Categories
सेहत

स्वाइन फ्लू है एक ख़तरनाक वायरस: जाने कैसे फैलता है यह वायरस

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए करे यह सब 


स्वाइन फ्लू  एक ऐसा खतरनाक वायरस है जो भारत में बहुत तेज़ी से फ़ैल रहा है .  यह वायरस इतना ख़तरनाक होता है की इस वायरस से लोगो की जान तक चली जाती  है अगर सही समय पर इलाज न कराया जाए तो . बात करे अगर स्वाइन फ्लू  से मरने वालों  की तादाद की  तो पिछले साल इस  वायरस की वजह से एक हजार लोगो की जाने गई थी.  एक बार फिर से इस वायरस ने दिल्ली में दस्तक दे दिया है. ऐसे में यह जानना  बहुत जरुरी है की इस वायरस से कैसे बचा जाए और यह वायरस कैसे फैलता है?

Vaccinations

जानते है की स्वाइन फ्लू का वायरस फैलता कैसे है ? 

स्वाइन फ्लू  एक ऐसा वायरस है जो सुअरो से फैलता है. इसका वायरस सुअरों के बुखार को कहते हैं और यह उनकी सांस से जुड़ी बीमारी है.  यह एक छुआछूत की तरह है अगर एक बीमार व्‍यक्ति दूसरे व्‍यक्ति को छू देगा तो उसे भी स्वाइन  फ्लू  होने का खतरा रहता है

कितने तरह के होते है स्वाइन फ्लू ? 

स्वाइन फ्लू भी चार प्रकार के होते है :

1.H1N1

2. H1N2

3. H3N2

4.  H3N1

लेकिन इनमे से जो सबसे खतरनाक  वायरस है वो है H1N1 जिससे इंसान की मौत भी हो सकती  है.

Read more: शराब की हल्की डोज़ भी हो सकती है बेहद हानिकारक : रिसर्च

जाने स्वाइन फ्लू  के लक्षण क्या- क्या है ? 

1. स्वाइन फ्लू का पहला लक्षण है की आपको अचानक से बुखार, सिर दर्द और सुस्ती आना

2. अचानक से मांसपेशियों में दर्द होना

3.  उलटी और दस्त होना

4. भूख न लगना और खांसी आना

अब इस खतरनाक वायरस से बचा  कैसे  जाए ? 

1. इस वायरस से बचने के लिए आप मास्क लगाए .

2. अपने आस- पास सफाई का खास ध्यान दे

3.  4से 5 तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, ज़रा सी काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को चाय में उबालकर दिन में दो-तीन बार पिएं.

4. गिलोय बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पिएं. यह बुखार को तोड़ने  में मदद करता है.

5. थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ को साबुन और पानी से धोते रहें.

तो स्वाइन फ्लू  से बचने के लिए इन बातो का ख़ास ख्याल रखे  जितना हो सके साफ  सफाई  पर जयदा ध्यान दे और कूड़े को डस्टबिन में ही फैंके .

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

ठंड के मौसम में खाएं ये ऑर्गेनिक फूड्स: बनाएं अपनी सेहत

5 ऑर्गेनिक फूड्स खाएं और सेहत में लगायें चार चाँद


मौसम के बदलते मिजाज़ को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि सर्दियों ने अपनी धमाकेदार एंट्री कर दी है और इन सर्दियों के मौसम में सभी स्वस्थ रहना चाहते हैं। वैसे तो सर्दियाँ सबको पसंद होती हैं और सर्दी का मौसम सबको प्यारा लगता है। लेकिन ठंड के मौसम में अपने शरीर का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। यदि आप इस मौसम में अपने शरीर का अच्छे से ध्यान नही रखेंगे तो आपके शरीर मे कुछ पोषक तत्वों की कमी हो सकती है जिससे आप बीमार पड़ सकते हो।

ठंड के मौसम में चाहे जितनी मर्ज़ी गर्म कपड़ों का प्रयोग कर लें लेकिन इससे कुछ नही होने वाला जब तक हमारा शरीर अंदर से मजबूत न हों और इसके लिए हमें पोषक पदार्थों की जरूरत पड़ती है और ये पोषक पदार्थ हमें ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों से मिलती है। यदि आप अंदरूनी रूप से स्वस्थ हैं तो आपके शरीर पर ठंड का प्रभाव नही पड़ेगा।

ऑर्गेनिक फ़ूड

आइए दोस्तों कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं जो शरद मौसम में खाना जरूरी है।

1.बाजरा

कुछ अनाज ऐसे होते हैं जो शरीर को अधिक गर्मी देते हैं जैसे गेहूं, मक्का, बाजरा इत्यादि लेकिन इनमें से सबसे अच्छा अनाज बाजरा को ही माना जाता है। इसमें अधिक-से-अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे प्रोटीन, मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन बी इत्यादि। । शरद मौसम में आप गेहूं की रोटी के बजाय बाजरे की रोटी खा सकते हैं। इसे खाने से आपकी पाचन शक्ति भी ठीक रहती है जिससे आप अंदरूनी गर्मी महसूस करते हो।

2.बादाम

बादाम में कई तरह पोषक तत्व होते हैं। इसके नियमित सेवन से अनेक बीमारियों से छुटकारा मिलता है। बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि बादाम खाने से इंसान की मानसिक और शारीरिक मजबूती बनी रहती हैं। बादाम एक ड्राई फूड है जो बीमारियों से लड़ने में भी शरीर को मदद करता है। इसके खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है और यह कब्ज ठंड के मौसम में ही ज्यादा परेशान करता है। बादाम विटामिन-ई से भरपूर होता है, जो कि शरीर के त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद है।

3.अदरक

ऑर्गेनिक फ़ूड

अदरक एक रामबाण है। इसकी थोड़ी मात्रा में सेवन करने से ही बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। खासकर इसका उपयोग ठंड के मौसम में ही करना चाहिए क्योंकि इससे शरीर को काफी मात्रा में ऊर्जा मिलती है। गर्मी के दिन में अदरक का ज्यादा प्रयोग हानिकारक भी हो सकता है।

4. शहद

शहद को एक तरह से आप कुदरत का उपहार ही समझा जाता हैं। आयुर्वेद में शहद को अमृत का दर्जा दिया गया है, इसमें बहुत सारे ऐसे गुण पाए जाते हैं। यह बीमारियों से लड़ने में हमारे शरीर को मदद करती हैं। वैसे तो शहद का उपयोग हर मौसम में किया जा सकता है लेकिन सर्दी के मौसम में इसका सेवन करना और भी अधिक लाभकारी होता है। शहद के उपयोग से पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है।

5.तील

ठंड के मौसम में तील खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में ऊर्जा मिलती है। तिल के तेल से शरीर की मालिश करने से भी काफी ऊर्जा मिलती है। इसका काढ़ा बनाकर पीने से भी खाँसी और सर्दी जैसी बीमारियां दूर भागती है। इसमें अनेक पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, बी कॉम्प्लेक्स और कार्बोह्यड्रेट के गुण भी भरपुर मात्र में पाए जाते हैं।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सुझाव

अगर आप भी अपने बच्चे को मोबाइल देते हैं तो यह खबर आपके लिए है

मोबाइल से कई तरह की बीमारियां होती है


आज के व्यस्त जीवन में हम रोजमर्रा के जीवन में इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि अपने बच्चो को लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। हमारे जीवन में इतनी ज्यादा व्यस्तता है कि हम अपने छोटे-छोटे बच्चो को समय नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए हम काम की व्यस्तता के दौरान उन्हें ऐसी चीजें देते है जो उनके लिए खतरनाक है। हम अपनी सुविधा के अनुसार उन्हें मोबाइल के साथ खेलने देते हैं। टीवी पर कार्टून लगाकर देते है और अपने काम करते हैं। लेकिन आपको पता है यह सब चीजें आपके बच्चे के लिए बहुत खतरनाक है।

मोबाइल चलता हुआ बच्चा

एक रिसर्ज के दौरान पता चला कि अगर आपका बेबी 16 महीने का है तो उसके सामने आप किसी भी तरह की टीवी, मोबाइल, लैपटॉप नहीं को नहीं रखना चाहिए। यहां तक की 2 साल तक के बच्चे को ऐसा करना खतरनाक माना जाता है।

बच्चों द्वारा लगातार मोबाइल और टीवी देखने से आंखे संबंधी बीमारियां हो सकती है।

जब आपका बच्चा मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो मोबाइल से निकलने वाली खतरनाक रेडियो तरंगे सीधे बच्चे के स्वास्थ पर बुरा असर डालते हैं।

जब बच्चा छोटा होता है तो उसके शरीर के सही से विकास के लिए उसको कम से कम 10 से 12 घंटे की नींद हर हालत में चाहिए होती है।

कंप्यूटर और टीवी के सामने बच्चे को बैठने से रोकिए वरना उनको अनिद्रा की समस्या भी हो सकती है जो छोटे बच्चों के लिए बहुत खतरनाक होती है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सामाजिक

कंडोम और इससे जुड़ी जानकारियां और मजेदार फैक्ट्स

कंडोम से जुडी कुछ ख़ास जानकारी


आजकल के समय में स्त्री-पुरुष दोनों के लिए कंडोम का उपयोग करना जरूरी है। वैसे तो सबको ही पता है की कंडोम का इस्तेमाल लोग किसलिए करते हैं। लेकिन फिर भी बता दें की ज्यादातर पुरुष और महिला गर्वधारण को रोकने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करती हैं। वैसे तो मार्किट में गर्वधारण को रोकने के लिए कई तरह के पिल्स और नई-नई तरह की चीजें भी उपलब्ध है। ऐसे समय में जरुरी है की दोनों अपनी-अपनी जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रख कर गर्वनिरोध के सही तरीकों को जानें। ज्यादातर गर्वनिरोध की सारी जिम्मेदारी औरतों के ऊपर ही डाल दी जाती है, लकिन आज-कल के नए तकनीक के साथ पुरुष गर्वनिरोधक न सिर्फ अपनाने में आसन हैं बल्कि ये काफी कारगर भी है।

कंडोम

आज हम कंडोम से जुड़े कुछ खास बातों के बारे में बतायेंगे:-

  • सेक्स के दौरान हमेशा नए कंडोम का ही उपयोग करें। कंडोम की मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट को हमेशा ध्यान से पढ़ें।
  • कंडोम को कभी भी खीच कर या फुलाने की कोशिश न करें, क्यूंकि मैनुफैक्चर कंपनिया पहले से ही कई तरह के टेस्ट कर चुके होते हैं।
  • कंडोम को अप्लाई करने से पहले टिप पर स्पेस देना ना भूलें।
  • सेक्स शुरू करने के पहले ही कंडोम का अप्लाई करना अच्छा होता है। क्यूंकि सेक्स के दौरान ऐसा करना रिस्की हो सकता है।
  • इस बात को ध्यान में रखें की कंडोम सीधा या उल्टा खुल सकता है। इसीलिए ध्यान से सीधी तरफ से इसका उपयोग करे।
  • इस पर किसी और तरह का लुब्रिकेंट उपयोग न करें।
  • एक बार में हमेशा एक ही कंडोम का इस्तेमाल करें। कुछ लोग डबल सुरक्षा के लिए कभी-कभी दो-दो कंडोम का उपयोग करते हैं।
  • कंडोम के इस्तेमाल से आप किसी बीमारी या HIV जैसे रोगों से दूर रह सकते हैं।
  • डिस्चार्ज के बाद इसे सावधानी से फेंक दे ताकि सीमेन फैल ना सके।
  • हमेशा साधारण और बिना किसी फ्लेवर वाले कंडोम का इस्तेमाल करें। फ्लेवर सिर्फ एक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी है, इससे क्वालिटी और सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता।
  • आप डॉटेड कंडोम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अगर इच्छा हो तो।
  • कंडोम को पॉकेट में या धुप में रखने से बचें क्यूंकि ऐसा करने से कंडोम के ख़राब होने के ज्यादा चांसेस होते हैं।
कंडोम

कुछ अजीब लेकिन मजेदार फैक्ट्स कंडोम के बारे में:-

  • स्वीडन में एक टाइम था जब एक कंडोम एम्बुलेंस हुआ करता था, जिससे अगर किसी को जरुरत हो तो वो एक विशेष नंबर डायल करके बुलाते थे।
  • ज्यादातर मार्किट में मिलने वाले कंडोम की लाइफ 4 साल तक होती है, लेकिन अगर उन्हें किसी ठन्डे जगह पे रखा जाये तो।
  • 39% हाई स्कूल के स्टूडेंट्स को काफी अच्छे से पता होता है की कंडोम का इस्तेमाल कैसे करते हैं।
  • इलेक्ट्रिसिटी के द्वारा भी कंडोम का जाँच किया जाता है जिससे अगर इसमें कोई छिद्र हो तो उसका पता लगाया जा सके।
  • लगभग 40% महिलाएं खुद ही कंडोम खरीदती हैं। इससे पता चलता हैं कि वो अपने हेल्थ और खुद को लेकर काफी जागरूक हैं। इसके लिए उन्हें अपने पार्टनर पर निर्भर होने की जरुरत नही है।
  • 80% से ज्यादा पुरुषों ने ये माना है की उन्हें कंडोम का इस्तेमाल करना नहीं पसंद।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राचीन ज़माने में भी लोगों को कंडोम के बारे में पता था।
  • कंडोम सबसे सस्ता गर्वनिरोध है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

पीलिया से छुटकारा चाहते है तो रोज खाएं यह सारी चीजें

पीलिया से छुटकारा चाहते है ?


जैसे-जैसे मौसम अपनी करवट ले रहा है पीलिया यानि की जॉनडिस होने के आसार भी बढ़ जाते हैं। पीलिया ज्यादातर लोगों को गर्मी में होता है। इसका इलाज भी कई तरीकों से किया जाता है। कई लोग इसका देशी इलाज करते हैं तो कई डॉक्टर की सलाह लेते हैं। अगर आप पीलिया से छुटकारा चाहते हैं तो गर्मी में भरपूर मात्रा में पानी पीएं क्योंकि शरीर में पानी की मात्रा कम होने से उत्सर्जित होने तत्व रक्त में मिल जाते हैं।

चलिए आपको बताते है पीलिया होने के दौरान क्या खाएं जिससे की आप जल्द से जल्द इस बीमारी से ठुकरा पाएं


सलाद

पीलिया होने पर डॉक्टर सलाद खाने की सलाह देते हैं। लेकिन सलाद में भी कुछ चुनिंदा चीजें जैसे पपीता और खीरा। यह दोनों ही चीजें ठंडी होती है और यह पेट को ठंडक पहुंचाती है।

मूली का रस

मूली के रस में इतनी ताकत होती है कि वह खून और लीवर से अत्यधिक बिलिरुबीन को निकाल सकें। पीलिया से ग्रस्ति शख्स को रोग 2 से 3 गिलास पीना चाहिए। इसके साथ ही अगर मूली के रात में शीत में रखकर और सुबह खाया जाएं तो पीलिया में अत्यन्त लाभकारी होती है।

धनिया बीज

धनिया के बीज को रातभर पानी में भिगो दीजिए और फिर सुबर पी लीजिये। धानिया के बीज वाले पानी को पीने से लीर से गंदगी साफ होती है।

टमाटर का रस

टमाटर में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन पाएं जाने के कारण असने लाइकोपीन रिच मात्रा मे पाया जाता है जो की एक प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट है। इसलिए टमाटर का रस लीवर को स्वस्थय बनाने में लाभदायक होता है।

तुलसी पत्ती

तुलसी की पत्ती एक प्राकृतिक उपाया है। जिससे बर साफ हो जाता है। रोजाना खाली पेट तुलसी की चार-पांच पत्तियां शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होती है।

नींबू का रस

नींबू के रस को पानी में निचोड़ कर पीने से पेट साफ होता है। इसे रोज खाली पेट सुबह पीना सही होता है।

Categories
सेहत

अमरुद ही नहीं अमरुद की पत्तियां भी बहुत लाभकारी है

अमरुद की पत्तियां भी बहुत लाभकारी है


हम हमेशा सुनते है अगर स्वस्थ् जीवन चाहिए तो रोज फल खाएं। फल हमारी सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते है। अमरुद भी इनमें से एक है। अमरुद खाने में जितना स्वादिष्ट है उसकी पत्तियां उतनी ही लाभकारी है। इसके प्रयोग से आप कई परेशानियों से निजात पा सकते हैं। इसके घरेलू नुस्खे से आपको कई फायदे मिल सकते है। तो चलिए जानते है अमरुद की पत्तियों के फायदे

अमरुद की पत्तियां

गठिया के दर्द के लिए

अमरुद की पत्तियां गठिया के मरीज के लिए बहुत ही लाभकारी है। अमरुद की पत्तियों का लेप बनाकर गठिया प्रभावित जगह पर लगाने से दर्द से राहत महसूस होती है।

जुंएं से निजात

अगर आपके बच्चों के सिर में जुंएं हो गई है तो आप अमरुद की पत्तियों का इस्तेमाल करें। इसके इस्तेमाल से जुंएं कम हो जाती है। साथ ही यह सिर को ठंडक देती है।

लिकोरिया में लाभ

अमरुद की ताजी पत्तियों का रस 10 से 20 मिलीलीटर तक रोजाना सुबह-शाम पीने से लिकोरिया की बीमारी में चमत्कारी लाभ होता है।

कोलेस्टट्रॉल को कम करे

अमरुद की पत्तियो का जूस लिवर को साफ करने में मदद करता है. यह बीमारी पैदा करने वाले कोलेस्टट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है।

बालों का झड़ना रोकता है

अमरुद की पत्तियों के पानी से बाल धोने पर बालों का झड़ना कम हो जाता है। इस पानी से बालों की जड़ो की मसाज करना भी फायदेमद रहेगा। इन पत्तियों में भरपूर मात्रा मे विटामिन सी पाया जाता है। जो जड़ो को पोषण देता है।

ऑयली बालों के लिए

अगर आपके बाल बहुत ऑयली हैं तो अमरुद की पत्तियां आपको राहत देंगी। गर्म पानी में अमरुद की कुछ पत्तियों को 20 मिनट तक डुबोकर रख दीजिए। इस पानी से ही बालों को धोएं। इस पानी से धोने से अतिरिक्त तेल बाहर निकल जाता है।

दांतो की परेशानी की लिए

दांत दर्द, गले में दर्द, मसूडों में बीमारी अमरुद की पत्तियों के रस से दूर हो जाती है। अमरुद की पत्तियों को पीसकर इसका पेस्ट बना ले और उसे मसूडों या दांतो पर लगाए। ऐसा करने से आप कुछ राहत महसूस कर सकते है।

Categories
सेहत

यह चीज़ें रखेंगी आपको सर्दियों में ऐलर्जी से दूर

खाने में शामिल कीजिए ये 5 चीज़ें और रखें ख़ुद को सुरक्षित कीजिए सर्दियों में ऐलर्जी से


सर्दियों में ऐलर्जी होना एक बेहद ही आम बात है। सर्दियों में कितनी भी सावधानी क्यों ना बरती जाए लेकिन किसी ना किसी तरह कोई ना कोई बीमारी हमें लग ही जाती है क्योंकि ज़रा सी लापरवाही ज़रूर हो ही जाती है जो हमें बीमारी का शिकार बनने पर मजबूर कर देती है।

सर्दियों में हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कम हो जाती है जिसका कारण ख़ुद सर्दियाँ ही होती हैं। गर्मीयों में तो ज़्यादा चिंता की बात नही है किंतु सर्दियों में हमें प्रतिरक्षा प्रणाली को सही बनाए रखने के लिए अपने खाने में कुछ चीज़ों की शामिल करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर लहसुन यह एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसमें ऐंटीआक्सिडंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। दिन में लहसुन की एक कली का सेवन करने से आप अपने आप को किसी भी प्रकार की ऐलर्जी से आसानी से बचा सकते हैं और इसी प्रकार अदरक भी सर्दियों में बहुत लाभदायक होती है। यह सर्दी ख़ासी जैसी बीमारियों से हमारी रक्षा करती है।

सर्दियों में ऐलर्जी
यहाँ पढ़ें : जानिए क्यों एलोवेरा सबसे बेस्ट होता है

आज हम ऐसी ही कुछ और चीज़ों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको आप अपनी आदत में शामिल कर ख़ुद को ऐलर्जी से दूर रख पाएँगे। निनलिखित खाद्य पदार्थ आपकी सर्दी से होने वाली ऐलर्जी से आपकी रक्षा करेंगे:-

  1. हल्दी- हल्दी का प्रयोग वैसे तो हमारे देश में सब्ज़ियों में ही किया जाता है किंतु हल्दी केवल एक सब्ज़ी में डाले जाना वाला मसाला नही है। यह अपने आप में एक औषधि है। हल्दी एक प्रकृतिक ऐंटीआक्सिडंट है जिसमें ऐंटी इन्फ़्लैमेटरी गुण पाए जाते हैं। सर्दियों में किसी भी प्रकार की ऐलर्जी से बचने के लिए रोज़ एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर पियें।
  2. अदरक- अदरक भी हल्दी की तरह रोग प्रतिरोधक शक्ति को सुधारती हैं । यदि आप चाय के शौक़ीन हैं तो आप चाय में अदरक ज़रूर डाल लें अन्यथा दूध में अदरक को पकाकर पिएँ। दूसरा विकल्प तह भी हो सकता है की खाने में सब्ज़ीयो में अदरक डाल लें इससे स्वाद भी बेहतर होता है और सेहत भी।
  3. सेब- हम सभी ने बचपन में यह कहावत तो सुनी ही है की an apple a day keeps doctor away और यह बात सार्थक भी है की सेब में केर्स्ट्न नाम का पदार्थ होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता जिससे ऐलर्जी में राहत मिलती है। रोज़ एक सेब खाए या सेब का जूस पियें इससे ऐलर्जी भी होगी।
  4. नींबू- नींबू में विटामिन C पाया जाता है जो इम्यूनिटी को बढ़ाता है जिससे शरीर को ऐलर्जी से लड़ने में मदद मिलती है। रोज़ सुबह गरम पानी में नींबू निचोड़कर पिए इससे प्रतिरक्षा प्रणाली तो अच्छी होगी ही साथ ही साथ त्वचा भी बेहतर होगी।
  5. शकरकंदी- शकरगंदी की चाट आसानी से बाज़ारो में मिल जाती है जिसका स्वाद बेहद लज़ीज़ होती है। और यह बाज़ारों में कच्चे रूप में भी आसानी से मिल जाती है किंतु क्या आप जानते हैं कि ये स्वाद के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है? उसने विटामिन B6 और बीटा केरोटीन होते हैं जिनके सेवन से ऐलर्जी से बचा जा सकता है।
Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Categories
सेहत

क्यों आवश्यक हैं विटामिन

विटामिन


वैसे तो हम आज ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सभी अपनी सेहत के प्रति जागरूक है हैं लेकिन व्यस्त जीवन शैली के कारण शायद हम पता होते हुए भी ख़ुद का ध्यान रखने में असमर्थ हैं। महिला और पुरुष चाहे वे किसी भी उम्र के हों उनके लिए सभी प्राकार के विटामिन का सेवन करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह भिन्न प्राकार की बीमारियों से रक्षा कर हमें स्वस्थ बनाते हैं।

विटामिन वे ऑर्गैनिक कम्पाउंड होते हैं जो शरीर के भिन्न अंगों की बहत्तर कार्य करने में सहायता करते हैं। जितने भी प्रकार के विटामिन है उन सभी के कार्य अलग होते हैं। इस की कमी से कई प्रकार की बीमारियाँ होती हैं। हमारे शरीर को प्रतिदिन इस की आवश्यकता होती है ताकि वह स्वस्थ रह सके। यदि यह ज़रूरत पूरी नही होती तो इसका परिणाम गम्भीर बीमारियों के रूप में सामने आता है।

उदाहरण के तौर पर जो लोग खाने में A, B1 और B2  नहीं लेते हैं उन्हें लगातार थकान महसूस होती है, उन्हें भूख नही लगती और उन्हें मानसिक बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।

जैसे की हमने शुरू में बताया हर इस की कमी से अलग बीमारी होती है इसे ऐसे समझना ज़्यादा आसान होगा:-

यहाँ पढ़ें : नारियल पानी पीने के फ़ायदे

  • विटामिन A की कमी से दृष्टि कमज़ोर हो जाती है। उम्र से होने वाली बीमारियाँ जल्दी होने लगती हैं।
  • विटामिन B2 की कमी के कारण आँख और जीभ पीले पड़ने पड़ने लाते है, मुँह में छालें, शुष्क बाल, झुर्रियाँ, होनेलगती है। इसका प्रभाव राज प्रतिरोधक शक्ति पर भी पड़ता है।
  •  विटामिन D की कमी से रिकेट्स जैसी ख़तरनाक बीमारी हो जाती है। यह बीमारी छोटे बच्चों को अधिक होती है।
  •  विटामिन K की कमी से यह होता है कि यदि खो चोट लग जाए तो वहाँ से ख़ून बहना बन्द भी हो पाता।

इसी प्रकार कंजंक्टिवायटिस, अनीमीआ, बेरी-बेरी, पेलैग्रा, फ़ोटोफ़ोबीया, स्कर्वी जैसी बीमारी भी इसी की कमी से ही होती हैं।

अपने शरीर की और जागरूक होने का अर्थ है अपने शरीर की ज़रूरतों को समझना और समय रहते उन्हें पूरा करना। अधिकतर इस की वजह से होने वाली बीमारियों के लक्षण तब दिखते हैं जब उनका इलाज करना मुश्किल हो जाता है इसलिए आवश्यक यह है कि हम पहले ही अपने भोजन को इस से भर लें।

भोजन वह खाएँ जो विटामिन से भरपूर हो। हरी सब्ज़ी, फल में यह प्रचूर मात्रा में होते हैं। यदि आप नशे करते हैं तो छोड़ दें क्योंकि इससे शरीर विटामिन को सोख नही पाता। यदि भोजन आपको विटामिन पूरी मात्रा में नही दे रहा तो आप इसके सप्लीमेंट भी ले सकते हैं परंतु इंगा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले लें।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Categories
सेहत

फ़ायदे हल्दी की चाय के

क्या आपने कभी हल्दी की चाय का स्वाद लिया है?


हल्दी ऐसे मसालों में से एक है जो हमारे देश के लगभग सभी घरों में प्रयोग में लाया जाता है। कोई भी सब्ज़ी हल्दी के बिना अधूरी होती है।यह हमारे देश में हज़ारों सालों से भी पहले से मसाले और औषधीय जड़ी बूटी के रूप में प्रयोग की  जाती रही है। यह एक अत्यंत गुनकारी औषधि है। इसमें करक्यूमिन नामक तत्व होता है जो एक ऐंटीआक्सिडंट होता है और यह शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते है।

कैसे बनाए हल्दी की चाय? हल्दी की चाय बनाना बहुत ही सरल है। आपको इसके लिए आवश्यकता होगी ताज़ा हल्दी, काली मिर्च, नींबू, शहद, अदरक,पानी। अब एक बर्तन में पानी गरम कर लें और ताज़ा हल्दी और अदरक को इसमें कस कर डाल दे। उबालने के बाद इसे ठंडा कर इसमें शहद,नींबू और काली मिर्च डाल लें और इसके बाद इसे छान लें। आपकी हल्दी की चाय तैयार है।

आइए अब जाने फ़ायदे इस हल्दी की चाय के:-

  • इसमें  ऐंटीआक्सिडंट भरपूर मात्रा में होते है। ये हमारे शरीर और कोशिकाओं को ख़राब होने से बचाते हैं।ऑक्सिडेशन एक ऐसी क्रिया है जो फ़्री रैडिकल बनाती है जो हमारी कोशिकाओं को ख़राब करते हैं। ऐंटीआक्सिडंट ऐसी समस्या से शरीर का बचाव करते हैं।
  • इसमें anti-inflammatory कमपाउंड होते हैं जो अत्यंत आवश्यक होते है। ये शरीर की बैक्टीरीआ से रक्षा करते हैं और शरीर में हुए नुक़सान की भी देख रेख करते है।शरीर में आयी सुजन को भी ये कम करते हैं और साथ ही साथ शरीर में हो थे दर्द को भी कम करते हैं।
  • हल्दी की चाय
  • यह दिमाग़ से सम्बंधित बीमारियों की सम्भावना को कम करती है।दिमाग़ से सम्बंधित बीमारियाँ जैसे Alzheimer, depression  इत्यादि की सम्भावना yeh कम करती है और साथ ही साथ याद करने की क्षमता को बढ़ाकर यह आपको होशियार भी बनाती है।
  • आजकल हृदय से सम्बंधित बीमारियाँ भी बहुत बढ़ गयी है और इससे बहुत से लोगों की मृत्यु हो चुकी है। यह देखा गया है की जो लोग हल्दी का इस्तेमाल भोजन में करते हैं उनके हार्ट अटैक की सम्भावना 65% तक कम हो जाती हा
  • यह कैंसर जैसे रोग से भी हमारे शरीर की रक्षा के सकती है। कैन्सर जो कोशिकाओं के अनियमित विकास के कारण होता है यह उसे काफ़ी हद तक रोक सकता है।
  • यह उन लोगों के लिए बहुत ही लाभदायी है जो मधुमेह के रोग से ग्रस्त हैं। और इसके प्रतिदिन सेवन से डाइअबीटीज़ की आशंका कम होती है।
  • यह आर्थ्राइटिस(arthritis) जैसी बीमारी के दर्द को भी ठीक करने में उपयुक्त है।
  • यह रक्तचाप की बीमारी को भी सही  करने में काम में आती है।

हल्दी के विषय में सबसे अच्छी बात यह है की इसके कोई दुष्प्रभाव नही होते।यह चाय आपको हल्दी के साथ साथ शहद और नींबू के भी गुण प्रदान करेगी। यह बनाने में जितनी साधारण है उतने ही ज़्यादा इसके गुण भी है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Categories
सेहत

क्या आप केले की चाय के फ़ायदे जानते हैं?

आओ जाने केले की चाय के फ़ायदे


यह तो हम सभी जानते हैं की केले से हमें भरपूर मात्रा में कैलशियम मिलता है। पर क्या आप जानते है की अगर केले को उबालकर केले की चाय पी जाए तो ये आपकी नींद से सम्बंधित परेशानी आसानी से ख़त्म कर सकता है। हम में से अधिकतर लोग रात को सोने से पहले दूध पीते हैं। कुछ गुनगुना पानी पीते हैं। पर क्या कभी आपने केला उबालकर पीने की बात सोची है? बहुत से लोगों को पता भी नही होगा की ऐसी कोई ड्रिंक भी है।

बदक़िस्मती से आज की दुनिया मे हज़ारों लोगों को सोते वक़्त आने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें रात को ठीक से नींद नही आती जिससे उनका दैनिक जीवन बहुत प्रभावित होता है। यदि आप भी 7-8 घंटे की नींद लेने में असफल हैं और आपकी रात करवटें बदलते हुए निकलती है तो यह चाय आपके बहुत काम आने वाली है। नींद ना आने के बहुत से कारण हो सकते है जैसे तनाव या चिंता। जितना ज़्यादा आप समस्याओं के बारे में सोचते हैं उतनी ही कम नींद आपको आती है।

केले की चाय

यहाँ पढ़ें : 6 नॉन डेरी फ़ूड्स जो आपको देंगे डेरी फ़ूड्स जितनी ताक़त

आप अपनी नींद की समस्या को इस केले की चाय से आसानी से ख़त्म के सकते हैं। यह बनाने में बेहद आसान और पीने में बहुत स्वादिष्ट होती है और  इसे बनाने में केवल 10 मिनट लगेंगे  बस आपको ज़रूरत होगी:-

  • 1 केला
  • 1 ग्लास पानी
  • 1 चुटकी दालचीनी

 

सबसे पहले किसी बर्तन में पानी उबालने रख दें। केले के सबसे ऊपरी और निचले हिस्से को काट कर अलग कर दें अब बचे हुए केले को छिलके के साथ ही उबले हुए पानी में डालकर 10 मिनट के लिए मंदी आँच पर छोड़ दें। फिर इस पानी को छान लें और पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर सोने से पहले पियें।

यदि आप बचा हुआ केला नही फ़ेकना चाहते तो बस उसके छिलके लग कर उसमें भी दालचीनी पाउडर डालकर केले के मीठे स्वाद का आनंद लीजिए और अपनी सेहत भी बनाइए। नींद से सम्बंधित बीमारियों को ठीक करने का यह एक बहतेरीन उपाय है। साथ ही साथ यह शुद्ध  और सहायक भी है।अब आप उस समय को अलविदा कह दीजिए जब आप बिस्तर पर लेट तो जाते थे लेकिन आँखों में नींद नही होती थी और समय काटने के लिए आप मोबाइल पर सर्फ़िंग करना शुरू कर देते थे। अब आपको नींद की चिंता नही होगी क्योंकि अब आपके पास इसका अद्भुत उपाय है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in