ़ें : क्या हर प्रतियोगिता में जीतना ज़रूरी हैं?

    थैंक यू स्कूल
  6. हमें स्वाभिमान और अपनी खुद की इज्जत का महत्व समझाया। हम यह कभी ना समझ पाते कि हमारी इज़्ज़त कितनी ज्यादा जरूरी है, पर स्कूल ने हमें खुद की और दूसरों की इज्जत करना सिखाया।
  7. किताबी ज्ञान से आगे बढ़ कर कुछ अलग करने की सोच हमें स्कूल में ही सिखाई गई। कुछ नया करने की हिम्मत और उम्मीद हमें स्कूल में ही मिली। तभी आज हम वह कर पाए हैं जो हम सच में करना चाहते थे।
  8. सही ढंग से बात करना और सही प्रकार से खुद को दूसरों के सामने प्रस्तुत करना यह भी हमें स्कूल ने ही सिखाया। खुद पर भरोसा कैसे और पूरे आत्मविश्वास के साथ खुद को प्रस्तुत करने की हिम्मत हमें स्कूल ने ही दी।

आज हम जो हैं, जैसे हैं, हमारे स्कूल की वजह से हैं। स्कूल मे मिला हर व्यक्ति आज हमारे बहुत खास है। हमारे गुरुओ ने हमें बहुत कुछ सिखाय। स्कूल से हमें जो सबसे प्यारी चीज मिली, वह है यादें। हमारा स्कूल का पूरा सफर एक अच्छी याद बनकर रह गया है। हम उस दुनिया को बहुत पीछे छोड़ा आए है। इसलिए आज हमें जरूरत है कि हम अपने स्कूल का शुक्रिया करें। हम आभारी है कि हमें ऐसा स्कूल मिला जहां हमें इतना अच्छा ज्ञान, इतने अच्छे दोस्त और इतनी प्यारी यादें मिली जो में जिंदगी भर हमारे साथ रहेगी।

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