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अनुष्का शर्मा के जन्मदिन पर जाने आखिर क्यों मानते है विराट कोहली उन्हें अपना ‘लकी-चार्म’

जाने किस बात पर अनुष्का के सामने रो पड़े थे विराट कोहली


Anushka Sharma Birthday Special: बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा को आज के समय में ऐसा कोई नहीं है जो जानता ना हो। अनुष्का आज  किसी पहचान की मोहताज नहीं है और न ही उनको किसी इंट्रोडक्शन की जरूरत है। अनुष्का का जन्म 1 मई 1988 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। बैंगलुरु में पली बढ़ी अनुष्का ने आर्मी स्कूल और माउंट कार्मेल से पढ़ाई की है। क्या आपको पता है अनुष्का के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके है। अगर हम अनुष्का की पर्सनल लाइफ की बात करें तो अनुष्का विराट कोहली के साथ साल  2017 में शादी के बंधन में बंध गयी थी। अगर हम दोनों की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की स्टोरी काफी दिलचस्प है। दोनों ने पहले तो मीडिया से अपना रिलेशन को छुपाया और उसके बाद अचानक शादी कर के सबको चौंका दिया। तो चलिए आज अनुष्का शर्मा के जन्मदिन पर हम आपको दोनों की लव स्टोरी का एक खास और दिलचस्प किस्सा बताएंगे।

जाने अनुष्का शर्मा के सामने क्यों रो पड़े थे विराट कोहली

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने एक दूसरे को साल 2015 में डेट करना शुरू किया था लेकिन अनुष्का ने अपनी लव लाइफ को मीडिया से छुपाना ही बेहतर समझा था। दोनों ने एक दूसरे को दो साल डेट किया और उसके बाद दोनों 2017 में शादी के बंधन में बंध गए। आज हम आपको अनुष्का शर्मा के जन्मदिन पर दोनों की लव स्टोरी का एक खास और दिलचस्प किस्सा बता रहे है। दरअसर विराट कोहली ने एक स्पोर्ट्स चैनल को इंटरव्यू देते हुए एक मोमेंट में अपने मन की बात रखी थी। विराट ने बताया कि जब उन्हें टीम इंडिया का टेस्ट कप्तान बनने की खबर मिली थी तब वो और अनुष्का साथ थे। और ये सुन कर वो अनुष्का के सामने फूट-फूटकर रोने लगे थे। आपको बता दे कि विराट अनुष्का को अपना लकी-चार्म मानते हैं। विराट कोहली आगे कहते है कि ‘मुझे याद है कि मैं उस समय मोहाली में था, जहां टेस्ट सीरीज चल रही थी, और उस दौरान अनुष्का भी मेरे साथ थी, जब मेलबर्न में मुझे टेस्ट कप्तान बनाया गया तब भी वह मेरे साथ थी।’

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जाने अनुष्का शर्मा ने कैसे शुरू किया अपना करियर

आपको बता दे कि अनुष्का शर्मा ने फिल्मों में नहीं बल्कि मॉडलिंग में अपना करियर बनाना था। अनुष्का शर्मा साल 2007 में अपना मॉडलिंग करियर बनाने के लिए मुंबई में आई थी। और उन्हें साल 2007 में ही फैशन डिजाइनर वेंडेल रॉड्रिक्स के लिए बतौर मॉडल पहला ब्रेक मिला था। जिसके बाद अनुष्का शर्मा ने मॉडलिंग के बाद फिल्मी दुनिया में अपने कदम बढ़ाए और उन्होंने यशराज फिल्म के लिए ऑडिशन दिया।  ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि उनकी पहली फिल्म बॉलीवुड के किंग खान यानि शाहरुख खान के साथ कास्ट हुई थी। और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी हिट हुई और अनुष्का के रोल को भी लोगों द्वारा काफी ज्यादा सराहा गया था। उसके बाद उनकी दूसरी फिल्म ‘बदमाश कंपनी’ आयी थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पीट गई थी। लेकिन जब अनुष्का शर्मा की अगली फिल्म ‘बैंड बाजा बरात’ आयी तो उसने उनके करियर पर चार चांद लगा दिए थे।

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जाने खेल जगत में भारत का परचम लहराने वही भारतीय महिलाओं के बारे में: हमारी छोरिया छोरो से कम है के?

खेल की दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली महिलाएं: जाने उनसे जुडी कुछ ख़ास बाते



भारत एक पुरुष प्रधान देश है यहाँ हमेशा  से ही महिलाओं को पुरुषों से कम आंका जाता है महिलाओं को सिर्फ घर तक ही सीमित  रखा जाता था। पहले लोगों का मानना  था कि महिलाएं बाहर का काम नहीं कर सकती। परन्तु अब ऐसा नहीं है अब समय बदल चुका  है आज के समय में महिलाएं पुरुषों के मुताबिक हर क्षेत्र में आगे है। खेल हो या पढ़ाई महिलाएं हर क्षेत्र पुरुषों  से काफी आगे बढ़ रही है। आज हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताएंगे जिन्होंने खेल के क्षेत्र में दुनिया में भारत का नाम रोशन किया हैं|

साइना नेहवाल: साइना का जन्म 17 मार्च 1990 में हरियाणा के हिसार में हुआ था उनके पिता का नाम डॉ॰ हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है। साइना नेहवाल दुनिया की नंबर 1 महिला बैडमिंटन खिलाड़ी है वो ओलंपिक में तीन बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है अभी तक साइना नेहवाल 24 अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम कर चुकी है। इतना ही नहीं 2012 में साइना नेहवाल ने लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। साथ ही उन्होंने अब तक तीन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक भी जीत चुकी है।

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पीवी सिंधू: पीवी सिंधू का जन्म 5 जुलाई 1995 को वालीबॉल खिलाड़ी पी.वी. रमण के घर हुआ था। क्या आपको पता है पीवी सिंधू विश्व की सर्वश्रेष्ठ महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आती है। इतना ही नहीं रियो ओलंपिक में पीवी सिंधू ने सिल्वर मेडल जीता था। साथ ही पीवी सिंधू ने 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में भी सिल्वर मेडल जीता था।

मैरीकॅाम: मैरीकॅाम का जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में एक गरीब किसान के परिवार में हुआ था। मैरीकॅाम अभी एक विश्व मुक्केबाज चैंपियन है उन्होंने अभी तक मुक्केबाजी में 6 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी है। मैरीकॅाम दुनिया की पहली ऐसी मुक्केबाज चैंपियन है जिन्होंने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में आठ पदक जीते है। इतना ही नहीं मैरीकॅाम टूर्नामेंट में भी इतिहास रचने वाली पहली महिला है उन्होंने टूर्नामेंट में 6 स्वर्ण पदक जितने थे।

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जाने भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल और उनकी माँ की सक्सेस स्टोरी

नेहा गोयल के पिता की मौत के बाद उनकी मां ने किया फ़ैक्ट्रियों में काम


नेहा गोयल ये नाम तो अपने सुना ही होगा। नेहा गोयल 23 साल की एक भारतीय महिला हॉकी टीम की मिड फील्डर है। आज हम आपको नेहा गोयल और उनकी माँ की सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे है नेहा गोयल की कहानी शब्दों के बांध को तोड़ देती है। नेहा गोयल को आप इस साल जुलाई में 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ खेलती नज़र आएंगीं। नेहा गोयल ने 2019 में अमेरिका  की टीम को एफ़आईएच क्वालीफ़ायर में 6-5 से हरा कर भारतीय महिला हॉकी टीम को ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।

नेहा गोयल ने पहली बात छठी कक्षा में उठाई थी हॉकी स्टिक

क्या आपको पता है आज भारतीय महिला हॉकी टीम की जानी मानी खिलाड़ी नेहा गोयल ने छठी कक्षा से ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था? नेहा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वो तीन बहने है और जिनमे से नेहा सबसे छोटी है। उनके पिता को शराब की बहुत गंदी लत थी। जिसके कारण उनके घर का माहौल ठीक नहीं रहता था। उनके पिता घर पर कोई खास आर्थिक मदद भी नहीं देते थे। उन्होंने बताया कि जब वो छठी कक्षा में थी तो उनकी एक दोस्त ने उनको बताया  था कि हॉकी खेलने से उन्हें अच्छे कपड़े और अच्छे जूते पहनने को मिलेंगे। वो वक़्त नेहा सिर्फ अच्छे कपड़ों और अच्छे जूतों के लिए हॉकी खेलना शुरू किया। नेहा ने जब पहली बार जिला स्तर पर एक मुकाबला जीता और उनको ईनाम के तोर पर दो हज़ार रुपए मिले तो उस दिन नेहा को ऐसा महसूस हुआ की वो हॉकी खेल कर अपने घर की आर्थिक हालत सुधार सकती है। नेहा के पिता ने तो उनको इसके लिए बढ़ावा नहीं दिया। लेकिन उनकी माँ ने समाज के तानों से ऊपर अपनी बेटी और उसके सपनों को रखा। और हर तरीके से अपनी बेटी को सपोर्ट किया।

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पिता की मौत के बाद नेहा की मां ने फ़ैक्ट्रियों में किया काम 

नेहा गोयल जिला स्तर पर खेलते- खेलते नेशनल टीम में अपनी जगह बना ली थी। साल 2015 में नेहा को हॉकी के ज़रिए रेलवे में नौकरी मिली। नौकरी मिलने के बाद नेहा घर संभालने की स्थिति में आई ही थी कि उनके पिता की 2017 में लंबी समय से बीमारी के चलते के कारण निधन हो गया। अब घर और परिवार की सारी जिम्मेदारी नेहा के ऊपर आ गयी। नेहा नौकरी करते हुए हॉकी भी खेलती थी इसलिए उन्हें हॉकी किट से लेकर खेल से जुड़ी हुई कई जरूरते भी पूरी करनी पड़ती थी। जिसके कारण फिर से उनके घर की आर्थिक हालत बिगड़ने लगी थी इसी लिए नेहा की माँ ने फैसला किया कि अब वो नौकरी करेगी और अपनी बेटी को उसके सपने पूरा करने का मौका देगी। आज हम सब देख सकते है नेहा और उनकी माँ की मेहनत कितना रंग लायी हैं।

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