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जाने कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटने के लिए तैयार है सरकार

कोरोना की तीसरी लहर से कुछ इस तरह निपटेगी सरकार


पिछले साल से फैला कोरोना अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है अभी हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर की तबाही थमी भी नहीं है कि वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने का ऐलान कर दियाऔर सभी लोगों को एक नए संकट की चेतावनी दे डाली है। ऐसे में सभी लोगों के मन में ये सवाल उठने लगा है कि एक तरफ तो कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने हमारे पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है ऐसे में अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो हमारी सरकार इससे कैसे निपटेंगी। जहां वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने का ऐलान कर रखा है तो वही सभी लोग डर भी रही है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने कोई ठोस तैयारी अभी से की है या नहीं। तो चलिए विस्तार से जानते है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने क्या तैयारियां की है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात

आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात लगभग दो घंटे की थी। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बात की। साथ ही साथ उन्होंने राज्य सरकार के एक साल के कार्यकाल समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक की जानकारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर दी। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बताया कि आज नई दिल्ली में उनकी भेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। इस बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इसके साथ ही साथ उन्होंने कोरोना नियंत्रण को लेकर राज्य के द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इतना ही नहीं उन्होंने तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों पर भी बात की।

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कोरोना की अगली लहर की तैयारी’

कोरोना की तीसरी लहर के लिए देश कितना तैयार है ये तो समय के साथ ही पता चलेगा। अगर हम दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की बात करें तो दिल्ली में कोरोना मरीजों की देखभाल करने के लिए 5000 युवाओं को उनके द्वारा 2-2 हफ़्ते की ट्रेनिंग दी जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए युवाओं को ये ट्रेनिंग आईपी यूनिवर्सिटी दिलवाएगी। सभी युवाओं को दिल्ली के 9 बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट में बेसिक ट्रेनिंग की सुविधा मिलेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के अनुसार युवाओं की ट्रेनिंग होने के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी। उनके अनुसार इन लोगों को कोरोना मरीजों को मास्क लगवाने, उन्हें ऑक्सीजन लगवाने और सैनेटाइज करने जैसे बेसिक कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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जाने उन बॉलीवुड एक्टर्स के बारे में, जो फिल्मों में निभा चुके है रियल पॉलिटीशियन का रोल

ये बॉलीवुड अभिनेता निभा चुके है रील पॉलिटीशियन का रोल


ये बात तो हम सभी लोग जानते हैं कि बॉलीवुड की कई सारी फिल्मों का सरोकार हमारी ही रियल लाइफ से होता है। बॉलीवुड की कई सारी फिल्मे ऐसी भी है जिनमे हमने जाना रियल लाइफ हीरोज़ के बारे में। अगर हम बात करें पॉलिटिक्स पर आधारित फिल्मों की, तो पॉलिटिक्स पर आधारित फिल्मों में भी हमने  मज़बूत स्टोरी लाइन और कलाकारों के दमदार प्रदर्शन देखे। साथ ही साथ हमें कई नेताओं की जिंदगी के बारे में भी जानने को मिला। तो चलिए आज हम आपको बतायेगे पॉलिटिक्स पर आधारित फिल्मों के बारे में और किस फिल्म में किस अभिनेता ने निभाया रील लाइफ नेता का किरदार।

अनुपम खेर: बॉलीवुड फिल्मों में पॉलिटीशियन का रोल निभाने की लिस्ट में सबसे पहला नाम है बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का। ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ यह फिल्म भारतीय अर्थशास्त्री और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर आधारित है। यह फिल्म पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब पर आधारित है। हालांकि यह फिल्म काफी ज्यादा विवादों में रही उसके बाद भी फिल्म में अनुपम खेर की एक्टिंग की खूब प्रशंसा हुई।

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कंगना रनौत:  इस लिस्ट में दूसरा नाम है कंगना रनौत का। कंगना रनौत ने तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के जीवन पर आधारित फिल्म ‘थलाइवी’ में जे जयललिता की भूमिका निभाई थी। फिल्म थलाइवी में कंगना रनौत के लुक से लेकर एक्टिंग को देखने के लिए उनके फैंस ने काफी ज्यादा इंतजार किया था।

Image Source- Economic times

विवेक ओबेरॉय: इस लिस्ट में तीसरा नाम है विवेक ओबेरॉय का। विवेक ओबेरॉय ने फिल्म में पीएम नरेंद्र मोदी की भूमिका निभाई थी। यह फिल्म प्रधानमंत्री मोदी के बचपन से लेकर उनकी चाय की दुकान पर आधारित होने के साथ साथ उनके राजनीति के शिखर पर पहुंचने तक का उनका सफर को दर्शाती है इस फिल्म में विवेक ओबेरॉय ने प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका बखूबी निभाई है।

Image Source- Jagran India

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी: इस लिस्ट में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का नाम भी शामिल होता है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बॉलीवुड फिल्म ‘ठाकरे’ में बालासाहेब ठाकरे की भूमिका निभाई थी। नवाजुद्दीन को उनके बेहतरीन और नेचुरल एक्टिंग के लिए जाना जाता है। क्या आपको पता है फिल्म ‘ठाकरे’ को शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रोड्यूस किया था और इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के लुक की भी काफी ज्यादा चर्चा हुई थी।

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Bengal Elections 2021: चुनाव प्रचार के दम पर क्या बीजेपी लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव में भी पार कर पाएंगी दहाई के आंकडे को…

Bengal Elections 2021: ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया है…


Bengal Elections 2021: अब मात्र दो दिन के बाद ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की 30 सीटों के लिए मतदान किया जाना है। इन मतों के बाद ही पश्चिम बंगाल के अगली  पार्टी और मुख्यमंत्री का निर्धारण होगा। चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने स्तर पर चुनाव प्रचार कर दिया है। हर कोई अपने आप को सर्वोपरि दिखाने की कोशिश में है। बंगाल में मुख्य रुप से लड़ाई भाजपा और तृणमूल के बीच है। लेकिन वहीं दूसरी ओर संयुक्त मोर्चा के गठबंधन ने युवा चेहरों को सीट देकर इन दोनों पार्टियों के लिए एक मुसीबत खड़ी कर दी है। अब देखना है केंद्र और राज्य सरकार की लड़ाई में किसकी जीत होती है।

ममता की चोट का प्रचार

प्रदेश की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी कई मुद्दों पर खुलकर केंद्र सरकार का विरोध कर चुकी है। वहीं दूसरी केंद्र सरकार के कई मंत्री भी यह आरोप लगा चुके हैं कि दीदी केंद्र की योजनाओं को बंगाल में लागू नहीं होने देती है। जिसका सीधा असर जनता पर पड़ रहा है। अब जब प्रदेश में चुनाव होने जा रहे है तो इसके लिए जगह-जगह चुनाव प्रचार हो रहा है। जिसमें आरोप प्रत्यारोपों की झडियां लग रही है। नंदीग्राम में चुनाव प्रचार से लौटते वक्त ममता बनर्जी के पैर पर चोट लग गई थी। जिसके बारे में उनका कहना था कि तीन चार लोगों ने उन  पर हमला किया। जिसके कारण उनके  पैर पर चोट लग गई है। इस हमले के लिए सीधे तौर न सही लेकिन बीजेपी को जिम्मेदार बताया जा रहा था। वही दसूरी ओर बीजेपी के नेता और बंगाल पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में तृणमूल अपनी जमीन से खिसक रही है। जिसके लिए वह ऐसे हंथकंडो का इस्तेमाल कर रही है। इस घटना की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग ने इस घटना की जांच करते हुए कहा कि यह एक हादसा था।

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पुरुलिया मे प्रधानमंत्री और योगी की रैली 

पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव के लिए अपनी रैली की शंखनाद पुरुलिया से किया। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। रैली ने दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मां-माटी-मानुष की बात करने वाली ममता दीदी को दलित, आदिवासियों के   प्रति कोई ममत नहीं है। अगर उनकी प्रति कुछ संवेदना होती तो वह ऐसा नहीं करती। दीदी की सरकार ने माओवादियों की एक नई नस्ल पैदा कर दिया है। जो टीएमसी के माध्यम से गरीबों का पैसा लूटती है। पीएम लोगों के उत्साह को देखते हुए  कहते हैं कि जनता का उत्साह  बता रहा है कि इस पर टीएमसी की पराजय तय है। इस बार बंगाल के चुनाव में सिंडिकेट वालों की पराजय होगी।  बंगाल में कट मनी वाले, तोलाबाजों की भी पराजय होगी। वहीं दूसरी बीजेपी के फायर ब्रिग्रेड नेता और यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी पहले चरण के चुनाव के लिए पुरुलिया में चुनाव प्रचार किया। जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं कृष्ण और राम की धरती से आया हूं। उन्होंने बंगाल की तारीफ करते हुए कहा कि बंगाल ने देश को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों दिया है। लेकिन अब यहां से टीएससी की गुंडगर्दी नहीं चलेगी। दो मई के बाद राज्य से टीएमसी की विदाई निश्चित है। दो मई के बाद टीएमसी के गुंडं को चुन-चुनकर सजा दिलाई जाएगी। बंगाल में अब अराजकता का वक्त खत्म हो रहा है और बीजेपी की सरकार आते ही अराजकता को रफा-दफा कर दिया जाएगा। बंगाल में अब अराजकता का वक्त खत्म हो रहा है।  जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने अपनी रैली की शुरु आत इसलिए यहां से की है क्योंकि लोकसभा चुनाव के दौरान मेरे हेलिकॉप्टर को पुरुलिया में उतरने नहीं दिया गया था। मेरा हेलिकॉप्टर झारखंड में उतरा था और वहां से मैं रोड़ के रास्ते यहां आया था। जिसके कारण मैंने इसे ही चुनाव प्रचार के लिए चुना है।

आंकड़ों का खेल

आंकड़ों की बात करें तो साल 2016 में हुए चुनाव में तृणमूल को 211 सीटें मिली थी। जबकि 294 सीटों में मात्र 3 सीटों पर ही  बीजेपी जीत हासिल कर पाई थी। ऐसे में बीजेपी के लिए उस वक्त यह लड़ाई बहुत कड़ी थी। लेकिन साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में  बीजेपी में अपने आप को मजबूत करते हुए 42 सीटों में 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं दूसरी ओर तृणमूल  22 सीटों पर ही कब्जा जमा पाई है। साल 2019 में जिन सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। उनमें हिंदी भाषी सीटों की संख्या भी अच्छी खासी है। लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान हिंदी बेल्ट की सीटों में हिंदी प्रत्याशियों को सीट से मरहूम रखा गया है। जिसका असर चुनाव में देखने को मिल सकता है। दो मई को आने वाले फैसले पर बीजेपी का प्रचार कितना असर कर पाता है यह अभी देखना बाकी है।

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Janta curfew: 24 मार्च 2020 की वो तारीख जो इतिहास में लॉकडाउन के नाम से जानी जाएगी…

 Janta curfew: आज जनता कर्फ्यू को पूरा हुआ एक साल


चीन के वुहान शहर से शुरू हुई कोरोना वायरस महामारी ने धीरे धीरे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। इस महामारी से भारत भी अछूता नहीं रहा। इस कोरोना वायरस महामारी ने भारत को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। इस दौरान दुनिया के ज्यादातर देशों ने लॉकडाउन का एलान किया था। महामारी के दौरान भारत ने भी ऐतिहासिक लॉकडाउन का एलान किया था। 19 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 135 करोड़ देशवासियों को संबोधित कर के ये अपील की थी कि 24 घण्टे के लिए पुरे देश में जनता कर्फ्यू लगाया जायेगा , जिसमें सबको अपना अपना सहयोग देना है। अपील का असर ये हुआ था कि 24 घंटे के लिए पूरे देश में सन्नाटा पसर गया। शहर हो या गांव, सोसाइटी हो या दफ्तर, हर जगह सिर्फ सन्नाटा ही सन्नाटा हो गया। आज इस जनता कर्फ्यू को पूरा एक साल हो गया।

30 जनवरी को भारत में पाया गया था कोरोना वायरस का पहला केस

साल 2020 में 30 जनवरी को भारत में पहला कोरोना वायरस का केस पाया गया था। उस समय न तो डॉक्टर्स को पता था न ही लोगों की ये बीमारी कैसी है और कब-तक खत्म होगी। धीरे धीरे इस महामारी ने भयानक रूप ले लिया। जिसके बाद मार्च में जाकर केंद्र सरकार ने सख्त फैसले लेते हुए पूरे देश में एक दिन का जनता कर्फ्यू लगा दिया। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 24 मार्च को एक बार फिर जनता को संबोधित किया और इसी के साथ 21 दिन के लॉकडाउन का एलान भी कर दिया। यानि कि इन 21 दिन में न तो आप कही जा सकते थे और न कही से आ सकते थे

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Image source – abp live

कोरोना लॉकडाउन की कुछ चीजे जो कभी कोई नहीं भूल सकता

सभी ने अपना काम खुद किया: कोरोना लॉकडाउन के दौरान हमने देखा कि लोगों ने अपने काम खुद किये थे फिर चाहे वो टीवी स्टार हो या बॉलीवुड सितारें या फिर कोई बिजनेसमैन। सभी लोगों ने अपने सारे काम खुद किए। कोरोना लॉकडाउन के दौरान आपने देखा होगा कि कभी किसी बॉलीवुड हसीना की झाड़ू लगाते हुए वीडियो वायरल हो रहा है तो कभी किसी की किचन में खाना बनाते हुए।

घर में सभी लोग साथ बैठ कर टीवी शो देखते थे: अपने देखा होगा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर लोगों के पास कोई काम नहीं था तो सभी लोग अपने घर पर अपनी फॅमिली के साथ बैठ कर टीवी शो देखते थे। जैसा कि हम जानते है कि लॉकडाउन के दौरान पूरा देश बंद था। जिसके कारण किसी भी शो की सूटिंग नहीं हो पा रही थी। लोगों को  टीवी पर सारे पुराने शो देखने को मिल रहे थे जैसे रामायण, महाभारत आदि।

परिवार वालों के साथ समय: जैसे की हम सभी लोग जानते है कि आज के समय में सभी लोगों का लाइफस्टाइल इतना बिजी होता है कि किसी के पास भी एक दिन का समय नहीं है कि वो घर पर रह कर अपनी फॅमिली के साथ समय बिताए। ऐसे में कोरोना लॉकडाउन के कारण लोगों को एक अच्छा मौका मिला की लोग बिना किसी टेंशन के अपनी फॅमिली के साथ समय बिता सकें। जो वो नार्मल समय में नहीं कर पाते।

ऑफिस को घर से भी चलाया जा सकता है: एक तरफ जहां कोरोना वायरस महामारी ने लाखों लोगों की जान ले ली है तो वही कोरोना वायरस महामारी ने हमें बहुत कुछ सीखा भी दिया है। अगर आप देखे तो पहले आपको रोज ऑफिस जाना होता था जिसमें आपको रोज एक से दो घटे खराब करने पड़ते थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के दौरान हमने देखा की जो काम हम घटों लगा कर ऑफिस जा कर करते थे वही काम हम घर बैठ कर भी कर सकते है।

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बीजेपी के कुल 30 नए चेहरों में दूसरे चरण के मतदान में 14 लोग मैदान में…

कुछ पहले सांसद रह चुके हैं तो कुछ दूसरे पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए हैं.


बिहार में दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को होने वाला है. जिसमें 94 विधानसभा सीट पर लगभगग 1400 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमां रहे हैं. दूसरे चरण के मतदान के लिए बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों से जमकर जनता का समर्थन मांगा है. पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रचार के लिए आएं हैं.

और पढ़ें: दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के लिए कहीं बेटी तो कहीं भाई आया जनता से समर्थन मांगने

एनडीए की 110 सीटों पर चुनाव लड़ रही बीजेपी ने इस बार 30 नए चेहरों को मौका दिया  है. जिसमें 14 लोग दूसरे चरण में और बाकी 8-8 पहले और तीसरे चरण में अपनी किस्मत आजमां रहे हैं. इनमें कुछ ऐसे है जो पहले सांसद रह चुके हैं तो कुछ दूसरे पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए हैं. दूसरे चरण 14 प्रत्याशियों के नाम इस प्रकार हैं. उजियारपुर से शील कुमार राय, सीवान से ओम प्रकाश यादव, अमनौर से कृष्णा कुमार मंटू, सीतामढी से डॉ मिथलेश कुमार, गोविंदगंज से सुनील मणि त्रिपाठी, मोहिउद्दीनगर से राजेश सिंह, बेगूसराय से कुंदन सिंह, भागलपुर से रोहित पांडे, मनेर से डॉ. निखिल आनंद, रोसड़ा से सत्येंद्र सिंह, लालगंज से संजय कुमार सिंह, फतुहा से सतेंद्र सिंह, बखरी(सु) से रमाशंकर पासवान, चनपटिया से उमाकांत सिंह.

आपको बता दें साल 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 157 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारा था. इस बार एनडीए के गठबंधन में बीजेपी की झोली में सिर्फ 110 सीटें ही आई हैं.

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रोड़ नहीं तो वोट नहीं के तर्ज पर पहले चरण के मतदान में मतदाताओं में ने किया वोट का बहिष्कार

पीएम मोदी और राहुल गांधी दोनों के आज की चुनावी रैली


आज बिहार चुनाव के पहले चरण का मतदान पूरा हो गया. शाम 6 बजे तक सभी 16 जिलों की 71 सीटों पर वोट प्रतिशत 53.54% रहा. जबकि 2015 चुनाव के पहले चरण में सभी 49 सीटों पर 57 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके अलावा आज दिनभर बिहार चुनाव को लेकर कई रैलियां हुई.  कुछ के बारे में आपको बताते हैं.

पीएम मोदी की रैली

पहले चरण के साथ ही आज बिहार में पीएम मोदी दूसरी बार चुनावी रैली के लिए यहां आएं. उन्होंने तीन  रैलियां से बिहार की जनता को संबोधित किया. पहली रैली दरभंगा, दूसरी मुजफ्फरपुर और तीसरी रैली पटना में की. पहली रैली में दरभंगा में पीएम में अपने भाषण की शुरुआत मैथिली में लोगों का अभिवादन करते हुए की और दरभंगा में एयरपोर्ट के सपने के पूरे करने की बात के साथ खत्म किया. पटना में पीएम मोदी ने युवाओं पर चर्चा करते हुए कहा हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ग्रुप सी और ग्रुप डी की परीक्षाओं से इंटरव्यूय को हटाया ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा रोजगार प्राप्त कर सकें. इसके अलावा महागठबंधन पर लगातार निशाना साधते हुए लालू यादव के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा जंगलराज वाले लोग सत्ता में आए तो फिर से अपहरण का बाजार बन जाएगा बिहार.

राहुल गांधी

दूसरे चरण के मतदान के लिए मैदान-ए-जंग पर सभी पार्टियों ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं. इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दो रैलियां की, जहां उन्होंने तेजस्वी की खूब तारीफ की. इससे पहले आज सुबह उन्होंने ट्वीट करते हुए लोगों से महागठबंधन को वोट करने के लिए कहा. जिस पर विपक्ष ने उनपर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. वहीं दूसरी ओर अपनी रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा पंजाब का किसान कृषि बिल से परेशान है और दशहरे पर रावण की जगह पीएम मोदी, अडाणी और अंबानी के पुतले जला रहे हैं. इसके अलावा रोजगार पर  बात करते हुए उन्होंने कहा पीएम ने 2 करोड़ की नौकरी का वायदा किया था. लेकिन अगर आज इस पर बात करेंगे तो हो सकता हैं लोग यहां से भाग जाएंगे.

बिहार के अन्य हिस्सों में मतदान के दौरान माहौल

कसिस न्यूज की खबर के अनुसार पटना की पालीगंज विधानसभा सीट पर लोगों ने रोड़ नहीं तो वोट नहीं के तर्ज पर आज वोट का बहिष्कार किया.  प्रसाशन ने जबरन जीविका दीदी से  वोट डलवा दिया. जिसके बाद हंगामा हो गया. ऐसा ही बह्मपुर विधानसभा की सईहार पंचायत में देखने को मिला जहां रोड़ नहीं वोट नहीं के कारण दोपहर बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा. लखीसराय में बच्चों का खेल ग्राउंड बंद होने से ग्रामीणों में वोट का बहिष्कार किया. कैमूर में मतदान केंद्र पर राजद और बीजेपी के कार्यकर्ता आपस मे भिड़ गए.

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जाने मोदी सरकार द्वारा चलाया गया ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत कितना साफ़ हुआ

जाने क्या है स्वच्छ भारत अभियान, साथ ही जाने कितना साकार हुआ स्‍वच्‍छ भारत का सपना


महात्मा गांधी ने अपने आस पास के लोगों को स्वच्छता और तंदुरुस्त बनाएं रखने के लिए इससे संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था. महात्मा गांधी ने “स्वच्छ भारत”का सपना देखा था जिसमे वो हमेशा से चाहते थे कि हमारे देश में सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें. महात्मा गांधी जी के इस सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जन्मदिन के अवसर पर  ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत 2 अक्‍टूबर 2014 को दिल्ली के मंदिर मार्ग से की थी. साथ ही उन्होंने भारत के सभी लोगों से इस ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से जुड़ने की अपील की.

स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्ष में स्वच्छ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना था. ताकि पूरा देश महात्मा गांधी के 150वीं जयंती को इस लक्ष्य की प्राप्ति के रूप में मनाया जा सके. साथ ही साथ स्वच्छ भारत अभियान लोगों को सफाई करने की दिशा में भी हर साल 100 घंटे के श्रमदान के लिए प्रेरित करता है. स्वच्छ भारत अभियान के लिए नरेंद्र मोदी जी ने सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, शशि थरूर, अनिल अंबानी, कमल हसन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा, मृदला सिन्हा और तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम जैसी नामचीन हस्तियों को इसके लिए आमंत्रित किया. ताकि वो भी इस स्वच्छ भारत अभियान में अपना सहयोग प्रदान कर सकें.

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स्वच्छ भारत अभियान को दो भागों में बांटा गया

महात्मा गांधी जी के सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गयी थी. जिसे उन्होंने दो भागों में बांटा था ‘स्वच्छ भारत ग्रमीण’ और  ‘स्वच्छ भारत शहरी’. आपने देखा होगा की हमारे देश में सालों से खुले में शौच करना चला आ रहा है जिसके कारण कई बीमारियां भी फैलती हैं. साथ ही साथ ये महिलाओं के लिए सुरक्षा से जुड़ा मामला है, क्योंकि घर में शौचालय न होने के कारण उनको दिन तो छोडो रात के अंधेरे में भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. अभी स्वच्छ भारत अभियान को लेकर मोदी सरकार दावा कर रही है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत उनका लक्ष्य 96.25 फ़ीसदी पूरा हो चुका है.

स्वच्छ भारत ग्रमीण: स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों में हर घर में शौचालय बनाने और खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है. 

स्वच्छ भारत शहरी: स्वच्छ भारत अभियान के तहत घरों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी शौचालय हो, ये सुनिश्चित करना इस मिशन का मक़सद है. साथ ही कूड़ा-कचरा प्रबंधन पर भी मिशन में ज़्यादा फ़ोकस है.

एक दावा शौचालय

स्वच्छ भारत ग्रमीण के तहत 23 अप्रैल, 2017 तक 3,95,51,025 शौचालय बनाये गये. जिनमें से 192,403 गाँव और 134 ज़िलों को खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त बनाया गया. साथ ही साथ नमामि गंगे अभियान के तहत भी 3,818 गाँवों को खुले में शौच मुक्त बनाया गया है. स्वच्छ भारत अभियान के तहत अभी तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम और केरल इन सभी गाँवों को खुले में शौच से मुक्त बनाया गया है. जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना इन सभी राज्यों में अभी तक 50 फीसदी के आस-पास काम हो गया है. वही दूसरी ओर बिहार, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर व अन्य राज्यों  में अभी तक 29.01 फीसदी ही काम हुआ है.

स्वच्छ भारत अभियान में घोटाले 

स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश में करीब 540 करोड़ रु का स्वच्छ शौचालय घोटाला हुआ था सूत्रों के मुताबिक सरकार ने साल 2012 से 2018 के बीच देश में करीब 4.5 लाख शौचालय का निर्माण किया था जो सिर्फ कागजों पर ही थे. इतनी बड़ी संख्या में शौचालय बनाए ही नहीं गए थे बस नए शौचालयों की संख्या 4.5 लाख दिखाने के लिए अधिकारियों ने कहीं और के शौचालयों की फोटो लगा दी थी. इस घोटाले की पोल तब खुली जब अधिकारियों ने शौचालयों की फोटोग्राफ के जरिए उन्हें GPS से टैग करने की कोशिश की.

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