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Sabarimala and Rafale News: राफेल और सबरीमाला मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बड़ी बात

सबरीमाला केस का फैसला बड़ी बेंच को सौंपा गया


Sabarimala and Rafale News: पिछले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट में कुछ बड़े फैसल आए हैं। इन फैसलों में अयोध्या विवाद, कर्नाटक विधायक विवाद और सीजेआइ ऑफिस आरटीआइ के मामले शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट में आज तीन बड़े फैसलों का दिन है। आज सुप्रीम कोर्ट राफेल विमान सौदे, सबरीमाला विवाद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अवमानना मामले में फैसला सुनाने जा रही है। बात करे राफेल डील की तो सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार की याचिका ख़ारिज कर दी है। आपको बता दे की इस मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी ।

वही बात करे दूसरे मामले यानी राहुल गांधी को ‘चौकीदार चोर है’ वाले बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने माफ कर दिया है। राहुल गांधी ने अपने इस बयान के लिए सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ गलत तरीके से अदालत में शिकायत करने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनके ‘चौकीदार चोर है’ के नारे को गलत बताया।

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तीसरा फैसला सबरीमाला मामले परे तो सुप्रीम कोर्ट ने केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला बड़ी बेंच को सौंप दिया है। कोर्ट इस बारे में खुद  फैसला सुनाने वाला था लेकिन 5 जजों की बेंच ने कहा कि परंपराएं धर्म के सर्वमान्य नियमों के मुताबिक हों और आगे 7 जजों की बेंच इस बारे में अपना फैसला सुनाएगी। साफ है कि फिलहाल मंदिर में कोर्ट के पुराने फैसले के मुताबिक महिलाओं की एंट्री जारी रहेगी।

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#MondayMotivation : कैसे महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को स्मृति ईरानी ने दी नई दिशा?

स्मृति ईरानी – मैकडॉनल्ड्स में वेटर की नौकरी करने से लेकर कैबिनेट मिनिस्टर बनने तक का सफ़र 


कहते है हर व्यक्ति का एक अतीत होता है और कुछ लोगों का अतीत ऐसा होता है जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाता है। ऐसा ही अतीत रहा है हमारी टेलीविजन की स्टार और “सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी यानि स्मृति ईरानी का। जी हाँ, हम बात कर रहे है यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी की जिनका टेलीविज़न से लेकर राजनीति तक का सफर बहुत ही दिलचस्प रहा है।

वेट्रेस से मॉडलिंग और एक्टिंग का सफर 

मॉडलिंग से एक्टिंग और टेलेविज़न इंडस्ट्री की तुलसी राजनीति में अपने पैर ज़मा चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते है वो कभी मैकडॉनल्ड्स में वेटर की नौकरी करती थी। 23 मार्च 1976 को दिल्ली में जन्मी स्मृति ईरानी 3 बहनों में सबसे बड़ी होने के नाते बचपन से ही समझदार थी। होली चाइल्ड ऑक्जिलियम स्कूल से अपनी स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया। उसके बाद मिस इंडिया कॉम्पिटिशन और 1998 में मिस इंडिया पेजेंट फाइनलिस्ट में अपनी पहचान बनाने के बाद स्मृति ने मीका सिंह के साथ एक एल्बम ‘सावन में लग गई आग’ के गाने ‘बोलियां’ पर परफॉर्म किया। फिर उन्हें छोटे पर्दे पर “सास भी कभी बहू थी” में तुलसी की भूमिका मिली जिसे वो भारतीय महिलाओ के बीच एक प्रसिद्ध चेहरा बन गई।

राजनीति का सफर

एक्टिंग के बाद टीवी ने उन्हें ऐसी पहचान दी जिससे उन्हें राजनीति में एंट्री का मौका मिला और फिर शुरू हुआ उनका राजनीति का सफर जो अभी तक एक सफल दिशा में जा रह है। 2003 में स्मृति ईरानी ने भारतीय जनता पार्टी में आने का फैसला किया। एक साल बाद महाराष्ट्र की यूथ विंग का वाइस प्रेसिडेंट बनकर उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। इसी विश्वास के दम पर वो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में टेक्सटाइल मिनिस्टर के पद पर कार्य कर रही हैं। इससे पहले वो केंद्र में मानव संसाधन मंत्री रह चुकी हैं।

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 कांग्रेस को लगा एक और झटका, नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पद से दिया इस्तीफा

इस्तीफा  देने के पीछे नवजोत सिंह सिद्धू ने बताई यह बड़ी वजह


लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मानो कांग्रेस सरकार पर काले बदल छा गए है जो छटने का नाम नहीं ले रहे. जी हाँ, हाल ही में उपाध्यक्ष राहुल गाँधी और महा सचिव ज्यातिरादित्य सिंधिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद सरकार में इस्तीफा देने की होड़ लग गई है.वही आज नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.जिसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने इस्तीफा देने  की वजह मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से चल रहे मतभेद को बताया है

10 जुलाई को ही सौप दिया था इस्तीफा 

आपको बता दे कि लोकसभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस सरकार को हार का सामना करना पड़ा. हारने का ज़िम्मा अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर फोड़ा था और केंद्रीय आलाकमान से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.फिर 6 जून को हुई कैबिनेट की पहली ही बैठक में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सिद्धू सहित कई मंत्रियों के विभाग बदल दिए थे.जिसके चलते उनके और सिद्धू के बीच मतभेद चल रहा था.

वही आज  नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्विटर अपने इस्तीफे को सार्वजनिक करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने 10 जुलाई को ही अपना इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसका खुलासा आज किया है.इसके अलावा सिद्धू ने अपने ट्वीट में कहा कि “कांग्रेस अध्यक्ष से मिला. उन्हें अपना पत्र सौंपा, हालात से अवगत कराया.” उन्होंने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की थी, जिसमें वे राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी और अहमद पटेल के साथ खड़े दिखे.

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मोतीलाल वोरा होंगे कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष

राहुल गाँधी अपने फ़ैसले पर अटल, नहीं संभालेंगे पार्टी की कमान


राहुल गाँधी है अपने फैसले पर है अटल  है  और  उन्होंने यह साफ़ कर दिया की वो पार्टी की कमान नहीं संभालेंगे.  राहुल गाँधी ने हाल ही में अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और वो अपना फैसला नहीं बदलना चाहते. इसकी अहम  वजह है 2019  के लोकसभा चुनाव में मिली हार .राहुल ने खुद को  इस  हार का जिम्मेदार बताते हुए  सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट कर के ओपन लेटर भी जारी किया है. इस ओपन लेटर में राहुल गांधी ने लिखा, “कांग्रेस पार्टी के लिए काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी’ और ‘अध्यक्ष के नाते हार के लिए मैं जिम्मेदार हूं. इसलिये अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं’.पार्टी को जहां भी मेरी जरूरत पड़ेगी मैं मौजूद रहूंगा.”

आपको बता दें,  बुधवार को राहुल गांधी ने कहा की  एक महीने पहले ही नए अध्यक्ष का चुनाव हो जाना चाहिए था. ‘बिना देर किए हुए नए अध्यक्ष का चुनाव जल्द हो. मैं इस प्रक्रिया में कहीं नहीं हूं. मैंने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है और मैं अब पार्टी अध्यक्ष नहीं हूं.”

मोतीलाल वोरा को बनाया गया कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष 

जहाँ एक तरफ राहुल गाँधी अपनी हार का जिम्मेदार बता कर इस्तीफा दे चुके है वही  अब पार्टी का नया अध्यक्ष मोतीलाल वोरा को नियुक्त किया गया है. व राहुल गंधी के  इस फैसले से कई कांग्रेसी नेता खुश नहीं है.  उनका कहना है कि  उन्होंने राहुल गाँधी को इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाया लेकिन राहुल गांधी हमेशा कहते रहे हैं कि वह अपना मन नहीं बदलेंगे.  इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी राहुल गाँधी से मीडिया के सामने पद से इस्तीफा वापस लेने की मांग की थीलेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

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स्मृति ईरानी ने चुनाव के दौरान राहुल गाँधी पर लगाया आरोप

अमेठी में बूथ कैप्चरिंग करवा रहे हैं राहुल गांधी ?


2019 के लोकसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो चुके है. वही आज यानी 6 मई को पाँचवे चरण के मतदान सुबह 8 बजे से शुरू हो चुके है जो की 59 सीट्स पर हो रही है. चुनाव में कही से ईवीएम मशीन खरीबी को लेकर खबर आ रह है तो कही वोटिंग में हेरा-फेरी को लेकर एक दूसरे पर सवाल खड़े  किये जा रहे है . जी हाँ, अभी हाल ही में स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए  बूथ कैप्चरिंग करने का आरोप लगाया है.

आपको बता दे अमेठी की लोकसभा सीट से  27 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे है  लेकिन असल मुक़ाबला बीजेपी से स्मृति ईरानी और कांग्रेस से राहुल गाँधी का है  और यह देखना ज़ाहिर है की चुनाव के नतीजे में जीत आखिर किसकी होगी? पर आज पाँचवे  चरण के चुनाव के दौरान स्मृति ने राहुल गाँधी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया है. अमेठी ने एक वीडियो ट्वीट शेयर कहा है कि राहुल गांधी बूथ कैप्चरिंग करवा रहे हैं.जिसके लिए स्मृति ईरानी ने  चुनाव आयोग से राहुल गाँधी के खिलाफ शिकयत भी दर्ज कराई है.

अमेठी में कांग्रेस का मजबूत गढ़

अगर बात की जाए  चुनावी इतिहास की तो 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गाँधी ने भरी वोटों के साथ  स्मृति ईरानी को हराया था वजह यह भी है अमेठी कांग्रेस का गढ़ है और जनता का कांग्रेस पर ज्यादा विश्वास जताती है. साथ ही इस सीट पर अभी तक 16 लोकसभा चुनाव और 2 उपचुनाव हुए हैं. इनमें से कांग्रेस ने 16 बार जीत दर्ज की है. वहीं, 1977 में लोकदल और 1998 में बीजेपी को जीत मिली है. जबकि बसपा और सपा अभी तक अपना खाता नहीं खोल सकी है.

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चुनाव आयोग में  शिकयत दर्ज होने के बाद  राहुल गाँधी भी अमेठी थोड़ी देर में  पहुँच रहे है . वही दूसरी और स्मृति के इस आरोपों को ख़ारिज करते हुए संजय सिंह ने कहा की स्मृति ईरानी और मोदी झूठे आरोप लगाते हैं, उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. अब वो जाने वाले हैं.  यह तो  23 मई को नतीजे ही बातएंगे की   सरकार किसकी  जाएगी  या फिर आएगी ?

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राहुल गाँधी के खिलाफ खड़े हुए एनडीए उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली

दोबारा करवाना  चाहते है मतदान


जहाँ आज देश में 116 लोकसभा  सीट पर  तीसरे चरण को लेकर मतदान हो रहे है वही दूसरी और इस नेता ने दोबारा से चुनाव कराने की माँग की है. इस चुनावी सीजन में सभी पार्टियां एक दूसरे पर जम कर निशाने साधने में  लगी है और शिकयत करने में लगी है .जी हाँ,वही केरल की वायनाड लोकसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली ने यहां के एक बूथ पर ईवीएम खराब हो जाने के बाद दोबारा मतदान कराने की मांग की है.

आपको बता दे कि एनडीए के उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली ने चुनाव आयोग के एजेंट को यह शिकयत पत्र लिख कर कहा है कि मूपनाड पंचायत में अरपट्टा के सीएमएस हाई स्कूल के बूथ नंबर 79 पर ईवीएम खराब हो गई जो कि दो बार वोट डालने के बावजूद  भी  लोग वोट नहीं डाल पा रहे है. इसलिए इस क्षेत्र  में दोबारा से वोट डालें जाए.

राहुल गाँधी को टक्कर देने के लिए तैयार तुषार वेल्लापल्ली

वही केरल के वायनाड लोकसभा सीट से राहुल गाँधी चुनाव लड़ रहे है जिनके खिलाफ चुनावी मैदान में एनडीए के उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली चुनाव  लड़ रहे है.यही वजह है की यहाँ की जो सीट है वो काफी चर्चा में है। साथ ही यहाँ से 20 लोकसभा सीटों पर 227 उम्मीदवार चुनावी मैदान में खड़े हुए है.

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सिर्फ वायनाड ही नहीं और भी ऐसे  कई राज्य है जहाँ से ईवीएम मशीन की ख़राब होने की खबर आई है. गोवा  में चल रहे चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने  बताया कि पता ही नहीं चल रहा है कि वोट आम आदमी पार्टी को जा रहे हैं या भाजपा को  जिसके बाद आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने अपने सोशल अकाउंट से ट्वीट कर के कहा कि ‘क्या सच मे  ईवीएम मशीने ख़राब है या जान बूझ कर ऐसे प्रोग्राम सेट किये गए हैं ?

लेकिन अब देखना यह है कि क्या चुनाव आयोग एनडीए उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली की बात पर गौर कर के दोबारा चुनाव कराता  है या नहीं ?

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बीजेपी के नेता ने कि सारी  हदें  पार

राहुल गाँधी को दी  माँ  बहन  कि  गाली


लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान पूरे हो चुके है  .लेकिन वही इस चुनावी  मौसम में कुछ  नेता  ऐसे भी है जिनके  बोल आज कल उनका साथ नहीं दे रहे है. जी हाँअभी हाल ही में बीजेपी  के एक नेता ने कांग्रेस उपाध्यक्ष  राहुल गाँधी  के लिए ऐसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है जिसे बोलते  समय उन्होंने  एक बार भी नही सोचा.

आपको बता दे कि अभी हाल ही में हिमाचल प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जिसमे उन्होंने राहुल गाँधी कली  मां की गाली दी. एक एजेंसी द्वारा एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमे सतपाल सिंह राहुल गांधी  को लेकर आपतिजनक शब्दोंका इस्तेमाल कर रहे है  और यह वीडियो 13 अप्रैल  का है.

इस वायरल वीडियो में बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह कह रहे है – ‘भैयातेरी मां की ज़मानत हुई हैतेरी ज़मानत हुई हैतेरे जीजे की ज़मानत हुई है. पूरा टब्बर ही ज़मानती हैभाई तू कौन होता है जज की तरह चोर बोलने वाला है.’ साथ ही यह भी कहा की अगर इस देश का चौकीदार  चोर है तू बोलता है तो तू ****** है. अब सिर्फ यह बीजेपी नहीं बल्कि अन्य पार्टियों के नेताओ के बोल  बिगड़ रहे है अभी हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने जया परदा  को लेकर भी अपशब्द कहा है.

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साथ ही राहुल गाँधी इस बार लोकसभा चुनाव 2019 में पीएम मोदी को राफेल डील के मामले आज कल घेरते हुए नजर आ रहे है. जिसको लेकर राहुल गाँधी अपने हर जनसभा में चौकीदार चोर है का नारा लगवा  रहे है . 

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राहुल गांधी ने चुनावी मौसम में तेजस्वी के साथ किया लंच

गुजरात के चुनावी रैली में व्यस्त है राहुल


गुजरात चुनाव जैसे-जैसे पास आते दिख रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव ला रहे हैं। मंदिरों में जाना, लोगों से मिलना और सबसे प्रमुख किसानों के मुद्दे पर बातचीत करना शामिल कर दिया। इस दरमियान राहुल 2019 की भी तैयारी कर रहे हैं। इसके मद्देनजर वह अपने विपक्षियों को आड़े हाथों ले रहे हैं।

राहुल गांधी

तेजस्वी ने लंच के लिए राहुल का आभार प्रकट किया

गुजरात के बाद आगे की रणनीति को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात की।

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर राहुल को लंच के लिए शुक्रिया भी किया। लंच के लिए राहुल आपने बिजी शेड्यूल के बीच भी लंच के लिए समय निकाला इसके लिए शुक्रिया.

इससे पहले राहुल गुजरात के दौरे पर हैं। जहां वह लगातार लोगों को संबोधित कर रहे हैं।

विदेश से लौटने के बाद आक्रमक रुप मे हैं राहुल

आपको बता दें राहुल गांधी से अमेरिका के दौर से लौटे है। तभी उनका अंदाज आक्रामक हो गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर राहुल के तीखे ट्वीट, शायराना वार लोगों को खूब भा रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक सोशल मीडिया पर बीजेपी से पिछड़ने वाली कांग्रेस अब टक्कर दे रही है। –

इसके साथ ही कांग्रेस का साथ कोई नया नहीं है। साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस-राजद-जदयू ने गठबंधन किया था। इस दौरान तेजस्वी राहुल की जोड़ी भी साथ में दिखी थी। जदयू ने जब महागठबंधन तोड़कर बीजेपी से हाथ मिलाया। उसके बाद भी कांग्रेस-राजद साथ ही रहे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी दोनों दलों के बीच मामला सुलझानें की कोशिशें की थी।

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नोटबंदी को लेकर अरुण जेटली पर राहुल गांधी ने कसा तंज

अर्थव्यवस्था आईसीयू में चली गई है


 

गुजरात में विधानसभा चुनाव की तरीखों का ऐलान होती चुनावी कार्यक्रम शुरु हो गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली की आर्थिक नीतियों को लेकर उन पर निशाना साधा है।

 

 

राहुल गांधी

 
लगातार जेटली की आलोचना कर रहे है राहुल

अमेठी सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया डॉ जेटली,नोटबंद और जीएसटी से अर्थव्यवस्था आईसीयू मे हैं। आप किसी से कम नहीं , राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार और वित्त मंत्री की देश की अर्थव्यवस्था को लेकर आलोचना कर रहे है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनावी रैलियों के दौरान राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा रहें है और लगातार टैक्स बढ़ाए जाने की आलोचना कर रहे हैं। इसको लेकर लगातार दोनों ओर से जुबानी जंग भी देखने को मिल रही है।
नोटबंदी ने आमलोगों को परेशान किया
राहुल गांधी ने सोमवार को गुजरात के गांधीनगर में पीएम मोदी और अरुण जेटली पर बड़ा हमला करते हुए कहा था कि जीएसटी का मतलब ‘गब्बर सिंह टैक्स’ है। जिसका नोटबंदी के बाद बदहाल देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने पिछले साल नोटबंदी को लागू कर देश की जनता को परेशान किया। जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बताने वाले राहुल गांधी के बयान पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन लोगों की टूजी स्पेक्ट्रम और कोयला आवंटन घोटालों की आदत है, उन्हें टैक्स देने में परेशानी हो रही है। अब राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए जेटली पर तंज कसा है।

 

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सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस कमेटी की बैठक, राहुल की ताजपोशी पर होगी चर्चा

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं


गुजरात और हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस अपने रणनीति की तैयारी कर रही है।

आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की एक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कांग्रेस के नए अध्यक्ष बनाने के लेकर चर्चा की जाएंगी।

राहुल गांधी

24 अक्टूबर को हो सकती है ताजपोशी

खबरों की मानें तो 24 अक्टूबर को राहुल गांधी की कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी हो सकती है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी कांग्रेस की पार्टी की सर्वोच्च कमेटी है। पार्टी के संविधान ने इस कमेटी को अध्यक्ष चुनने की शक्ति दी हुई है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी में 10 निर्वचित और 10 नामांकित सदस्य होते हैं।

पिछले एक साल से राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने के चर्चा चल रही थी। बीते साल भी अक्टूबर में राहुल को अध्यक्ष बनाने की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थी।

सूत्रों की मानें तो राहुल को अध्यक्ष चुने जाने के लिए किसी तरह की वोटिंग नहीं होगी। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि लगभग सारी राज्य ईकाईयों, यूथ कांग्रेस और महिला मोर्चा आदि पहले ही राहुल को अध्यक्ष बनाने के तैयार है।

लगतर राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की चर्चा जा रही थी

राहुल गांधी को 2014 लोकसभा चुनाव से पहले उपाध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद से सोनिया गांधी की तबीयत बार-बार बिगड़ने के चलते राहुल को अध्यक्ष बनाने की मांग उठती रही है.

आपको बता दें इससे पहले पंजाब के गुरुदासपुर में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत हुई थी। इसके साथ ही डीयू में हुए छात्रसंघ चुनाव के दौरान कांग्रेस की छात्र ईकाई एनएसयूआई की जीत हुई थी। इन्हीं को देखते हुए कांग्रेस आने वाले अपने आप को चुनाव के लिए तैयार करना चाह रही है।

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