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अगर फिट रहने के लिए आप घर पर कर रहे है ट्रेडमिल वर्कआउट, तो इन बातों का रखें ध्यान

ट्रेडमिल वर्कआउट के दौरान इन बातों का ध्यान रखें


 

पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है इस कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। अभी इस कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है जो की पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना महामारी के कारण ही लम्बे समय से जिम, स्कूल, कॉलेज सभी चीजे बंद हैं। जिसके कारण सभी लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से जिम बंद होने के कारण कई लोगों ने अपने घरों पर ही वर्कआउट करना शुरू कर दिया है। कई लोग तो ऐसे भी है जिन्होंने इस कोरोना काल में अपने घर पर ही एक छोटा जिम तैयार कर लिया है ताकि उनके वर्कआउट सेशन्स में कोई दिक्कत न आए। जो भी लोगों ने अपने घर पर नया नया जिम तैयार करते है वो अपने घर पर ही कसरत करना शुरू करते है। वो लोग अक्सर ट्रेडमिल वर्कआउट को ज्यादा तवज्जो देते हैं क्योंकि उसके अपने अलग फायदे भी हैं। तो चलिए आज जानते है अगर आप ट्रेडमिल वर्कआउट शुरू करने जा रहे है तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. घर पर जिम तैयार करने के लिए जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति नया ही ट्रेडमिल खरीदे। कई लोग सेकंड हैंड यानी की पुराना ट्रेडमिल भी खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है कि वो ये सेकंड हैंड ट्रेडमिल खरीदने से पहले इसके मोटर और शॉकर को अच्छे से एक बार देख लें। ताकि आगे चलकर उनको कोई परेशानी न हो।

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2. जो भी लोग घर पर नया जिम तैयार करते है उन्हें कभी भी कसरत करने के लिए सीधा ट्रेडमिल पर नहीं चढ़ना चाहिए। क्योंकि ये आपको परेशानी में डाल सकता है। कसरत के दौरान हमारे घुटनों पर जोर पड़ता है। इसलिए अगर आप ट्रेडमील एक्सरसाइज करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कम से कम 10 मिनट का वर्कआउट सेशन तो पहले ही कर ही लें

3. आपको एक्सरसाइज करते हुए ट्रेडमिल से डरना नहीं चाहिए। ऐसा करने से आपका पोश्चर प्रभावित होगा साथ ही साथ आपके घुटने, पैरों या शरीर के किसी भी अन्य अंग पर चोट लग सकती है। इसलिए आपको सेफ्टी बार को पूरी तरह और पूरे समय पकड़ कर कसरत नहीं करना चाहिए।

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जाने क्या होती है हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग और कैसे होती है यह बच्चों के लिए नुकसानदेह

जाने क्या होती है हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग


पैरेंटिंग ये शब्द जितना सुनने में अच्छा लगता है उससे कई गुना ज्यादा इसमें ज़िम्मेदारियां होती है। हर माता पिता चाहते हैं कि वो अपने बच्चे को एक अच्छी परवरिश दे। उससे उंगली पकड़ कर उससे चलना सिखाएं। उसकी हर चीज में उसका साथ दे, उसके साथ खड़े रहे। लेकिन कई बार ये प्यार और केयर एक अलग लेवल पर चली जाती है जिसे हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग है। जब कोई भी माता पिता अपने बच्चे की जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल देने लगते हैं अपने बच्चे के साथ हेलिकॉप्टर की तरह हरदम मंडराते रहते है जिसे वो खुद अपने फैसले नहीं ले पाता है। उससे ही हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग कहा जाता है।

 

जाने क्या करें, क्या न करें

जब बच्चा छोटा होता है तो उससे हर पल माता पिता के साथ की ज़रूरत होती है लेकिन जैसे जैसे वो बड़ा होता है। उसकी ये जरूरत कम होने लगती है। हां ये बात सही है कि बच्चे को आपके साथ की ज़रूरत होती है, आपके मोटिवेशन की जरूरत होती है, उससे पढ़ाई में भी आपकी मदद चाहिए होती है। एक माता पिता होने के नाते आपको पता होना चाहिए कि आपके बच्चे के दोस्त कौन कौन है उनके बीच किस तरह की बातें होती है लेकिन दिक्कत तब आने लगती है जब आप हर बात पर उनकी जिंदगी में इंटरफेयर करने लगते है। तो चलिए आज हम आपको बताएंगे बच्चों के साथ कब क्या किया जाना चाहिए जिससे की आपके और आपके बच्चे के बीच प्रॉब्लम न आये।

आज़ादी: आपको अपने बच्चे को थोड़ी आज़ादी देनी चाहिए। माना की आपको अपने बच्चे की चिंता होती है लेकिन आप खुद सोचिये, क्या आप चाहेंगे है कि आपके बच्चे को जिंदगी भर आपकी जरूरत पड़े। वो खुद इंडिपेंडेंट होकर अपनी प्रॉब्लम्स खुद सुलझा न सकें। नहीं न तो इसलिए आपको अपने बच्चे को थोड़ी आज़ादी देनी चाहिए जिसे वो इंडिपेंडेंट होकर अपनी प्रॉब्लम्स खुद सुलझा सकें।

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बच्चे अपना काम खुद करें: आपको अपने बच्चे को बचपन से ही सीखना चाहिए कि उससे अपने काम खुद करने चाहिए। क्योकि ये उसके आने वाले कल के लिए ठीक है। बच्चे को लाड़-प्यार करना चाहिए लेकिन उससे कभी भीं लाड़-प्यार में बिगाड़ना नहीं चाहिए।

लड़ाई: आपको अपने बच्चे को हर सिचुएशन को हैंडल करना सीखना चाहिए। अगर आपके बच्चे की स्कूल में लड़ाई हो जाएं, तो आपको उससे घर पर ही समझाना चाहिए कि उससे सिचुएशन को कैसे हैंडल करना है न की उसके स्कूल खुद चले जाएं टीचर से शिकायत लगाने या दूसरे बच्चों को डांटने।

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स्कूलों की तानाशाही, एफडी तोड़ बच्चों की फीस भरने को मजबूर है अभिभावक 

निजी स्कूलों ने दी अभिभावक को चेतावनी, फीस न भरने पर परीक्षाओं में नहीं बैठ पाएंगे बच्चे


मिलेनियम सिटी में अपने बच्चों को प्राइवेट और बड़े स्कूलों में पढ़ाना लोगों का सपना होता है. लोगों को लगता है है कि जितने बड़े स्कूल में उनका बच्चा पढ़ेगा उतनी ज्यादा उनकी शान बढ़ेगी. हर साल अभिभावक इन स्कूलों में लाखो रुपये की फीस भरते है. लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण सभी लोगों का बजट बिगड़ा गया है. कई अभिभावकों की नौकरी चली गई तो कई की सैलरी में कटौती कर दी गई . आलम यह अब यह है कि अभिभावक बच्चों की स्कूल भरने के लिए अपनी ज्वेलरी बेच रहे हैं और एफडी तुड़वा रहे हैं. इसके पीछे कारण यह है कि इस बार प्राइवेट और बड़े स्कूल अभिभावकों पर फीस का दबाव बनाने के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं और बोर्ड की परीक्षाओं का हवाला दे रहे हैं. यहाँ तक की स्कूलों ने अभिभावकों को फीस न भरने पर निजी स्कूल परीक्षाओं में बच्चों को न बिठाने की चेतावनी भी दे दी है.

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स्कूल की फीस भरने के बाद ही अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में बैठ पाएंगे स्टूडेंट्स 

हाल ही में सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम अभिभावक संगठन के सदस्य हिमांशु शर्मा ने बताया कि बहुत से अभिभावक फीस न भर पाने के कारण इतना परेशान हो चुके है कि अब उन्हें इसके लिए अपनी एफडी तुड़वानी पड़ी.  यहाँ तक की कुछ अभिभावकों ने इसके लिए अपनी ज्वेलरी भी गिरवी रखी है. अभिभावक बच्चे का नाम स्कूल से न कटे इसके लिए अब तक लाखों रुपये स्कूल में भर चुके है. अभिभावकों का कहना है कि अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है. इसलिए मजबूरी में उन्होंने अपनी एफडी तुड़वाई और ज्वेलरी भी गिरवी रखी है.

40 हजार से ज्यादा छात्रों ने छोड़े निजी स्कूल

जुलाई तक हरियाणा में 43,293 छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में एडमिशन ले चुके है. जिसमें से 2453 स्कूल गुरुग्राम से हैं. और 2074 छात्र फरीदाबाद के निजी स्कूलों को छोड़ चुके हैं. अभी यह आंकड़ा और भी बढ़ता जा रहा है. निदेशालय जल्द ही सोशल मीडिया पर दूसरी रिपोर्ट भी पेश करेगा. गुरुग्राम में बहुत बड़ी संख्या में ऐसे अभिभावकों भी है, जो अपने बच्चों का स्कूल छुड़वा कर घर पर बिठा चुके हैं.

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LOCKDOWN  ने कर दिया हैं बच्चों को बोर : जाने कैसे करे उन्हें घर पर ही एंटरटेन?

घर पर बच्चों के लिए बनाये बाहर वाला माहौल


कोरोना वायरस को फैले करीब सात- आठ महीने हो चुके है और आज भी ये रुकने का नाम नहीं ले रहा। अभी तक कोरोना वायरस की चपेट में करोड़ो लोग आ चुके है जबकि लाखों लोग इसके कारण अपनी जान गवा चुके है दुनिया के बहुत सारे देशों ने इससे रोकने के लिए लॉकडाउन का इस्तमाल भी किया परन्तु इससे भी कोई खास फायदा नहीं हुआ। अगर हम बात करे भारत की तो यहाँ पर अभी पूरी तरीके से न तो लॉकडाउन है और न ही पूरी तरह से लॉकडाउन हटा है आज भी बहुत सारी चीजें बंद है, बच्चों के स्कूल से ले कर कॉलेज तक सब कुछ बंद पड़ा हुआ है जिसके कारण बच्चे एक लम्बे समय से घर पर ही है। न तो वो स्कूल जा पा रहे है न कही बाहर । जिसके कारण बच्चे भी पूरी तरह परेशान हो चुके है तो चलिए आज हम आपको बतायेगे कि आप कैसे अपने बच्चे के लिए घर पर ही बनाये बाहर वाला माहौल।

सबसे पहले अपने बच्चे के मन से डर को दूर करे

कोरोना वायरस ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। कोरोना वायरस लॉकडाउन से सबसे ज्यादा बच्चे परेशान हुए है। पेरेंट्स के लिए सबसे ज्यादा चिंता बच्चों की देखभाल को लेकर है। बच्चों के लिए घर में बंद रहना बहुत मुश्किल होता है। इस समय बच्चे बाहर जाना और अपने दोस्तों को सबसे ज्यादा मिस कर रहे है। इस समय बच्चों का अपने पैरेंट्स से हजारों सवाल करना और पैरेंट्स का उनके सवालों को नजरअंदाज कर देना एक बड़ी परेशान को न्योता   दे सकती है। इसलिए आपको अपने बच्चों के आस- पास ही रहना चाहिए और उनसे जितना हो सके उससे बात करनी चाहिए इससे एक तो वो अपने दोस्तों को मिस नहीं करेंगे दूसरा अगर उनके मन में कोई डर होगा तो वो भी खत्म हो जायेगा।

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बच्चों के लिए घर पर अच्छा माहौल बनाएं

इस समय कोरोना वायरस कितना फैला हुआ है ये बात हम सब लोग जानते है परन्तु अगर आप अपने बच्चे के लिए घर पर अच्छा माहौल बनाना चाहते है तो आप अपने घर पर एक कमरा खाली  कर सकते है और उसमे बहुत सारे खिलौने भर सकते है जिससे आपका बच्चा आराम से खेल सके। ऑफिस और घर का काम निपटाने  के बाद आपको भी अपने बच्चे के लिए समय निकालना चाहिए और उसके साथ खेले ताकि वो बोर न हो।

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