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सावधान! कोरोना आपकी मेंटल हेल्थ पर डाल सकता है बुरा असर

कोरोना वायरस इन तरीकों से डालता है आपकी मेंटल हेल्थ पर असर


कोरोना वायरस महामारी ने अभी तक पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों के दिनचर्या को बिगाड़ दिया है। पिछले साल से चल रहे कोरोना वायरस के चलते अभी लोग अपने घरों में ही कैद होकर रहने को मजबूर हो गए। इस समय तो लोगों का समय सिर्फ यही सोच कर गुजर रहा है कि वो इस वायरस से अपना बचाव कैसे करें। इसी कारण इस समय लोगों में तनाव, चिंता व घबराहट जैसी परेशानियां आम होती जा रही है। इस समय कोरोना वायरस महामारी से लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। अगर हम विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो अभी हमारे देश में 7.5 फीसदी आबादी किसी न किसी तरह के मेंटल डिसऑर्डर से जूझ रही है। तो चलिए जानते है कोरोना वायरस कैसे डालता है आपकी मेंटल हेल्थ पर असर।

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अपने खाने पीने पर दे विशेष ध्यान: अगर कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण आपके दिमाग पर भी इसका नेगेटिव असर पड़ रहा है तो आपको भी अपने खाने पीने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि कहते हैं न, किसी भी व्यक्ति के दिल का रास्ता उसके पेट से होकर गुजरता है। कुछ ऐसा ही हाल दिमाग का भी है। हम जितना हेल्दी खाना खाते हैं हमारा दिमाग उतना ही नेगेटिव चीजों से दूर रहता है। अगर आप चाहते है कि इस कोरोना वायरस और लॉकडाउन का आपके दिमाग पर असर न पड़े तो आपको पर्याप्त मात्रा में फाइबर, प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए।

एक निश्चित समय पर ही देखे न्यूज: अगर आप इस कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान रोजाना न्यूज देखते और पढ़ते है तो निश्चित तौर पर ये आपके मेंटल हेल्थ पर असर डालता है। इसलिए आपको इस दौरान खुद को कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से थोड़ा दूर रखना चाहिए। आपको एक निश्चित समय पर ही न्यूज देखनी चाहिए और नेगेटिव इफेक्ट से बचने के लिए सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं रहना चाहिए।

सिर्फ सरकारी सोर्स पर ही ध्यान दें: जैसा की हम सभी लोग जानते है कि आज के समय पर लोग सोशल मीडिया पर काफी सारी अफवाएं और फालतू की खबरें फैलाते रहते हैं जिसका असर कई बार आपकी मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है। इसलिए आपको ऐसे समय पर सरकार और एनएचएस जैसी वेबसाइटों से ही सूचनों के विश्वस्त स्रोतों की जानकारी लेनी चाहिए। और आपको सिर्फ सरकार द्वारा जारी किए गए खबरों पर ही ध्यान देना चाहिए।

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अगर आपको कोरोना से जुड़ी कोई मदद जैसे बेड, ऑक्सीजन प्‍लाज्‍मा की मदद चाहिए तो इन नंबर से संपर्क करें

अभी कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू हो चुकीहै जो पहली वाली से भी ज्यादा घातक है। जिसके कारण हॉस्पिटलों में बेड्स, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, प्‍लाज्‍मा की किल्‍लत होने लगी है। जिसके बाद से हर राज्य से कई संस्‍थाएं मदद को आगे आई हैं। जिसमे धार्मिक समूहों से लेकर गैर-सरकारी संस्‍थान शामिल हैं और लोग भी अपने स्‍तर पर मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं। तो चलिए जानते है अगर आपको कोरोना से जुड़ी कोई मदद जैसे बेड ऑक्सीजन, प्‍लाज्‍मा की मदद चाहिए तो आप किन नंबरों से संपर्क कर सकते है।

दिल्‍ली सरकार ने जारी किए ये हेल्‍पलाइन नंबर

दिल्‍ली कोरोना हेल्‍पलाइन नंबर: 011-22307145
दिल्‍ली पुलिस का कोरोना हेल्‍पलाइन नंबर: 011-23469900
दिल्ली सरकार ने दिल्ली में कोरोना वायरस से जुड़ी दवाओं की कमी को दूर करने के लिए दो कंट्रोल रूम स्‍थापित किए है।
कंट्रोल रूम 1 का हेल्‍पलाइन नंबर: 011- 22393705 (ईस्‍ट, नॉर्थ-ईस्‍ट, साउथ, सेंट्रल, नई दिल्‍ली और नॉर्थ डिस्ट्रिक्‍ट)
कंट्रोल रूम 2 का हेल्‍पलाइन नंबर: 011-27100164 (नॉर्थ, वेस्‍ट, साउथ-वेस्‍ट और वेस्‍ट डिस्ट्रिक्‍ट)

 

दिल्ली के डीआरडीओ के कोविड अस्पतालों के नंबर

1. Col. Saini: 9968656990
2. Dr Chug 9868100678
3. Dr Rashmi Agarwal 9818047498
4. Kuntal 9968503421
4. Helpline Nos: 7835964323,
7835964336,7835964348,7835964349,7835964354,7835964363,7835964370

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दिल्ली में लॉकडाउन लगते ही फिर शुरू हुआ प्रवासी मजदूरों का पलायन, आनंद विहार पर दिखा लोगों का जनसैलाब

एक बार फिर पलायन के लिए मजबूर हुए प्रवासी मजदूर


कल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छह दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया था जिसके बाद से दिल्ली में प्रवासी मजदूरों के पलायन का सिलसिला शुरू हो गया। इस साल भी दिल्ली के बॉर्डर यानि की यूपी और हरियाणा की सीमाओं पर पिछले साल जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। जबकि सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छह दिन के लॉकडाउन का ऐलान करते हुए दिल्ली में रह रहे प्रवासी मजदूरों से अपील की थी कि वे दिल्ली में ही रहें। अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा था ‘मैं हूं ना सबका ख्याल रखा जाएगा’ लेकिन दिल्ली की सीमाओं को देखते हुए आप कह सकते है कि उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। वही दूसरी तरफ लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के पलायन की तस्वीरें देख राहुल गांधी को एक बार फिर राजनीति करने का मौका मिल गया।

जाने ट्वीट कर क्या कहा राहुल गांधी ने

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लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के पलायन की तस्वीरें देख कर राहुल गांधी ने एक बार फिर राजनीति करते हुए ट्वीट किया और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा अभी एक बार फिर हमारे देश के प्रवासी मजदूर पलायन के लिए मजबूर हो गए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो उन प्रवासी मजदूर के बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली केंद्र सरकार ऐसा जन सहायक क़दम उठाएगी?

एक बार फिर आया प्रवासी मजदूरों पर उनकी रोजी-रोटी का खतरा

कल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली में छह दिन के लॉकडाउन का ऐलान करने के बाद से ही दिल्ली में प्रवासी मजदूरों के पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है।  प्रवासी मजदूरों के लिए सबसे बड़ी चिंता उनकी रोजी रोटी की है। यही कारण है जिसकी वजह से प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमण और अपनी जान की परवाह किए बगैर भीड़ भरे वाहनों में सवार होकर अपने घरों के लिए रवाना होने को मजबूर हो गए। आपको बता दें कि दिल्ली में सोमवार रात 10 बजे से अगले सोमवार सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। इस लॉकडाउन की घोषणा होते ही आनंद विहार बस टर्मिनल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी प्रवासी मजदूर अपने घरों के लिए पलायन करने को बेचैन हो गए हैं।

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ममता बनर्जी को चुनाव लड़ाने के लिए सीट नहीं मिलेगी- अमित शाह

कूचबिहार में हुई परिवर्तन यात्रा की रैली


आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी द्वारा चुनावी बिगुल फूंक दिया गया है. परिवर्तन रैली के चौथे दौर में आज गृहमंत्री अमित शाह कूचबिहार गए हैं. जहां उन्होंने ममता दीदी और उनकी पार्टी को ललकारते हुए कहा है कि तृणमूल के विधायकों को बीजेपी के ब्लॉक लेबल के लोग चुनाव में मात देंगे.

बंगाल में गुंडे जीताते है

आज कूचबिहार में हुई रैली के दौरान अमित शाह ने कहा इस बार का बंगाल चुनाव ऐतिहासिक है. दीदी को चुनाव लड़ने के लिए सीट नहीं मिलेगी. ममता बनर्जी के गुंडे चुनाव जीताते हैं. गुंडागर्दी के दम पर ही दीदी चुनाव जीतती आई है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अगर हमारी सरकार बंगाल में चुनाव जीतती है तो इन गुंडों पर करवाई की जाएगी. रैली में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गृहमंत्री ने कहा कि बंगाल में जय श्री राम बोलने पर आपत्ति होती है. अगर हम जय श्री राम बंगाल में नहीं बोलेगे तो पाकिस्तान में बोलेंगे?, चुनाव खत्म होते ही ममता बनर्जी जय श्री राम बोलेंगी. सिर्फ वोट लेने के लिए ही ममता बनर्जी ये सब करती है. ताकि एक समुदाय का वोट ले सके.

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केंद्र सरकार की योजनाएं लागू होगी

हाल ही बंगाल में आयुष्मान भारत की तर्ज पर स्वास्थ्य कार्ड दिया जा रहा है. इसी दौरान रैली में अमित शाह ने कहा कि अगर बंगाल में बीजेपी सरकार बनाती है तो आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी. प्रदेश में दीदी और उनका भतीजा केंद्र की योजना को लागू नहीं करने देते हैं. लेकिन अगर हमारी सरकार आती है तो हम सभी केंद्र की योजनाओं लागू करेंगे. गृहमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने यहां विकास के लिए कुछ नहीं किया है. मोदी सरकार हमेशा सबका साथ, सबका विकास मानकर काम करती है, हम सभी समाजों को, समाज की संस्कृति, भाषा, संगीत, सहित्य को आगे लेकर जाने वाले लोग हैं. यही वजह है कि धीरे-धीरे मोदी जी नेतृत्तव में भाजपा से जुड़ा हुआ है.

बीजेपी को एक मौका दिया जाए

आज रैली से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल पहुंचकर ममता दीदी पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा दीदी को जय श्रीराम का नारे को अपमान समझती है. मैं आपसे वादा करता हूं, चुनाव खत्म होते-होते ममता दीदी भी जय श्रीराम बोलने लगेगी. इसके साथ ही कहा कि आप लोगों ने दस साल तक ममता दीदी को मौका दिया है. एक बार हमें भी मौका  दीजिए.

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अगर आप भी सर्दियों में होने वाले डैंड्रफ से है परेशान तो अपनाये ये घरेलू उपचार

जाने डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने वाले घरेलू उपायों के बारे में


सर्दियों में डैंड्रफ होना एक सामान्य त्वचा की स्थिति है.  जो हमारे स्कैल्प पर प्रभाव डालती है. सर्दियों में डैंड्रफ होने के अनेकों कारण है. वैसे तो डैंड्रफ होना एक तरह की गंभीर समस्या है और सर्दियों में ये और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है. इतना ही नहीं सर्दियों में डैंड्रफ के कारणों में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है और हमें अपने बालों पर डैंड्रफ के कई लक्षण देखने को मिलते हैं.  जिनमें से ज्यादातर लोगों को स्कैल्प की परत का गिरना और हल्की खुजली की समस्या होती है.  आपने देखा होगा की लोग बहुत सारे ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल करते है जो डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने का दावा करते है.  लेकिन ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि घरेलू उपाय से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. मार्किट में मिलने वाले प्रोडक्ट से कई गुना ज्यादा घरेलू उपचार प्रभावी होते है तो चलिए आज हम आपको डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने वाले घरेलू उपायों के बारे में बतायेगे.

 

1. वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, अगर आपके पास एक ऑयली स्कैल्प है, तो आपके सर पर रूसी का अनुभव होने की अधिक संभावना होती है.  ऐसे में अगर आप अपने बालों की देखभाल नहीं करते हैं तो इससे स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती  है। हमारे स्कैल्प पर अत्यधिक तेल उत्पादन हमारे सर पर रूसी के लिए आधार है क्योंकि तेलीयता खमीर नामक एक  बैक्टीरिया की वृद्धि की ओर जाता है.

 

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2. अगर आपके पास एक ड्राई स्कैल्प है तो आप पहले से ही दूसरे लोगों की तुलना में कुछ क्षेत्रों में चंचलता और खुजली का अनुभव कर सकते हैं.  ऐसे में अगर आप तेल न लगाए तो सूखे स्कैल्प में नमी की कमी हो जाएगी और आपके सर पर डैंड्रफ की समस्या आने लगेगी.  अत्यधिक शैंपू करना  प्राकृतिक तेलों की स्कैल्प को छीन सकता है इसलिए आपको बार- बार बाल भी नहीं धोने चाहिए.

 

3. अगर आप कार्डियो और वजन जैसे लंबे अंतराल के लिए गंभीर व्यायाम से गुजर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आपको पसीना ज्यादा आने का खतरा होता है. साथ ही साथ आपको ऐसी स्थिति में डैंड्रफ भी ज्यादा होने की संभावना होती है. ऐसे में आपको ये सुनिश्चित करना चाहिए कि अभ्यास के बाद आप अपने बालों को धो लें.

 

4. सर पर डैंड्रफ होने में उम्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. क्योंकि किसी भी व्यक्ति के शरीर में वसामय ग्रंथियां गतिविधि की ऊंचाई होती हैं.  ये ग्रंथियां स्कैल्प पर लगातार और इस आयु वर्ग के बीच तेल का उत्पादन करती हैं. जिसके कारण रूसी अधिक जिद्दी हो जाती और जल्दी हटती भी नहीं है.

 

5. अगर आप लम्बे समय तक अपने बालों को धोने से बच रहे हैं तो आपको रूसी का सामना करना पड़ सकता है. अगर आपके पास एक ऑयली स्कैल्प है तो आपको सप्ताह में कम से कम दो बार अपने अयाल को धोना चाहिए यानि की अपने बालों को धोना चाहिए क्योंकि आपकी स्कैल्प की सफाई न करने से गंभीर मृत त्वचा कोशिकाएं और तेल का निर्माण हो सकता है, जो देखने में आपको रूखा लगेगा.

 

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क्या आपकी सफलता आपके अकेलापन का कारण है अगर हाँ तो ऐसे करें खुद को हैंडल

‘जीवन में सफलता’ जाने आज क्यों यह एक सब्जेक्टिव टॉपिक बन चुका है


हम सभी के लिए हमारे जीवन में सफलता का अलग-अलग मतलब होता है आज के समय में ‘जीवन में सफलता’ यह एक सब्जेक्टिव टॉपिक बन चुका है. इसे लेकर सभी लोगों की अपनी महत्वकांक्षाएं होती हैं और सभी की अपनी परिभाषाएं होती हैं.  इतना ही नहीं  सफलता का हमारे लिए क्या मतलब है.  किसी उद्देश्य को फॉलो करना किसी भी व्यक्ति के जीवन को दिलचस्प बना देता है. क्योकि जब हमारे पास कोई लक्ष्य होता है तो हम हर दिन खुद को बिस्तर से बाहर निकलने और कुछ नया करने के लिए मोटिवेट कर पाते हैं. लेकिन ये बात भी सच है कि हमें खुद को यह याद दिलाते रहना चाहिए कि लाइफ की क्वालिटी इस बात पर निर्भर करती है और हम कैसा महसूस करते है अगर आपके जीवन का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना ही है और कुछ नहीं, तो आप जल्द ही यह महसूस करेंगे कि पैसे से आप वास्तव में संतोष नहीं खरीद सकते है.  इससे आपको निराशा और अकेलेपन की भावना आएगी.

 

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जानें अकेलेपन को कैसे हैंडल करें

बॉडी को हेल्दी बनाएं: सबसे पहले आपको अपने शरीर को हेल्दी बनाएं रखना होगा क्योंकि शरीर एक ऐसी चीज है जो हर परिस्थिति में आपका साथ देता है. पैसा से भले आप सबसे बड़ी हवेली खरीद सकते है या फिर बहुत बड़ी कार ले सकते है लेकिन आप पैसे से कभी स्वास्थ्य नहीं खरीद सकते है. अगर आपका स्वास्थ्य खराब है तो भले आपके पास कितना भी पैसा क्यों ही न हो आपको कभी भी अच्छा महसूस नहीं हो सकता है. इसलिए सबसे पहले आपको अपने शरीर को हेल्दी बनाएं रखना होगा.

 

मेडिटेशन: अगर आप खुद से मिलना चाहते है तो आप मेडिटेशन का रास्ता अपना सकते है. आप योग के साथ-साथ  मेडिटेशन करने से आपको माइंडफुलनेस का अभ्यास होता क्योंकि मेडिटेशन आपको आपके शरीर और दिमाग के बारे में जागरूक होने में मदद करेगा.  मेडिटेशन आपको खुद अपने साथ एक रिलेशन स्थापित करने में भी मदद करती है.

 

खुद से बातें करें: अगर आपको भी अकेलेपन महसूस होता है और इससे खत्म करना चाहते है. तो आप वॉक, और सेल्फ टॉक का सहारा ले सकते है. वैसे भी वॉक को एक हेल्दी एक्टिविटी के तौर पर जाना जाता है. अगर इससे नियमित रूप से जाये तो ये शरीर के साथ-साथ दिमाग के लिए भी फायदे होता हैं.

 

जितना हो सके अपने दोस्तों और करीबी लोगों से बात करें: जब भी आपको अकेलापन महसूस हो तो आप अपने दोस्तों या फिर अपने करीबी लोगों से बात कर सकते है. अपने मन की बातें उनसे शेयर कर सकते हैं. अगर आपकी लाइफ में भी ऐसे लोग है जो आपसे प्यार करते है आपकी केयर करते हैं तो आप बुरे समय से भी मुस्कुराते हुए डील कर सकते है.

 

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आज किसान आंदोलन का 50 दिन, क्या आज निकलेगा कोई समाधान, जानें आंदोलन से जुड़ी कुछ अहम बातें

आज किसान संगठनों और सरकार के बीच होगी नवें चरण की बातचीत


कृषि के नये कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा शुरू किये गए आंदोलन का आज 50 दिन है. अभी तक कृषि के नये कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच आठ चरणों में बातचीत हो चुकी है.  लेकिन आज तक मुद्दे का कोई हल नहीं  निकल सका है.  परन्तु इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों पर चर्चा के लिए एक समिति का गठन कर दिया है. जिसका अभी किसान संगठन विरोध कर रहे हैं.  जिसको लेकर आज यानि कि शुक्रवार को एक बार फिर सरकार और किसानों के बीच बातचीत होनी है.  अभी सरकार और किसानों के बीच नवें चरण की बातचीत के बावजूद भी इस बात पर अनिश्चितता बनी
हुई है कि इस मुद्दे पर कोई हल निकलेगा या नहीं क्योंकि अभी तक किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया हुआ है कि वो इन नए कानूनों को वापस लेने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे.

 

जाने किसान आंदोलन से जुडी कुछ अहम बातें

1. किसानों ने नवें चरण की बातचीत से पहले गुरुवार यानि कि कल कहा कि वे शुक्रवार को सरकार के साथ नौवें चरण की बातचीत का हिस्सा बने जा रहे है लेकिन उन्हें इस बातचीत की ज्यादा उम्मीद नहीं है कि कोई समाधान निकलेगा.क्योंकि वे इन कानूनों को वापस लिए जाने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे.

 

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2. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कृषि के नए कानूनों के खिलाफ डाली गई याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए, इन पर चर्चा के लिए एक समिति का गठन किया था. लेकिन किसानों ने इसका विरोध किया है.

 

3. कल यानि की गुरुवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि उन्हें शुक्रवार को यानि की आज हो रही बातचीत से सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है. हालांकि नरेंद्र सिंह तोमर पहले भी केंद्र सरकार की इन  बैठकों से हल निकलने की आशा जता चुके हैं.

 

4. ऐसा माना जाना रहा है कि आज किसान संगठनों की सरकार के साथ आखिरी बैठक हो। क्यो कि सुप्रीम कोर्ट की समिति की पहली बैठक 19 जनवरी को होने की संभावना है.

 

5. पिछले हफ्ते किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकाली गयी थी और किसानों ने कहा था कि अगर 26 जनवरी से पहले उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी तो वो राजपथ पर होने वाली परेड के समानांतर अपनी बड़ी ट्रैक्टर रैली निकालेंगे. इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों को नोटिस जारी किया था. अब इस पर सोमवार को सुनवाई होनी है.

 

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गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में एक नन्हे बच्चे ने सभली बड़ी जिम्मेदारी

जानें सात साल की नीशू पिता के साथ किसान आंदोलन में कैसे हाथ बंटाती है


 

नए कृषि कानूनों के खिलाफ अभी किसानों का आंदोलन काफी तेज होता जा रहा है. किसानों को आंदोलन करते हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है. किसान लम्बे समय से नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे है इसके लिए किसानों ने दिल्ली एनसीआर के सारे बॉर्डर ब्लॉक किये हुए है. इस आंदोलन में बड़े, बूढ़े, बच्चे और महिलाएं सभी शामिल है लेकिन आज हम आपको एक सात साल के बच्चे की कहानी बता रहे है जो रोज अपने पिता के साथ किसान आंदोलन में जाता है और वहां पर अपने पिता के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी को संभालता है.

 

जानें सात साल की नीशू गाजीपुर बॉर्डर पर अपने पिता का हाथ कैसे बंटाती है

गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान आंदोलन चल रहा है. वहां पर अजय नाम का एक व्यक्ति पिछले तीन दिन से रोज जा रहा है. अजय वहां किसानों की हेयर कटिंग, शेविंग और मसाज करता है और इसके लिए वह किसानों से कोई पैसे भी नहीं लेता है. अजय के साथ वहां उनकी एलकेजी कक्षा में पढ़ने वाली सात साल की बेटी नीशू भी जाती है और किसान आंदोलन का हिस्सा बनती है इतना ही नहीं वहां जाकर नीशू अपने पिता का हाथ भी बंटाती है. नीशू सुबह ही अपने पिता के साथ कॉपी-पेन लेकर बैठ जाती है और हेयर कटिंग, शेविंग और मसाज करने वाले किसानों को क्रमबद्घ करने के लिए उनकी एंट्री करती है. वह अपनी कॉपी में किसानों के नाम और मोबाइल नंबर लिखती है. उसके बाद पिता कॉपी में दर्ज नाम के हिसाब से ही हेयर कटिंग, शेविंग और मसाज करते हैं.

 

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रोज कितने किसानों की होती है एंट्री

अजय बताते है कि वो रोज करीब 60 से 70 किसानों की कटिंग, शेविंग और मसाज करते है वह सुबह 9 बजे से शाम को 7 बजे तक किसानों के लिए अपनी सर्विस देते है. उनके साथ उनकी बेटी निशु भी सुबह 9 बजे से शुरू हुआ एंट्री के काम को शाम को 7 बजे तक करती है. इतना ही नहीं निशु की एंट्री के अनुसार जिन लोगों की सेवा 7 बजे तक नहीं हो पाती उन्हें अगले दिन कॉपी में से नाम और मोबाइल नंबर देखकर फोन कर के बुलाया जाता है. अजय के अनुसार वो पिछले तीन दिनों में 150 से ज्यादा किसानों की निःशुल्क कटिंग, शेविंग और मसाज की सेवा दे चुके है.

 

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मेट्रो के मुसाफिर को झेलनी पड़ रही है बड़ी मुसीबते, न टोकन मिल रहा, न कैश लिया जा रहा है

जानें मेट्रो में सफर करने वाले लोगों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है


साल 2020 पूरी तरह से कोरोना की भेंट चढ़ गया. कोरोना वायरस के कारण डीएमआरसी ने करीब साढ़े 5 महीने तक मेट्रो  बंद रखने के बाद अभी मेट्रो का ऑपरेशन दोबारा शुरू किया है.  मेट्रो को दोबारा शुरू हुए साढ़े 3 महीने से ज्यादा समय बीत चुका है. अभी मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. दूसरी तरफ अभी देश में चल रहे किसान आंदोलन के कारण बॉर्डर्स बंद होने से सभी लोग पूरी तरफ से मेट्रो पर निर्भर हो है.  लेकिन कोरोना लॉकडाउन के बाद से मेट्रो को चलाने के लिए तय किए गए नियम कायदों में अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है. जिसके कारण अभी मेट्रो में सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तो चलिए जानते है मेट्रो में सफर करने वाले लोगों को अभी किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

 

किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यात्रियों को

कोरोना और लॉकडाउन के बाद से मेट्रो को चलाने के लिए तय किए गए नियमों के कारण अभी लोगों को काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासतौर पर अभी टोकन सिस्टम और कैश से स्मार्ट कार्ड रिचार्ज कराने का सिस्टम पूरी तरह बंद होने से लोगों को खासी दिक्कते हो रही हैं.अभी आप कस्टमर केयर सेंटर पर केवल अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से ही स्मार्ट कार्ड रिचार्ज करवा सकते है.वो भी आप 200 रुपए से कम का रिचार्ज नहीं कर सकते. वहीं दूसरी ओर स्टेशनों पर लगी टिकट वेंडिंग मशीनों में 100 रुपए का भी रिचार्ज कर सकते है. लेकिन वह भी आप कैश नहीं, बल्कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड से करा सकते है. जबकि कई सारे मेट्रो स्टेशनों पर वेंडिंग मशीनें खराब पड़ी हुई हैं जिसके कारण लोग उनसे रिचार्ज नहीं करा पाते.

 

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क्या सभी मेट्रो स्टेशनों पर वेंडिंग मशीनें काम करती है

डीएमआरसी के नए नियमों के अनुसार आप अपना स्मार्ट कार्ड रिचार्ज सिर्फ डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ही करा सकते हैं. लेकिन कई बार मेट्रो स्टेशनों पर लगी वेंडिंग मशीनें खराब  होती हैं जिसके कारण लोग उनसे रिचार्ज नहीं करा पाते. कुछ मेट्रो स्टेशनों पर अगर वेंडिंग मशीनें चल भी रही है लेकिन लोग  मशीन के द्वारा कार्ड रिचार्ज कराने की बजाय कस्टमर केयर सेंटर की विंडो पर खड़े नजर आते है क्योंकि वेंडिंग मशीन से डेबिट या क्रेडिट कार्ड के द्वारा स्मार्ट कार्ड रिचार्ज कराने का सिस्टम है जो कई सारे लोग को समझ नहीं आता. कुछ मेट्रो स्टेशनों पर तो मदद करने के लिए कोई गार्ड या मेट्रो का कोई कर्मचारी मौजूद होता है लेकिन कुछ पर तो न को गार्ड होता है न ही कोई मेट्रो कर्मचारी.

 

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COVID-19 के नए स्ट्रेन को लेकर भारत अलर्ट, कोरोना का नया रूप 70 प्रतिशत अधिक खतरनाक

सरकार ने ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट्स पर लगाया रोक


हाल ही में ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी कि लंदन और दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में लगा लॉकडाउन अभी महीनों तक खींच सकता है क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन जो मिला रहा है वो 70 प्रतिशत से अधिक खतरनाक है.  ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने का कि इस बार नागरिकों को क्रिसमस के प्लान कैंसल करने होंगे और इस बार सभी लोगों को घरों पर रहकर ही क्रिसमस पार्टी करनी होगी क्योंकि इस इस बार नए टाइप का कोरोना वायरस ज्यादा तेजी से फैल रहा है साथ ही साथ ये ज्यादा खतरनाक भी है.

जानें कोरोना वायरस पर लेटेस्ट अपडेट

अभी तक देश में कोरोना वायरस फैला हुआ है उसके लिए भारत सरकार ने विदेश यात्रा कर भारत लौटे लोगों को जिम्मेदार बताया था. लेकिन इस बार भारत सरकार ने दूसरे देशों से आने वाली फ्लाइट्स पर समय रहते ही रोक लगा दी है. इस बार सरकार ने पिछली बार की तरह देर नहीं की और 31 दिसंबर तक ब्रिटेन से आने जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी है.  दरअसल, ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया रूप सामने आया है जिसके बाद भारत सरकार ने आपात बैठक बुलाकर ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों को 31 दिसंबर तक रोकने का फैसला किया है. हमारे देश में अभी भी कोरोना की दहशत कायम है, अगर हम बात करें कोरोना संक्रमित मामलों की तो अभी  देश में पिछले 24 घंटे में 24 हजार से ज्यादा नए कोरोना संक्रमित के मामले मिले है.  जबकि 333 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा दी है.

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दिल्ली में धीमी पड़ी कोरोना वायरस की रफ्तार

अगर हम दिल्ली में मिल रहे कोरोना वायरस मामलों की बात करें तो अभी दिल्ली में कोरोना वायरस की रफ्तार धीमी हो गयी है. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 803 कोरोना संक्रमित लोग पाए गए हैं, अगर हम आंकड़ों के अनुसार देखे तो एक दिन में कोरोना संक्रमितों का ये आंकड़ा 17 अगस्त के बाद से सबसे कम है. 17 अगस्त को दिल्ली में 787 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे और अगर हम दिल्ली के कुल कोरोना संक्रमित मामलों की बात करे तो अभी तक दिल्ली में 6 लाख 17 हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित के मामले सामने आ चुके हैं.

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दिल्ली मेट्रो में यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर, अब प्रत्येक 11वें दिन करें मुफ्त सफर

अब दिल्ली मेट्रो में हर महीने करे 2 बार से अधिक मुफ्त यात्रा


अभी दिल्ली मेट्रो के पास अपने लाखों यात्रियों के लिए एक आकर्षक स्कीम है, जो की सालों से चल रही है. जिसके तहत कोई भी व्यक्ति दिल्ली मेट्रो में नियमित यात्रा एक महीने के दौरान अधिकतम 2 बार मुफ्त यात्रा कर सकता है. इतना ही नहीं 33 दिन यात्रा करने वाले यात्री तो 3 बार मुफ्त यात्रा के हकदार होंगे. लेकिन आपको दिल्ली मेट्रो के ये फायदे तब ही मिलेंगे जब आप मेट्रो में नियमित सफर करेंगे.  क्या आपको पता है अभी तक लाखों यात्री इस स्कीम का सालों से फायदा उठा रहे है और अभी तक वो हजारों रुपये की बचत कर चुके हैं.

जाने डीएमआरसी की ये स्कीम कैसे काम करती है।

अगर कोई व्यक्ति स्मार्ट तरीके से मेट्रो की सवारी करता है तो वह हर 10 यात्रा करने के बाद एक यात्रा यानी की 11वीं यात्रामुफ्त कर सकता है. और डीएमआरसी की इस स्कीम का फायदा हर कोई उठा सकता है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दिल्ली मेट्रो की यह स्कीम न केवल लोगों को सालों से आकर्षित कर रही है, बल्कि  इसके नियमित इस्तेमाल से यात्री हजारो रुपये बचा रहे है. अगर आप रोजाना दिल्ली मेट्रो में यात्रा करते है तो अपने शायद ध्यान दिया होगा की स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करने से आपको 10 फीसद की छूट मिलती है. इस तरह से समझे कि रोजाना 10 फीसदी की छूट लेने से यात्रियों को 11वीं यात्रा पूरी तरह से मुफ्त हो जाती है.

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मेट्रो

जाने दिल्ली मेट्रो क्यों स्मार्ट कार्ड से सफर करने पर जोर दे रहा है

जैसा की हम सभी जानते है कि साल 2020 कोरोना वायरस के कहर में ही निकल गया..कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च से बंद दिल्ली मेट्रो 7 सितंबर से दोबारा चलनी शुरू हुई है. कोरोना वायरस के कारण मेट्रो में भी खास हिदायत बरती जा रही है. अभी दिल्ली मेट्रो भी अपने यात्रियों से स्मार्ट कार्ड के
जरिए ही

यात्रा करने पर जोर दे रही है.  मेट्रो में टोकन सिस्टम बंद होने के चलते अब लोग स्मार्ट कार्ड का ही इस्तेमाल कर रहे है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति स्मार्ट कार्ड के जरिये 10वीं के बाद दिल्ली मेट्रो में यात्रा करता है तो उसकी 11वीं यात्रा बिल्कुल मुफ्त हो जाती है..यह कोई स्कीम नहीं है, लेकिन अगर आप देखे तो आप साल भर में 36 बर से अधिक बार मुफ्त यात्रा कर सकते है.

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