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काम की बात करोना

शुभ मुर्हूत के तहत दोपहर 12 बजे के बाद रखी जाएगी आधारशिला

टाइम कैप्सूल 200 फीट नीचे रखा जाएगा


देश में पांच अगस्त एक ऐतिहासिक दिन बन गया है। आज लंबे समय के इंतजार  के बाद राममंदिर का भूमि पूजन किया जा रहा है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लगभग 175 लोग शामिल होंगे। इससे पहले 200 लोगों की सूची तैयार की गई थी। लेकिन कोरोना को ध्यान में रखते हुए संख्या कमी की गई। 

अहम बिंदु

  • भूमि पूजन का कार्यक्रम
  • विपक्ष भी आया साथ
  • फैसले का इतिहास

भूमि पूजन और मंदिर की आधारशिला रखने से पहले पीएम हनुमानगढ़ी पर पूजा करेंगे। ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान के आर्शीवाद के बिना भगवान राम का कोई काम शुरु नहीं किया जाता है। इसलिए पहले भगवान हनुमान की पूजा होगी। जिसके बाद पीएम 10 मिनट में रामलला विराजमान का दर्शन-पूजन करेंगे। दोपहर 12 बजकर 44 मिनट और 15 मिनट पर शुभ मुर्हूत के तहत आधारशिला की स्थापना करेंगे। 

भूमि पूजन कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा, संघ प्रमुख मोहन भागवत, यूपी को मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी अवधेशानंद, चिदानंद, मुनि, सुधीर दहिया, राजू स्वामी शामिल होंगे। इसके अलावा 36 आध्यत्मिक परंपराओं से संबंध रखने वाले 135 पूज्य संत भी शामिल होंगे। भूमि पूजन के मंच पर श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत,राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद होंगे।

भूमि पूजन के बाद राम मंदिर को इतिहास को सुरक्षित रखने के लिए 200 फीट नीचे टाइम कैप्सूल डाला जाएगा। यह कैप्सूल 21 किलो का चांदी की ईट की तरह है। जिस पर रामजन्मभूमि का विस्तृत इतिहास लिखा है। इसके अलावा समय और तिथि दी होगी। ताकि आने वाली पीढ़ी राम मंदिर के बारे में जान सकें। 

भूमि पूजन को लेकर पूरे देश मे खुशी की लहर है। इस बीच विपक्ष भी अपनी हिस्सेदारी दे रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा “सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनबद्धता दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सबमें हैं, राम सबके साथ है। भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने”।

वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलानाथ ने कल हनुमान चालीसा का पाठ कराया। इसके साथ ही शिलान्यास के लिए 11 चांदी की ईटें भी भेजी गई। यह कांग्रेस सदस्यों से दान के साथ खरीदा गया था। 

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राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले कई तरहे क सवाल उठने लगे हैं। इनमें सबसे बड़ा सवाल यह था कि पूरी लड़ाई में अगली पंति में खड़े रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को आयोजन में क्यों नहीं बुलाया गया। जिसके जवाब में यह बताया गया कि कोरोना बहुत ज्यादा फैला हुआ है और इनकी उम्र भी ज्यादा है। इसलिए इनके लिए लाइव वीडियो की व्यवस्था की जाएगी। बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने भकड़ते हुए शब्दों मे कहा कि राम के नाम पर बीजेपी का पेटेंट नहीं हो सकता है। राम का नाम अयोध्या या बीजेपी के बाप की  बपौती नहीं है। ये सबका हैं, जो बीजेपी में हैं या नहीं है, जो किसी भी धर्म को मानते हो , जो राम को मानते हैं राम उनके हैं। 

इस बीच पूजन से पहले लालकृष्ण आडवाणी ने कहा “ कभी-कभी किसी के जीवन में महत्वपूर्ण सपने आने में काफी समय लगता है, लेकिन अब उन्हें आखिरकार पता चलता है, तो इंतजार बहुत सार्थक हो जाता है। ऐसा ही एक सपना, मेरे दिल के करीब है जो अब पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रख रहे हैं। यह वास्तव में मेरे लिए ही नहीं ब्लकि सभी भारतीयों के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दिन है।

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राम मंदिर बनने की कानूनी लड़ाई

राम जन्म भूमि की लड़ाई आजादी के बाद की नहीं है। ब्लकि यह तो 18वीं सदीं की ही है। इस लड़ाई मे असली मोड़ 6 मंदिर 1992 को मस्जिद को ढांचा गिराए जाने और दंगे होने के बाद आया। जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट मे भूमि शीर्षक का मामला दर्ज किया गया। जिसका फैसला 30 सितंबर 2010 में सुनाया गया। तीनों जजों द्वारा सुनाए गए इस फैसले के अनुसार अयोध्या की 2।77 एकड़(1।12 हेक्टेयर)  भूमि तो तीन  भागों में बांटने की बात कही गयी। जिसके अनुसार 1/3 रामलला या हिंदू महासबा द्वार प्रतिनिधित्व किया जाना था, 1/3 सुन्नी वक्फ बोर्ड और शेष 1/3 निर्मोही अखाड़े को दिया जाना था। इस फैसले के बाद भी कानूनी लड़ाई जारी रही। अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 नवंबर 2019 को मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले फैसले को हटा दिया। फैसले के अनुसार भूमि सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार है। इसने हिंदू मंदिर के निर्माण के लिए भूमि को एक ट्रस्ट को सौंपने का आदेश दिया। और सरकार को मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी वफ्क बोर्ड को वैकल्पिक 5 एकड़  जमीन देने का भी आदेश दिया। इसका फैसले पांच जजों की बेंच द्वारा किया गया था।

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Buddha Purnima 2020: क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा? बुद्ध पूर्णिमा पर पीएम नरेंद्र मोदी का देश के नाम विशेष संबोधन

पीएम नरेंद्र मोदी का देश के नाम विशेष संबोधन: जानिये कुछ बड़ी बाते


भगवान बुद्ध का जन्म वैशाख मास की पूर्णिमा को हुआ था इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है। देश भर में आज बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे। बौद्ध धर्म को मानने वाले भगवान बुद्ध के उपदेशों का पालन करते है। भगवान बुद्ध का पहला उपदेश ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ के नाम से जाना जाता है। यह पहला उपदेश बुद्ध ने आषाढ़ पूर्णिमा के दिन 5 भिक्षुओं को दिया था। लोगों का ऐसा भी मानना है कि वैशाख पूर्णिमा को ही भगवान विष्णु ने अपने नौवें अवतार भगवान बुद्ध के रूप में जन्म लिया। इतिहासकारों के अनुसार बुद्ध के जीवनकाल 563-483 ई.पू. के मध्य था। कुछ लोग नेपाल के लुम्बिनी स्थान को बुद्ध का जन्म स्थान मानते है। गौतम बुद्ध की मृत्यु, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में 80 वर्ष की आयु में हुई थी।

कुछ महत्वपूर्ण बातें जो नरेंद्र मोदी ने बताई बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुद्ध पूर्णिमा समारोह में शामिल हुए थे। दुनिया में चल रहे कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव के कारण बुद्ध पूर्णिमा समारोह एक वर्चुअल प्रार्थना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल तरीके से देश को संबोधित किया। ”सबसे पहले उन्होंने सभी देश वासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी।” पीएम मोदी ने कहा, इस बार परिस्थितियां अलग हैं, दुनिया मुश्किल वक्त से गुजर रहा है। मौजूदा स्थिति मुझे आप लोगों के बीच आने की इजाजत नहीं देती। फिर उन्होंने कहा ”भगवान बुद्ध का वचन है मनो पुब्बं-गमा धम्मा, मनोसेट्ठा मनोमया, यानि, धम्म मन से ही होता है, मन ही प्रधान है, उससे सारी प्रवृत्तियों का अगुवा है।

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बुद्ध पूर्णिमा पर लॉकडाउन का प्रभाव

हर साल बुद्ध पूर्णिमा कई तरह के आयोजन होते है। लाखों श्रद्धालु लोगों पवित्र नदियों में स्नान करके और दान-पुण्य करते है। इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन है। ऐसे में लोग गंगा स्नान करने नहीं जा जा रहे। ज्योतिषियों का कहना है की इस बार बाहर जाने से बचें। क्योकि पूर्णिमा के दिन गुरु और शनि मकर राशि में रहेंगे। साथ ही मंगल कुंभ राशि में, राहु मिथुन राशि में, केतु धनु राशि में रहेगा। चंद्रमा और सूर्य एक दूसरे के सामने है। इससे लोगों को कई व्याधियों से छुटकारा मिल सकता है। वहीं उथल-पुथल का माहौल भी हो सकता है।
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Coronavirus death in india: भारत में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा मौतें, कोरोना वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा हुआ 29,000 के पार

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में हुई सबसे ज़्यादा मौतें


Coronavirus death in india: पूरी दुनिया ही कोरोना वायरस के कारण परेशान है। दुनिया के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन चल रहा है लेकिन लॉकडाउन के बाद भी Covid-19 का कहर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारत में भी कोरोना वायरस तेजी से पैर फैला रहा है। यहाँ पर भी Covid-19 से संक्रमित लोगों को आंकड़ा 29,000 के पार चला गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस से अब तक 934 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमित लोगो की संख्या बढ़कर 29,435 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में Covid-19 के 1,543 नए मामले सामने आए है। साथ ही 62 लोगों की मौत हुई है। आंकड़ा के हिसाब से देखे तो पिछले 24 घंटे में सबसे ज़्यादा मौतें हुई है। इस बीच थोड़ी राहत की बात यह है कि Covid-19 से अब तक 6869 मरीज ठीक को चुके है।
और पढ़ें: लॉकडाउन को हटाने से पहले हॉटस्पॉट इलाकों को ग्रीन जोन या येलो जोन में लाना है आवश्यक

महाराष्ट्र में Covid-19 से संक्रमितों का आंकड़ा पंहुचा सबसे ऊपर

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित होने वाला राज्य महाराष्ट्र है यहाँ कोरोना से संक्रमितों की संख्या 8000 से पार हो चुकी है जब कि अब तक महाराष्ट्र  में कोरोना वायरस के कारण 369 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में 395 नए मामले सामने आये। मुंबई देश का पहला ऐसा शहर है जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 5500 पार कर गया है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने म्यूनिसिपल स्कूलों को क्वारेंटाइन सेंटर में तब्दील करने का फैसला लिया है। जहां कोरोना के मरीजों को रखा जाएगा।

किन इलाको में लॉकडाउन में मिल सकती है ढील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में संकेत दिए कि ग्रीन जोन इलाकों में लॉकडाउन में कुछ ढील दी जा सकती है। परन्तु अभी साफ़-साफ़ कुछ नहीं कहा जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लॉकडाउन खोलने को लेकर एक नीति तैयार करनी होगी कि राज्यों को किस तरह रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन को खोलना है। इसी नीति के अनुसार पता चलेगा की किन इलाकों में लॉकडाउन जारी रहेगा और किन इलाकों को रियायत दी जाएगी।

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बॉलीवुड

तान्हाजी’ video क्लिप में PM मोदी दिखे शिवाजी के रूप में हो गया बवाल

तान्हाजी’ video क्लिप में PM मोदी दिखे : खूब मच रहा है बवाल


बॉलीवुड फिल्म ‘तान्हाजी- द अनसंग वॉरियर’ (Tanhaji) शुरू से कॉन्ट्रोवर्सीज का हिस्सा बन रही हैं। हालाँकि, इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रखा हैं लेकिन हाल ही सोशल मीडिया पर एक ऐसी वीडियो क्लिप सामने आयी है जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) को छत्रपति शिवाजी  और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तान्हाजी के रूप में दिखाया गया है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने से बवाल मचा हुआ हैं।

वीडियो क्लिप –  प्रधानमंत्री मोदी दिखे शिवाजी और अमित शाह दिखे तान्हाजी

सोशल मीडिया पर ‘तान्हाजी- द अनसंग वॉरियर’ (Tanhaji) के एक वीडियो ने धमाल मचा रखा हैं। इस वीडियो में नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) को छत्रपति शिवाजी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तान्हाजी के रूप में दिखाया गया है। इस वीडियो की हर जगह निंदा की जा रही हैं। इस वीडियो  के बारे में महाराष्ट्र के गृह मंत्री और राकांपा नेता अनिल देशमुख ने वीडियो की निंदा करते हुए कहा कि सरकार यूट्यूब के साथ इस मुद्दे को उठायेगी।गृह मंत्री देशमुख ने कहा, ‘‘मैं राजनीतिक लाभ लेने के लिए इतना नीचे गिरने के लिए भाजपा की निंदा करता हूं। (राजनीतिक फायदे के लिए) शिवाजी महाराज, तान्हाजी का इस्तेमाल करना गलत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को यूटयूब के समक्ष उठायेंगे।’’

कब वायरल हुआ वीडियो क्लिप?

/> यह वीडियो क्लिप सबसे पहले ट्विटर हैंडल ‘पॉलिटिकल कीड़ा’ पर पोस्ट की गई।  इसमें दिल्ली के प्रधानमंत्री मोदी को शिवाजी, अमित शाह को तान्हाजी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उदयभान सिंह राठौड़ के रूप में दिखाया गया है। गृह मंत्री देशमुख  के पास इस वीडियो के बारे में शिकायतें आयी हैं।

क्या कहना है शिवसेना का?

शिवसेना के नेता संजय राउत ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पार्टी छत्रपति शिवाजी का इस तरह का ‘‘अपमान’’ सहन नहीं करेगी। उन्होंने पूछा कि जिन लोगों ने उनकी टिप्पणी के खिलाफ विरोध किया, वे अब क्लिप को लेकर चुप क्यों हैं। भाजपा ने वीडियो क्लिप से दूरी बनाते हुए कहा कि यह पार्टी से संबंधित नहीं है और वह छत्रपति शिवाजी के साथ कभी भी किसी की तुलना नहीं करेगी। शिवसेना के नेता संजय राउ ने कहा कि उनकी पार्टी अपने ‘‘देवता’’ शिवाजी महाराज का अपमान सहन नहीं करेगी। अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

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KaamKiKhabar : देश और दुनिया की लेटेस्ट खबरें – 26th September

देश और दुनिया की लेटेस्ट खबरें


1. डोनाल्ड ट्रंप ने फिर रखा बातचीत का प्रस्ताव पर भारत अपने रुख पर बरकरार

जम्मू काशमीर की परेशानी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दिया बड़ा बयान उन्होंने कहा कश्मीर के लिए जो हो सकेगा वो ज़रूर करेंगे। वहीं दूसरी ओर भारत जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर अपने पहले के रुख पर बरकारार है।

2. भारतीय विदेश मंत्री US में बोले-पाकिस्तान ने खड़ी की है आतंक की इंडस्ट्री, नहीं कर सकते ‘आतंकिस्तान’ से बात

एस जयशंकर ने कहा पाकिस्तान एक टेरर देश है और जिस देश में टेररिज्म हो वहां बात नहीं की जा सकती। आगे उन्होंने अपनी बात बढ़ाते हुए कहा की पाकिस्तान से बात करने में कोई दिक्कत नहीं है पर टेर्रोरिस्तान से बात में है।

3. बिहार में महागठबंधन को लेकर फिर से छिड़ी महाभारत, राजद पर लगा आरोप

बिहार में पांच सीटों पर उपचुनाव होने वाले है और अभी से ही उसकी सीट को लेकर महाभारत छिड़ चुकी है। वहीं राजद पर आरोप लगाया जा रहा है की उन्होंने महागठबंधन नेताओ के साथ बैठक की थी

4. 1 अक्टूबर से SBI के 6 नियम जायेगे बदल, हर खातेदारी को ये बात जाननी है जरूरी

देश के सब से बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में अगर आपका खाता है तो आपको बता दे की SBI ने अपने नियमों में बदलाव किया है। दरअसल एसबीआई की तरफ से 1 अक्टूबर से कुछ सर्विस चार्ज में बदलाव किए जा रहे हैं।

5. पुणे में हुई बाढ़ जैसी हालत, 10 की मौत, स्कूल-कॉलेज हुए बंद

पुणे में जारी भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कटराज कनाल की दीवार गिरने से कई लोगों की मौत हो गई है। एनडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं।

6. परमाणु ऊर्जा है अब भी भारत के लिए चुनौती : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का सदस्य न बनाए जाने से परमाणु ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ईंधन की आवश्यक आपूर्ति बाधित हो रही है और अगर यह समस्या हल कर ली जाती है तो देश बाकी विश्व के लिए आदर्श बन सकता है

7. PM मोदी को ‘भारत का पिता’ कहने पर ओवैसी ने दिया बड़ा बयान

ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भारत का पिता’ (फादर ऑफ इंडिया) कहने पर बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति को देश के महान अतीत और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में जानकारी नहीं है।

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8. तीन साल बाद मिलेगा देश को नया आर्मी चीफ, रणबीर सिंह व एसके सैनी रहे आगे

भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं, जिसके चलते उनके उत्तराधिकारी यानी नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

9. झरखंड में दो नाबालिक लड़कियों के साथ 5 लड़को ने किया गैंग रपे

स्कूल कैंपस में दो सगी बहनों के साथ पांच लड़कों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। मंगलवार की रात गोधर के आकाश वर्मा और उसके चार दोस्तों ने मिलकर उनके साथ दरिंदगी की थी।

10. ट्रम्प बोले PM मोदी ने पाकिस्तान को कश्मीर के मुद्दे पर दिया करारा जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ट्रंप ने कहा कि कश्मीर पर मोदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट जवाब दे दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि मोदी और इमरान इस मसले को सुलझा सकते हैं।

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#MondayMotivation : कैसे महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को स्मृति ईरानी ने दी नई दिशा?

स्मृति ईरानी – मैकडॉनल्ड्स में वेटर की नौकरी करने से लेकर कैबिनेट मिनिस्टर बनने तक का सफ़र 


कहते है हर व्यक्ति का एक अतीत होता है और कुछ लोगों का अतीत ऐसा होता है जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाता है। ऐसा ही अतीत रहा है हमारी टेलीविजन की स्टार और “सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी यानि स्मृति ईरानी का। जी हाँ, हम बात कर रहे है यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी की जिनका टेलीविज़न से लेकर राजनीति तक का सफर बहुत ही दिलचस्प रहा है।

वेट्रेस से मॉडलिंग और एक्टिंग का सफर 

मॉडलिंग से एक्टिंग और टेलेविज़न इंडस्ट्री की तुलसी राजनीति में अपने पैर ज़मा चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते है वो कभी मैकडॉनल्ड्स में वेटर की नौकरी करती थी। 23 मार्च 1976 को दिल्ली में जन्मी स्मृति ईरानी 3 बहनों में सबसे बड़ी होने के नाते बचपन से ही समझदार थी। होली चाइल्ड ऑक्जिलियम स्कूल से अपनी स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया। उसके बाद मिस इंडिया कॉम्पिटिशन और 1998 में मिस इंडिया पेजेंट फाइनलिस्ट में अपनी पहचान बनाने के बाद स्मृति ने मीका सिंह के साथ एक एल्बम ‘सावन में लग गई आग’ के गाने ‘बोलियां’ पर परफॉर्म किया। फिर उन्हें छोटे पर्दे पर “सास भी कभी बहू थी” में तुलसी की भूमिका मिली जिसे वो भारतीय महिलाओ के बीच एक प्रसिद्ध चेहरा बन गई।

राजनीति का सफर

एक्टिंग के बाद टीवी ने उन्हें ऐसी पहचान दी जिससे उन्हें राजनीति में एंट्री का मौका मिला और फिर शुरू हुआ उनका राजनीति का सफर जो अभी तक एक सफल दिशा में जा रह है। 2003 में स्मृति ईरानी ने भारतीय जनता पार्टी में आने का फैसला किया। एक साल बाद महाराष्ट्र की यूथ विंग का वाइस प्रेसिडेंट बनकर उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। इसी विश्वास के दम पर वो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में टेक्सटाइल मिनिस्टर के पद पर कार्य कर रही हैं। इससे पहले वो केंद्र में मानव संसाधन मंत्री रह चुकी हैं।

और पढ़ें: वो कौन से काम है जो सक्सेसफुल लोगों को बनाते हैं ख़ास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ अभियान को मिली बॉलीवुड की हरी झंडी !

‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ अभियान 2 अक्टूबर से होगाशुरू : यहाँ जाने इसे जुडी कुछ अहम बाते 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को अपने नए अभियान ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ की घोषणा की थी। सूत्रों के अनुसार, ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ (single use plastic) अभियान 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती के दिन शूरू किया जाएगा। 15 अगस्त के बाद से इस अभियान को लेकर लोगों के बीच बहुत उत्सुकता है और इस अभियान की सफतला को लेकर भी बहुत उम्मीदें हैं।

‘सिंगल यूज प्लास्टिक’- क्यों जरूरी है प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण बनाना?

‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ की घोषणा के बाद ये यह अभियान चर्चा में बना हुआ हैं। कई बॉलीवुड हस्तियां इस अभियान में सरकार का समर्थन कर यही हैं। इस अभियान का समर्थन करने के लिए सबसे पहले आगे आये है सुपरस्टार आमिर खान। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस अभियान में उनका समर्थन किया है।

साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- ‘माननीय पीएम नरेंद्र मोदी के ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के इस्तेमाल को खत्म करने के प्रयासों को हम सबको जी-जान से समर्थन करना चाहिए। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करें। अपनी आने  वाली फिल्म लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग में व्यस्त होते हुए भी इस अभियान में अपना पूर्ण समर्थन देने की ख्वाइश रखते हैं। कुछ समय पहले आमिर की फिल्म दंगल और ठग्स ऑफ हिंदोस्तान आई थी

और पढ़े: आखिर क्यों मनाया जाता है महिला समानता दिवस? जाने 26 अगस्त का इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या बोला ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के बारे में- कुछ बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अभियान को लेकर काफी संजीदा नजर आ रहे हैं। इस अभियान की घोषणा 15 अगस्त 2019 को “मन की बात” शो में भी की थी।  उन्होंने जन आन्दोलन से सरकार के इस अभियान को लेकर बड़े पैमाने पर समर्थन माँगा हैं। हाल ही में जब भारत को बG-7 सम्मेलन में शामिल होने के लिए स्पेशल इनवाइट आया था तो प्राधनमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस गए थे। इस सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण भी चर्चा का मुद्दा था और इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी समेत कई बड़े नेताओं को रिसाइकल प्लासिट्क और फिशिंग नेट (मछली पकड़ने के जाल) से बनी घड़ी भेंट दी गयी थी। इस तरह के उत्पादों और तोहफों के सहारे दुनिया से “सिंगल यूज़ प्लास्टिक” की मुहीम की जा रही हैं।

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जम्मू-कश्मीर के नौजवान भटके हैं, हुर्रियत नेता भी इस देश के नागरिक है- दिनेश्वर शर्मा

दिनेश्वर शर्मा जम्मू और कश्मीर का प्रतिनिधित्व करेंगे


जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को सुलभाने के लिए केंद्र सरकार ने आईबी के पूर्व डॉयरेकटर दिनेश्वर शर्मा को भारत का प्रतिनिधित्व के तौर पर नियुक्त किया है। दिनेश्वर शर्मा भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर में लोगों के साथ बातचीत करेंगे।

राजनाथ सिंह और दिनेश्वर शर्मा

महबूबा मुफ्ती ने इस फैसले का स्वागत किया है

इसे पहले पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने के बात कही थी। मात्र दो महीने में ही पीएम ने इसे सुचारू रुप से काम लेने की प्रक्रिया भी शुरु कर दिया है।

पीएम ने कहा कि था कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा ‘गाली और गोली’ से नहीं सुलझाया जा सकता है। ब्लकि यह तो ‘गले मिलने’ से दूर हो सकता है।

केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इसे फैसले का जम्मू-कश्मीर की सीएम ने स्वागत किया है। सीएम महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा है यह जम्मू और कश्मीर के लिए एक सकरात्मक कदम है।

वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेस पार्टी के अध्यक्ष उमर अब्दुला ने कहा कि इस तरह की पहल उन लोगों की हार जो हमेशा से यही कहते आएं है कि यहां बंदूक के दम पर ही सबकुछ किया जा सकता है।

वही दूसरी ओर एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए दिनेश्वर शर्मा ने कहा है कि हुर्रियत के नेता भी इस देश के नागरिक हैं। जम्मू कश्मीर के नागरिक हैं इसलिए वह सभी स्टेकहोल्डर से बात करेंगे।

नौजवान पाकिस्तान की फंडिंग को न लें

जम्मू-कश्मीर क नौजवानो के बारे में बातचीत करते हुए नौजवान भटके हुए हैं। पाकिस्तान की जो फंडिग आती है। उनको समझाया जाएगा कि वह फंडिंग से उनका कोई भला होने वाला नहीं है। उससे कोई विकास होने वाला नहीं है। भटके युवाओं को समझाया जाएगा और जो वहां की समस्या है वहां की प्रॉब्लम चल रही है सालो से उसको कैसे निपट जाए। इस पर काम किया जाएगा।

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संगीत सोम के बयान पर औवेसी ने किया पलटवार, उठाया सवाल

लाल किला भी तो गद्दारो ने ही बनाया है


बीजेपी के नेता और यूपी के सरधना के विधायक संगीत सोम ने प्यार का प्रतीक माने जाने ताजमहल को लेकर कल विवादित बयान दिया था।

असउद्दीन औवेसी

लाल किले पर तिरंगा नहीं फहराया जाना चाहिए

इसी सिलसिले में हैदराबाद के सांसद औवैसी ने पलटवार किया है। ट्विटर पर ट्वीट करते हुए असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि अगर ताजमहल ‘गद्दारों’ ने बनाया है तो लाल किला भी तो ‘गद्दारों’ ने ही बनया है। तो क्या पीएम नरेंद्र मोदी को तिरंगे फहराना छोड़ देंगे? क्या मोदी और योगी घरेलू और विदेशी पर्यटकों से कहेंगे कि वे ताजमहल को देखने ना आएं? यहां तक कि दिल्ली में हैदराबाद हाउस को ‘गद्दारों’ ने ही बनाया है। क्या मोदी यहां विदेशी मेहमानों की मेजबानी छोड़ देंगे?

पार्टी के लोगों ने बयान से किया किनारा

वहीं संगीत सोम की पार्टी के लोग ही उनके इस बयान से किनारा करने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी की यूपी प्रवक्ता नवीन कोहली ने कहा यह उनकी निजी राय हो सकती है। ताजमहल तो हमारा ऐतिहासिक धरोहर है।

वहीं दूसरी ओर बीजेपी की नेत्री रीता बहुगुणा जोशी ने भी कहा कि वह उनका बयान उनकी निजी राय हो सकती है। ताजमहल एक ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ देश का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। प्रदेश की बीजेपी सरकार आगरा और ताजमहल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटक के नजरिए से भी देखें तो हमें ताजमहल पर गर्व है।

आपको बता दें सारा मामला ताजमहल को यूपी के पर्यटन स्थल की सूची में शामिल न करने को लेकर शुरु हुआ था। जिसके बाद यूपी सरकार ने इस पर सफाई दी थी।
गौरतलब है कि कल संगीत सोम ने कहा था कि गद्दारों के बनाए ताजमहल को इतिहास में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

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ब्रिक्स सम्मेलन- नहीं चला पाकिस्तान का साथी, आंतकवाद पर कड़ी चिंता व्यक्त की गई

10 आतंकी संगठन पर हुई चर्चा, ज्यादातर पाकिस्तान के


चीन के श्यामन में 9वां ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान आतंकवाद का मुद्दा मुख्य रहा। पीएम मोदी ने जोरो-शोरों से सम्मेलन के आतंकवाद को मुद्दा उठाया। इतना ही नहीं पीएम आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी बात मनवाने में सफल रहे।

रुस प्रधानमंत्री ब्लादिमीर पुतिन और पीएम नरेंद्र मोदी

ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणा पत्र में 10 आतंकवादी संगठनो का जिक्र किया गया है। जिसमें लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद समेत कुल 10 आतंकी संगठनो का जिक्र किया गया है। इनमें से ज्यादातर आंतकी संगठन पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं। पाकिस्तान का बिना नाम लिए ही इन आतंकी संगठनों को जिक्र किया गया है।

घोषणापत्र के 48वें पैराग्राफ में आंतकवाद की चर्चा

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत मे आतंकवाद का मुद्दा उठाया। ब्रिक्स श्यामन घोषणापत्र के 48वें पैराग्राफ मे आंतकवाद पर कड़ी चिंता व्यक्त की गई है। इसमें लिखा गया है कि हम लोग आस-पास के इलाकों में फैल रहे आतंकवाद और सुरक्षा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हैं।

घोषणापत्र में कहा गया है कि हम लोग दुनिया भर में हुए आतंकी हमले में कड़ी निंदा की। इसमें कहा गया है कि आतंकवाद को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है। घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी ब्रिक्स देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लडेंगे।

चीन ने हर बार अडंगा

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम रुसी पीएम ब्लादिमीर पुतिन से मिले और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस बातचीत के दौरान भारत और रुस के बीच पर्यटन के लेकर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन से कुछ दिन पहले ही चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग पीएम मोदी से मिले थे। जिसके बाद ही डोकलाम से दोनों देशों की सेना पीछे हटी थी।

आपके बता दें ब्रिक्स सम्मेलन पर जिस अहम मुद्दे पर चर्चा हुई है। इससे पहले चीन इस मुद्दे अडंगा लगाता रहा है। चीन पाकिस्तानी समर्थक आतंकी संगठन अंतर्राष्ट्रीय संगठन घोषित करने पर अडंगा लगाती रही है। लेकिन इस बारे के घोषणापत्र से भारत को एक बड़ी सफलता मिली है।

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